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मत्स्याखेट:मध्यप्रदेश के मछुआरे राजस्थान की सीमा में आकर कर रहे मत्स्याखेट

सवाई माधोपुर6 दिन पहले
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बालेर |चंबल घड़ियाल चंबल नदी में मध्यप्रदेश के मछुआरे राजस्थान की सीमा में आकर कर रहे मत्स्याखेट। - Dainik Bhaskar
बालेर |चंबल घड़ियाल चंबल नदी में मध्यप्रदेश के मछुआरे राजस्थान की सीमा में आकर कर रहे मत्स्याखेट।
  • चंबल में अवैध खनन... लॉकडाउन का उठा रहे फायदा, जलीय जीवों के लिए खतरा

उपखंड मुख्यालय के अंतर्गत चंबल घड़ियाल अभयारण्य में इन दिनों लॉक डाउन की गतिविधियों का माफिया जमकर फायदा उठा रहे हैं। जहां एक और प्रशासन कोरोना फैलाव को रोकने में व्यस्त हैं। वही चंबल नदी में अवैध खनन एवं मत्स्याखेट जोरों पर है। चंबल नदी के सभी प्रमुख घाटों पर सुबह से देर शाम तक मत्स्याखेट व अवैध खनन माफिया सक्रिय बने हुए हैं।चंबल घड़ियाल अभयारण्य में इन दिनों घड़ियालों का नवजीवन मत्स्याखेट के चलते घातक बना हुआ है।

मध्यप्रदेश के मछुआरे राजस्थान की सीमा में जाल बिछाकर अलसुबह से देर शाम तक मत्स्याखेट करते हैं। मछुआरों के जाल में फसे बच्चों का जीवन खतरे में ही रहता है। वही अवैध खनन के चलते गहरी खाइयों में फंस कर जलीय जीवों का जीवन संकट में ही रहता है। लॉक डाउन की गतिविधियों का खनन माफिया एवं मछुआरे जमकर फायदा उठा रहे हैं।कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए सरकार द्वारा जारी गाइड लाइन में लॉक डाउन के साथ साथ सरकारी कार्यालयों का समय भी निश्चित कर देने से विभागीय अधिकारी कार्मिक निश्चित समयावधि में ही अपनी ड्यूटी को अंजाम दे रहे हैं।

उच्चाधिकारियों द्वारा भी इसकी इन दिनों संभव नहीं होने से अवैध खनन एवं अवैध मत्स्याखेट को रोकने टोकने बाला कोई नहीं है।जिसके चलते चंबल घड़ियाल अभयारण्य में अवैध गतिविधियां फल फूल रही है।चंद लालच में लोग पर्यावरण के साथ घातक खिलवाड़ करने पर तुले हुए हैं। चंबल नदी के तटीय इलाकों में अवैध खनन माफिया सक्रिय हैं। जिससे चंबल नदी किनारे गहरी खाई जलीय जीवों के लिए घातक साबित हो सकती है।

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