पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

प्रशासन के सख्त निर्देश:लॉकडाउन की घोषणा से दोगुने हुए खाद्य सामग्री के दाम; अधिकारी बोले- शिकायत पर कार्रवाई होगी

सवाई माधोपुरएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
लॉकडाउन घोषणा के बाद खरीदारी को उमड़ी भीड़। - Dainik Bhaskar
लॉकडाउन घोषणा के बाद खरीदारी को उमड़ी भीड़।
  • कालाबाजारी }20 रुपए किलो बिकने वाला आलू 30 रुपए में बेच रहे,

कोरोना महामारी की रोकथाम के लिए प्रदेश में लॉकडाउन की घोषणा के बाद खंडार क्षेत्र में खाद्य सामग्रियों के दाम डेढ़ से दोगुना तक पहुंच गए हैं। कोरोना संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए मुख्यमंत्री ने गुरुवार रात करीब 10 बजे प्रदेश में 10 से 24 मई तक सख्त लॉकडाउन की घोषणा की गई थी।

जब शुक्रवार सुबह आम उपभोक्ता अपने जरूरत के सामान एवं खाद्य सामग्री बाजार में लेने पहुंचे तो एक ही रात में यहां बड़े हुए दाम सुनकर उनके होश उड़ गए। आम उपभोक्ताओं ने बताया कि कल तक बाजार में जो सामान 20 रुपए का बिक रहा था, वही सामान आज 30 से 40 रुपए तक भारी भीड़ व मारामारी के बीच बेच रहा है। वहीं बड़ी हुई रेटों के बारे में दुकानदार ग्राहकों को पूछने तक का मौका नहीं दे रहे थे।

डेढ़ से दोगुना बढ़े सब्जियों के दाम

ग्रामीणों ने बताया कि कस्बे की सब्जी मंडी में लॉकडाउन की घोषणा के बाद सब्जियों के दाम डेढ़ से दोगुना तक बढ़ गए हैं। उन्होंने बताया कि एक दिन पहले सब्जी मंडी में 20 रुपए किलो बिकने वाला आलू आज 30 रुपए किलो बिक रहा था। वहीं 5 रुपये प्रति किलो बिकने वाला टमाटर आज 15 से 20 रुपए किलो तक बिक रहा था।

तोरई का भाव 10 रुपए प्रति किलो से बढ़कर 20 रुपए किलो तक पहुंच गया। इसी तरह प्याज, पालक, ग्वार की फली, मूली, लोकी, टिंडा, कद्दू, केरी, भिंडी, बेंगन, नीबू आदि के दामों में भी डेढ़ से दोगुने तक वृद्धि देखी गयी।

धूम्रपान सामग्रियों पर तीन से चार गुना बढ़ोतरी

ग्रामीणों ने बताया कि लॉकडाउन की तरह ही इस बार भी व्यापारियों व दुकानदारों ने गुटखे व तम्बाकू उत्पादों के हो रहे भारी भरकम स्टाकों कर छिपा दिया है। इसी का फायदा उठाते हुए कई दुकानदार धूम्रपान सामग्री के तीन-चार गुना दाम वसूल रहे हैं। किराना समानों के दामों में भी बढ़ोतरी की शुरुआत हो चुकी है।

मनोज कुमार वर्मा उपजिला कलेक्टर खंडार का कहना है कि कोई भी दुकानदार या व्यापारी ग्रामीणों से समानों के निर्धारित दर से अधिक पैसे वसूल रहा है तो ग्रामीण उसकी शिकायत प्रशासन को करें, उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

खबरें और भी हैं...