फिर विवादों में MLA रामकेश मीणा:आमागढ़ फोर्ट पर भगवा ध्वज फाड़ा, हिंदू संगठनों ने दर्ज कराया मामला; सचिन पायलट को बाहरी बताने के साथ जन्मदिन पर तिरंगा केक काट रह चुके विवादों में

सवाई माधोपुर3 महीने पहले
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विधायक रामकेश मीणा (फाइल फोटो)। - Dainik Bhaskar
विधायक रामकेश मीणा (फाइल फोटो)।

जिले के गंगापुर सिटी MLA रामकेश मीणा हाल ही जयपुर के आमागढ़ से भगवा ध्वज फाड़ने के बाद चर्चा में हैं। विधायक भगवा ध्वज फाड़ने के बाद हिंदू संगठनों के निशाने पर आ चुके हैं। उनके खिलाफ ट्रांसपोर्ट नगर पुलिस थाने में बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद सहित अन्य हिंदू संगठनों ने मामला दर्ज करवाया है। वहीं रामकेश मीणा ने भी हिंदू संगठनों के खिलाफ ट्रांसपोर्ट नगर पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट दर्ज करवाई है। कुल मिलाकर MLA रामकेश मीणा का विवादों से गहरा नाता रहा है।

MLA रामकेश मीणा इससे पहले भी कई बार अपने बयानों की वजह से विवादों में रहे हैं। जिले के गंगापुर सिटी विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय विधायक पहले बसपा से MLA रह चुके हैं। वे कांग्रेस में शामिल होकर पिछली गहलोत सरकार में संसदीय सचिव भी रह चुके हैं। इसके बाद इन्होंने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा व हार गए। अगला चुनाव कांग्रेस से टिकट नहीं मिलने पर निर्दलीय लड़ा और जीते।

MLA रामकेश मीणा के जन्मदिन पर काटा गया तिरंंगा केक।
MLA रामकेश मीणा के जन्मदिन पर काटा गया तिरंंगा केक।

अपने जन्मदिन पर काट चुके हैं तिरंगा केक

दरअसल, स्वतंत्रता दिवस के दिन ही MLA रामकेश मीणा का जन्मदिन भी था। इस जश्न को मनाने के लिए जन्मदिन समारोह का आयोजन हुआ था। इसमें बड़ी संख्या में विधायक के समर्थक आए थे। इसी दौरान उन्होंने केक काटकर खुशियां मनाईं थीं, लेकिन इन्होंने जो केक काटा उसका रंग और आकार तिरंगे के रूप में था। इसकी आलोचना सभी लोगों ने की थी।

पूर्व विधायक मानसिंह गुर्जर ने विधायक मीणा के इस कार्य को गंभीर अपराध बताते हुए एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी। उन्होंने इस सिलसिले में पुलिस से FIR दर्ज कराने की मांग पर परिवाद भी दिया है। विधायक के तिरंगा केक काटे जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था। इस वीडियो में वे समर्थकों के बीच तिरंगा रुपी केक काटकर जश्न मनाते हुए दिख रहे थे।

आदिवासियोंं को हिन्दू न बताकर कर चुके अलग कोड की मांग

जयपुर में आयोजित एक दिवसीय राष्ट्रीय आदिवासी सम्मेलन के दौरान MLA रामकेश मीणा ने कहा था कि आदिवासियों के लिए अलग से धर्म कोड होना चाहिए। इसी धर्म कोड के अनुसार आदिवासियों की जनगणना भी होनी चाहिए। उन्होंने कहा था कि चाहे मीणा हो चाहे गरासिया हो, ये हिंदुओं में शामिल नहीं हैं और इनका धर्म हिंदू नहीं हैं।

रामकेश मीणा ने मांग करते हुए कहा था कि जनगणना के दौरान एक अलग से धर्म कोड बनाया जाए ताकि आदिवासियों की जनसंख्या का पता लग सके। MLA ने यह भी कहा था कि पूरे देश का आदिवासी हिंदू में सम्मिलित नहीं है। आदिवासियों का धर्म हिंदू नहीं हैं। उन्होंने आरएसएस पर निशाना साधते हुए कहा था कि आरएसएस की ओर से हमें जबरन हिंदू बताया जा रहा है और हमारा उपयोग किया जा रहा है।

सचिन पायलट को बता चुके हैं बाहरी

रामकेश मीणा डिप्टी सीएम सचिन पायलट को लेकर भी विवादित बयान दे चुके हैं। वे सचिन पायलट को बाहरी बता चुके हैं। उन्होंने विवादित बयान देते हुए कहा था कि सचिन पायलट राजस्थान में कोई जागीर नहीं छोड़कर गए हैं।

सचिन पायलट बाहरी व्यक्ति हैं। वे यहां क्या मांगते हैं? पायलट सीएम बनना चाहते हैं तो यहां के लोग मर गए हैं क्या? इसी के साथ उन्होंने सचिन पायलट पर जातिवाद के आरोप भी लगाए थे।

जय श्रीराम लिखा भगवा ध्वज फाड़ने के बाद आए विवादों में

हाल ही आमागढ़ फोर्ट से भगवा ध्वज को फाड़ने और उसके अनादर का एक वीडियो सामने आया। वीडियो में MLA मीणा भी दिख रहे हैं। इस पर हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को ट्रांसपोर्ट नगर थाने में धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में 40-50 लोगों के खिलाफ FIR कराई। विधायक की गिरफ्तारी की मांग भी की गई। शुक्रवार को यह विवाद और गरमा गया और ट्विटर पर ट्रेंड करने लगा। उधर, मीणा समाज ने भी ट्रांसपोर्ट नगर थाने में FIR कराई है। ट्विटर पर जंग में एक पक्ष ने रामकेश के पक्ष में तो दूसरे पक्ष ने विरोध में ट्वीट किया।

सोशल मीडिया पर #Arrest_Ramkesh_Meena और #मैं_रामकेश_मीना_के_साथ_हूं, ट्रेंड करता रहा था। एक पक्ष भगवा ध्वज के अपमान का मुद्दा उठाते हुए मीणा की गिरफ्तारी की मांग कर रहा है। दूसरा पक्ष आमागढ़ को मीणा आदिवासी समाज की आस्था का केंद्र बताते हुए रामकेश मीणा के समर्थन में खड़ा है।

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