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अनदेखी:गंदे नाले में तब्दील हुई गिलाई सागर बांध की नहर, 5 वर्ष से सफाई के नाम पर खानापूर्ति

सवाई माधोपुर16 दिन पहले
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खंडार| गंदे नाले में तब्दील गिलाईसागर बांध की नहर। - Dainik Bhaskar
खंडार| गंदे नाले में तब्दील गिलाईसागर बांध की नहर।
  • लोगों का जीना हुआ दुश्वार, जिम्मेदार अफसरों ने मूंद रखी है आंखें

रणथंभौर राष्ट्रीय अभयारण्य के गिलाईसागर बांध की नहर इन दिनों गंदे नाले में तब्दील है। इसकी सफाई के नाम पर पिछले 5 वर्ष से महज खानापूर्ति ही होती आ रही है। यही कारण है कि आज यह नहर बद से बदहाल स्थिति में पहुंच चुकी है। दूसरी ओर जिम्मेदारों द्वारा इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा हैं, जिससे क्षेत्र के ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ब्रिटिश शासन काल में बने गिलाईसागर बांध की नहर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के चलते लंबे समय से उपेक्षा का शिकार हो रही है। हालात यह है कि नहर में पॉलिथीन, कांच, जुते, चप्पल, फटे पुराने कपड़े व अन्य तरह की गंदगी व कचरा भारी मात्रा में भरा पड़ा है। इतना ही नहीं नहर की दोनों साइडों में भारी मात्रा में विदेशी बबूलों का जमघट लग रहा है, जिससे यह पूरी नहर दिखाई तक नहीं देती है।

खतरें में स्कूल की बालिकाओं का स्वास्थ्य इसकी सड़ांध से आसपास की कॉलोनियों में लोगों का जीना दुश्वार हो रहा है। इतना ही नहीं इस नहर से मात्र 10 कदम की दूरी पर ही खंडार का राबाउमावि स्थित है। विद्यालय में पहुंचने वाली नहर की दुर्गंध से अध्ययनरत बालिकाओं व स्टाफ को भी न केवल परेशानी हो रही है बल्कि उनका स्वास्थ्य भी खतरे में है।

सफाई के नाम पर हरवर्ष होती है गड़बड़ी किसानों ने बताया कि विभाग में बजट नहीं है जबकि अधिकारियों द्वारा नहर की साफ सफाई के नाम पर प्रतिवर्ष लाखों रुपए का बजट उठाया जाता है। अफसरों की इस कारगुजारी की पिछले वर्ष खंडार एसडीएम को भी शिकायत की गई थी, जिसपर एसडीएम द्वारा सिचाई विभाग के अफसरों को फटकार लगाई गई थी

सरकार के करोड़ों रुपए पर फिरा गंदा पानी सुरेशचंद भौपरिया एक्सईएन सिचाई विभाग सवाईमाधोपुर का कहना है कि नहर में पूरे खंडार शहर की गंदगी और गंदा पानी आ रहा है जिससे यह नहर सड़ रही है। इसमें हम कुछ नहीं कर सकते। इस मामले को हमने ग्राम पंचायत, पंचायत समिति, तहसीलदार, उपजिला कलेक्टर, कलेक्टर, यहां तक कि सभी तरह के अभियान एवं शिविरों में उठाया है लेकिन समस्या का कोई निस्तारण नहीं हो पाया है। अब अक्टूबर में प्रशासन गांवों के संग अभियान आ रहा है इसमें भी हम इस मामले को उठाएगें। नहर जिससे सिचाई होनी है उसी में लोग गंदगी डाल रहे हैं, जिससे किसानों के खेत खराब हो रहे हैं, कई तरह के कैमिकल खेतों में पहुंच रहे है जो उपजाऊ मिट्‌टी, फसलों और स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है। यह नहर पूर्व में कच्ची ही ठीक थी, इसे पक्का करके हमने गलती की है।

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