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सवाईमाधोपुर जिले में ब्लैक फंगस से पहली मौत:मलारना चौड़ निवासी गिर्राज मीणा ने तोड़ा दम, कोरोना निगेटिव होने के बाद हालत बिगड़ी

सवाई माधोपुर2 महीने पहले
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गिर्राज मीणा। - Dainik Bhaskar
गिर्राज मीणा।

जिले में 2 जून को सामने आए ब्लैक फंगस रोगी की शुक्रवार देर रात मौत हो गई। जिससे परिजनों में गहरा शोक व्याप्त है। जिले के मलारना चौड़ निवासी गिर्राज मीणा पुत्र बुधराम मीणा (55) को पहले से ही बीमारियां थीं। उनको दिल की बीमारी थी। इसी के साथ 5 साल पहले उनकी किडनी ट्रांसप्लॉट हुई थी। मई में उन्हें कोरोना हो गया था। कोरोना के दौरान उन्हें स्टेरॉयड भी दिए गये थे। वे कोरोना नेगेटिव हो गए थे, लेकिन उसके कुछ दिन बाद ही उनकी दाईं आंख में सूजन आने पर उन्हें जिला अस्पताल से जयपुर रैफर कर दिया था।

उन्हें महात्मा गांधी अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। अस्पताल में भर्ती करवाने पर उन्होंने राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही चिरंजीवी योजना में रजिस्ट्रेशन कराया। रजिस्ट्रेशन के बाद अस्पताल प्रशासन व सीएम हेल्पलाइन के पेंच में फंस गए। अस्पताल प्रशासन का कहना था कि रजिस्ट्रेशन भर्ती करवाने के बाद करवाया है। इसलिए योजना में इलाज नहीं हो पाएगा। परिजनों ने इन्हें फिर सवाई मानसिंह अस्पताल में भर्ती करवाया गया था।

डॉक्टरों ने आपरेशन से दूसरी किडनी फेल होने की बात कही थी जबकि इनकी एक आंख पहले से ही खराब होने, दूसरी आंख जाने का खतरा होने का कारण परिजन इन्हें घर ले आए थे। फिलहाल गिर्राज का इलाज घर पर ही डॉक्टरों के बताये अनुसार चल रहा था।

जिले में नहीं है ब्लैक फंगस के इलाज के लिए कोई अस्पताल

राज्य सरकार की ओर से राज्य में ब्लैक फंगस का इलाज प्रदेश के दस अस्पतालों में निर्धारित किया गया है। जिनमें जिले का एक भी अस्पताल नहीं है। इतना ही नहीं ब्लैक फंगस का संभाग स्तर पर भी कोई अस्पताल नहीं है। फिलहाल जिला अस्पताल से ब्लैक फंगस के रोगियों को जयपुर रैफर किया जाता है।

जिले के पहले मरीज की हालत खतरे से बाहर

जिले में गिर्राज से पहले एक ब्लैक फंगस का पहला मामला पिछले महीने ही सामने आया था। भेडोला निवासी कालू सिंह को कोरोना के बाद ब्लैक फंगस हो गया था। इसके बाद उसका इलाज जीवन रेखा तथा सवाई मानसिंह अस्पताल में जयपुर में किया गया। हालत में सुधार नहीं होने पर दिल्ली एम्स में भर्ती कराया गया। जहां डॉक्टरों ने उसकी एक आंख को निकाल लिया है तथा उपचार जारी है। फिलहाल मरीज एम्स में भर्ती है तथा खतरे से बाहर है।