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बैन एरिया में महिला फोटोग्राफर को फाेटोशूट की परमिशन, विवाद:तीन महीने से टूरिस्ट के लिए बंद बाघ की टेरिटरी में फोटोग्राफर 1 घंटे तक घुमीं, दोनों शावकों के फोटो भी शेयर किए, विवाद होने पर हटाए

सवाई माधोपुरएक महीने पहले
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टी-114 का नन्हे शावक। - Dainik Bhaskar
टी-114 का नन्हे शावक।

रणथम्भौर नेशनल पार्क में आम और खास दोनों के लिए अलग-अलग नियम है। यहां के अधिकारी भी इन नियमों को अपने हिसाब से बदलते रहते हैं। ऐसा ही एक मामला हाल ही में सामने आया। नेशनल पार्क में जोन नम्बर दस एरिया में टी- 114 ने दो शावको को जन्म देने के बाद से आमजन के लिए पर्यटन बंद कर दिया गया था। इसके पीछे अधिकारियों का यह तर्क था कि शावक अभी छोटे हैं और फीमेल टाइगर एग्रेसिव हो सकती है।

इंस्टाग्राम पर शेयर पोस्ट।
इंस्टाग्राम पर शेयर पोस्ट।

सामने आया कि विभाग द्वारा खास लोगों को इस बाघिन के दीदार कराए जा रहे हैं। वन विभाग की ओर से वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर के लिए टी 114 व दोनों शावकों का फोटो शूट करवाया गया। जबकि विभाग के अनुसार यहां अभी पर्यटकों की एंट्री बंद है। नियमों को ताक में रख प्रियंका अग्रवाल नाम की वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर ने इन फोटो को अपनी इंस्टाग्राम आईडी से शेयर किया गया। जिसके बाद मामला बढ़ता देख इस आईडी से फोटो डिलीट कर दिए गए, लेकिन तब तक इन फोटो के स्क्रीन शॉट वायरल हो चुके थे।

टी-114 का दूसरे शावक की शेयर पोस्ट।
टी-114 का दूसरे शावक की शेयर पोस्ट।

यह है मामला

3 जुलाई को प्रियंका अग्रवाल नामक एक वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर की इंस्टा आईडी से टी-114 व उसके दो शावकों के फोटोग्राफ शेयर किए गए। जिसमें बताया गया कि वह करीब 1 घंटा जोन नंबर 10 में 114 वे उसके दोनों शावकों को अठखेलियां करते हुए देखा था। इस घटना के बाद लोगों का कहना है कि वन विभाग की ओर से कानून सिर्फ आम लोगों के लिए है। जबकि खास लोग सरेआम इनकी धज्जियां उड़ा सकते हैं।

वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर प्रियंका अग्रवाल। जिन्हें बैन एरिया में परमिशन दी गई।
वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर प्रियंका अग्रवाल। जिन्हें बैन एरिया में परमिशन दी गई।

अप्रैल माह में दो शावको के साथ दिखाई दी थी टी-114

अप्रैल माह में टी-114 अपने दो शावकों के साथ दिखाई दी थी। जिसके बाद वन विभाग ने टी- 114 के दो शावकों को जन्म देने की पुष्टि की थी। जिसके बाद से जोन नंबर 10 में जहां टी 114 की टेरिटरी है। वहां पर्यटन बंद कर दिया था। अब ऐसे में सवाल उठता है कि जब पर्यटन बंद है तो फिर वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर टी- 114 के फोटो सोशल मीडिया पर कैसे शेयर कर सकती है और जब ऐसा हुआ है तो क्या वन विभाग जिप्सी, गाइड व इस वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर पर कार्रवाई कर पाएगा।

जिम्मेदार कुछ कहने से बचते दिखे

मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक एम एल मीणा से इस बारे में जब बात की गई तो उन्होंने नेटवर्क नहीं होने के कारण स्क्रीन शॉट नहीं देख सकने की बात कही। जिसके बाद उनसे नेटवर्क में जाने के बारे में पूछा तो उन्होंने यह कहते हुए फोन काट दिया कि इस मामले में स्थानीय अधिकारियों से बात करें। अब ऐसे में प्रश्न उठता है कि जब स्थानीय अधिकारियों की अनदेखी में ऐसा हो रहा है तो फिर मामले में कार्रवाई कौन करेगा।

इनका कहना है

मामला मेरे संज्ञान में दैनिक भास्कर द्वारा लाया गया है। यह एक अनुसंधान का विषय है। जहां पर्यटन प्रतिबंधित है, वहां पर्यटक कैसे पहुंचे। इसकी जांच करवाकर दोषियों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। महेंद्र शर्मा, डीएफओ, रणथम्भौर आरटीआर

VIDEO, रणथम्भौर में दो बाघिनों ने लिए अलग-अलग नियम:एक ने शावकों को जन्मा तो उस क्षेत्र में पर्यटन कर दिया गया बंद, वहीं दूसरी बाघिन मां बनी तो क्षेत्र में आराम से घूमते रहे पर्यटक