अवैध बजरी खनन:बनास ब्रिज पर बजरी खनन, पुलिस आने से पहले ही माफिया हो जाते हैं रफूचक्कर

सवाई माधोपुरएक महीने पहले
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  • सीसीटीवी फुटेज खोल सकते हैं राज, खंडार- बहरावंडा थानों के समीप बेखौफ हैं माफिया

खंडार एवं बहरावंडा कलां थाना क्षेत्र इन दिनों बजरी माफिया की शरणस्थली बना हुआ है। हालात यह है कि दोनों ही थानों के सीमावर्ती क्षेत्र में खनन माफिया बेखौफ होकर बजरी का अवैध खनन एवं परिवहन कर रहे हैं, जिससे एक ओर बनास नदी का प्राकृतिक सौंदर्य प्रभावित हो रहा है, वहीं प्रतिदिन सरकार को लाखों रूपए की राजस्व हानि भी हो रही है। खंडार बालेर मार्ग पर स्थित बनास ब्रिज से लेकर बरनावदा गांव तक बनास नदी में बजरी का अवैध खनन चल रहा है।

खनन माफियाओं द्वारा लोडर एवं जेसीबी मशीनों से नदी के समतल पेटे को खोदकर बजरी निकालकर उसे ट्रेक्टर ट्रोलियों में भरकर मध्यप्रदेश सहित दूरदराज के अन्य स्थानों पर ले जाया जा रहा है। इस कार्य में लगभग 150 से अधिक ट्रैक्टर ट्रॅाली लगे हुए हैं, जो नदी में पहुंचकर बारी बारी से अवैध खनन की बजरी का परिवहन बेरोकटोक कर रहे हैं। इससे माफिया को प्रतिदिन अनुमानित 10 लाख रूपए से अधिक का मोटा मुनाफा हो रहा है, वहीं इस गैरकानूनी कारोबार से क्षेत्र में चोरी व अन्य आपराधिक घटनाओं को भी बढ़ावा मिल रहा है।

एक सप्ताह से बनास में चल रहा चोर सिपाही का खेल

ग्रामीणों ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से खंडार एवं बहरावंडा कलां थाना पुलिस द्वारा बनास नदी पर पहुंचकर खनन माफिया पर दबिश दी जा रही है, लेकिन मजेदार बात यह है कि पुलिस के वहां पहुंचने से पहले ही खनन माफिया अपना सामान समेटकर रफूचक्कर हो जाते हैं और जैसे ही पुलिस वहां से वापस रवाना होती है, खनन माफिया पुन: अपने कार्यों में लग जाते हैं। बजरी का ज्यादा अवैध खनन बहरावंडा कलां थाना क्षेत्र में हो रहा है, वहीं परिवहन खंडार थाना क्षेत्र में हो रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि जब पुलिस थानों से रवाना होती है तो रवानगी के साथ ही इसकी भनक खनन माफियाओं को लग जाती है। वहीं क्षेत्र में लंबे समय से जमे कई पुलिसकर्मी भी माफियाओं के हमदर्द बने हुए हैं। पिछले दिनों खंडार विधायक अशोक बैरवा द्वारा शिकायत मिलने पर कई पुलिसकर्मियों को यहां से हटवाया था।

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