तर्पण कर किया पूर्वजों को याद:गुर्जर समाज ने तर्पण कर किया पूर्वजों को याद

सवाई माधोपुर22 दिन पहले
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चौथ का बरवाड़ा| दीपावली के लिए तर्पण कर श्राद्ध करते गुर्जर समाज के लोग। - Dainik Bhaskar
चौथ का बरवाड़ा| दीपावली के लिए तर्पण कर श्राद्ध करते गुर्जर समाज के लोग।

चौथ का बरवाड़ा दीपावली के अवसर पर पितरों का तर्पण कर श्राद्ध बनाने की परंपरा समाज द्वारा आज भी जारी है। वंश वृद्धि तथा सफलता की कामना को लेकर गुर्जर समाज की ओर से दीपावली पर सामूहिक रूप से श्राद्ध का आयोजन कर अपने पूर्वजों को याद किया। इस दौरान राई सागर तालाब पर बड़ी संख्या में गुर्जर समाज के लोग इकट्ठा हुए तथा सामाजिक रूप से पूजा अर्चना की।गुर्जर समाज के लोगों द्वारा चौथ माता सरोवर तथा राय सागर तालाब पर सामूहिक रूप से बेल पूजा की जाती है।

इस दौरान अपने पितरों का तर्पण कर पूर्वजों को याद किया जाता है। देवनारायण मंदिर समिति के पदाधिकारी रामकिशन मुकुल तथा अन्य वरिष्ठ लोगों ने बताया कि पूर्व के समय में तिथियों का ध्यान नहीं रहता था। ऐसे में सभी ने दीपावली का बड़ा त्यौहार होने तथा तिथियों में गड़बड़ी न हो इसके लिए दीपावली पर सामूहिक रूप से श्राद का आयोजन किया जाता है। ऐसे में हर साल पूरे समाज के लोगों ने तालाब पर पहुंचकर सामूहिक रूप से पूजा अर्चना कर सफलता की कामना करते हैं।

इस साल भी बड़ी संख्या में लोग राय सागर तालाब पर पहुंचकर पूजा अर्चना में लगे रहे तथा पितरों का तर्पण कर श्राद्ध मनाने की परंपरा निभाई गई।पीपलवाड़ा| ग्राम पंचायत रवांजना चौड़ क्षेत्र के अवाना गौत्र के गुर्जर समाज के लोगों ने एक साथ एक लंबी बेल बनाकर अपने पूर्वजों (पितृ देव) को याद कर छांट भरने की परंपरा निभाई। गांव के मोरपाल, हरिनारायण, सुरज्ञान सिंह, बनवारी सिंह अवाना, चौथ का बरवाड़ा के पूर्व उप प्रधान मुकन सिंह अवाना, गोपाल जमादार, चौथमल गुर्जर आदि लोगों ने बताया कि अमावस्या के दिन शुभ दीपावली पर समाज के 6 वर्ष से 100 वर्ष तक के लोग एक कतार में लगकर अपने पूर्वजों (पितृ देव) को याद करते हैं। इसको छांट भरने की परंपरा कहते हैं।

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