नगर परिषद की अनदेखी का शिकार इंदिरा मैदान:जिला मुख्यालय परिसर के सामने ही खेल मैदान के हाल-बेहाल, कंटीली झाड़ियां व आवारा पशुओं का बना अड्ड़ा

सवाई माधोपुरएक वर्ष पहले
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जिला मुख्यालय परिसर के सामने स्थित  इंदिरा मैदान। - Dainik Bhaskar
जिला मुख्यालय परिसर के सामने स्थित इंदिरा मैदान।

सवाई माधोपुर जिला मुख्यालय कलेक्ट्रेट परिसर के सामने स्थित इंदिरा मैदान इन दिनों अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा हैं। प्रशासनिक अनदेखी के चलते दिनों दिन इंदिरा मैदान के हाल बेहाल होते जा रहे है। फिलहाल यहां चारों ओर झाड़-झाडियां उगी हुई हैं। दिवारे क्षतिग्रस्त हैं। मैदान आवारा पशुओं का अड्ड़ा बनकर रह गया है।

जिला मुख्यालय के परिसर के पास स्थित खेल मैदानों को देखकर जिले के अन्य खेल मैदानों की हालत का अंदाजा लगाया जा सकता है। मैदान की बदहाली से खेल प्रेमियों और स्थानीय लोगों में रोष व्याप्त है। लोगों का कहना है कि इंदिरा मैदान में साल भर में लगने वाले मेलें और अन्य आयोजनों से नगर परिषद को लाखों रुपए की आय होती है।

फिलहाल देखरेख के अभाव में मैदान में झाड उगे हुए हैं। पूरा मैदान समतल की जगह उबड़-खाबड़ हो चुका है। कंटीली झाडियां उग आने के कारण यहां अब खिलाड़ी खेल नहीं पा रहे हैं। इस मैदान पर सवाई माधोपुर स्थापना दिवस का कार्यक्रम भी होता आया है। इसी के साथ कई बार राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिताएं भी हो चुकी हैं।

आवारा पशुओं का बना हुआ है अड़डा

जिला अनलॉक होने के बाद अब धीरे-धीरे लोगों की दिनचर्या में बदलाव होने लगा है। इन सबके बीच अब जिला मुख्यालय के खेल प्रेमी मैदान में क्रिकेट, फुटबाल, वॉलीवाल आदि खेल खेलने पहुंचने लगे हैं। मैदान की बदहाली का आलम यह है कि मैदान की चार दीवारी टूटी हुई है। जिससे यहां आवारा पशु गाय सूअर आदि विचरण करते रहते है। ऐसे में मैदान में गंदगी फैली रहती हैं । जिससे मैदान की हालत दिनों दिन जर्जर होती जा रही है।

मैदान की बदहाली के कारण लोगों में निराशा व्याप्त हैं। वहीं नगर परिषद खेल मैदान का रखरखाव करने में असफल नजर आ रहा है। मैदान की चारदीवारी जगह जगह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। जिससे मैदान धीरे धीरे आवारा पशुओं के जमावड़े का केंद्र बनता जा रहा है। जबकि नगर परिषद अपनी जिम्मेदारी से भागता नजर आ रहा हैं।

नगर परिषद को होती लाखों रुपए की आय

नगर परिषद को इस मैदान से लाखों रुपए की आय होती है। फिलहाल मैदान की बदहाली देखकर लगता है कि नगर परिषद का का लक्ष्य सिर्फ मैदान में लगने वाले मेलों से आय अर्जित करना है जबकि विकास के नाम पर मैदान के लिए नगर परिषद के पास फूटी कौड़ी नहीं हैं।वहीं दुकानदारों से किराया और टेक्स वसूली में नगर परिषद अव्वल रहता हैं। इंदिरा मैदान की समय पर मरम्मत हो जाए तो आवारा पशुओं के मैदान में जमावड़े से निजात मिल जाये।

बजरिया क्षेत्र का एक मात्र बड़ा मैदान

जिला मुख्यालय के बजरिया क्षेत्र का एकमात्र बड़ा मैदान है। जहां पर क्रिकेट, फुटबाल व अन्य खेल के खिलाड़ी अपनी प्रैक्टिस करते है। फिलहाल लॉकडाउन के बाद मैदान की हालत खराब होने के कारण इन खिलाड़ियों को प्रैक्टिस करने में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यह खिलाड़ी मैदान की मरम्मत की आस लगाए बैठे है, लेकिन प्रशासन इस ओर फिलहाल ध्यान देता दिखाई नहीं दे रहा है।

इनका कहना है
हाल ही में नगर परिषद का कार्यभार संभाला है। इसके लिए जल्दी ही प्रस्ताव बनाकर इसकी मरम्मत करवायी जाएगी - कपिल शर्मा एसडीएम व कार्यवाहक आयुक्त नगर परिषद समा

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