45 दिन बाद लौटी उम्मीद / ईसरदा डैम में बीसलपुर से 10 गेट ज्यादा बनेंगे, सवाईमाधोपुर-दौसा के 1100 गांवों की बुझेगी प्यास

In Israda Dam, 10 gates will be built more than Bisalpur, 1100 villages of Sawaimadhopur-Dausa will quench thirst
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In Israda Dam, 10 gates will be built more than Bisalpur, 1100 villages of Sawaimadhopur-Dausa will quench thirst

दैनिक भास्कर

May 30, 2020, 05:00 AM IST

सवाई माधोपुर. जयपुर,सवाई माधोपुर व दौसा जिले की प्यास बुझाने वाले ईसरदा मुख्य बांध का कार्य 45 दिन बाद प्रगति पर है। बनास नदी पर बन रहे ईसरदा मुख्य बांध मंे बीसलपुर बांध से 10 गेट अधिक का निर्माण किया जाएगा। लॉकडाउन के 
बाद ईसरदा बांध निर्माण कार्य इन दिनों धीरे धीरे जोर पकड़ता नजर आ रहा है। दौसा, सवाई माधोपुर जिले के लगभग 1100 गांवों की प्यास बुझाने के लिए तैयार हो रहे ईसरदा बांध के प्रथम चरण का कार्य 1038 करोड़ रुपए की लागत से दिसंबर 2021 तक पूर्ण होने की संभावना है। भू वैज्ञानिक जयपुर एंव ईसरदा बांध परियोजना के अधिकारियों की टीम ने डेम पर पहुंचकर बांध के निर्माण कार्य की जानकारी ली। ईसरदा सरपंच पुखराज गुजर ने बताया कि  कॉफर डेम को मुख्य बांध में बदलने के लिए सरकार द्वारा स्वीकृत हुई 1038 करोड़ की राशि के बाद से ईसरदा बांध परियोजना विभाग द्वारा मुख्य बांध के प्रथम चरण का कार्य प्रगति से चल रहा है। गत दिवस भू वैज्ञानिक सर्वेक्षण टीम जयपुर के वैज्ञानिकों ने प्रस्तावित बांध निर्माण स्थल पर आकर भूमि एंव भूगर्भ संबधित आवश्यक तथ्य का अवलोकन किया तथा नीव निर्माण के लिए खुदवाये गये  28 ब्लाॅक एंव ब्लाॅक चार मे चल रहे नीव निर्माण कार्य मे कंक्रीट कार्य का निरीक्षण कर तकनीकी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

गत दिवस भू वैज्ञानिक जयपुर एवं ईसरदा बांध परियोजना के अधिकारियों की टीम ने डेम पर पहुंचकर निर्माण की जानकारी ली। वैज्ञानिकों ने प्रस्तावित बांध निर्माण स्थल पर भूमि एवं भूगर्भ संबधित आवश्यक तथ्य का अवलोकन किया तथा नींव निर्माण के लिए खुदवाए गए 28 ब्लॉक एंव ब्लॉक चार में चल रहे नींव निर्माण मंे कंक्रीट कार्य का निरीक्षण कर संवेदक के तकनीकी अधिकारियों कोनिर्देश दिए। वहीं विभाग के अधीक्षण अभियंता सहित कई अन्य भू वैज्ञानिकों ने कार्य स्थल पर पहुंच कर समीक्षा की।  वर्ष 2019 में ईसरदा मुख्य बांध का निर्माण कार्य शुरू किया गया था। गत वर्ष बारिश में खोदी गई नींव में मिट्टी भर गई थी। कंपनी ने वापस मिट्टी की खुदाई कर नींव खुदाई व डिवाटरिंग का कार्य किया। मार्च मंे कोरोना के चलते 22 मार्च को लाॅक डाउन से काम बंद कर दिया गया। लगभग 45 दिनों तक निर्माण कार्य कोरोना लाॅक डाऊन में बंद रखने के बाद गत सप्ताह से निर्माण कार्य फिर शुरू हुआ।

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