कोरेाना से मौत:जयपुर इलाज कराने के बहाने चाचा को डिस्चार्ज करा कर कीर धर्मशाला में ले आया भतीजा, दूसरे दिन मौत

सवाई माधोपुर6 महीने पहले
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चौथ का बरवाड़ा। कोरोना के कारण धर्मशाला से मृतक पुजारी का शव ले जाते पीपीई किट पहने कर्मचारी। - Dainik Bhaskar
चौथ का बरवाड़ा। कोरोना के कारण धर्मशाला से मृतक पुजारी का शव ले जाते पीपीई किट पहने कर्मचारी।
  • पॉजिटिव आने पर सवाईमाधोपुर के सामान्य चिकित्सालय में 23 अप्रैल से भर्ती था रतनपुरा का पुजारी
  • चिकित्सा विभाग की टीम ने पीपीई किट में किया अंतिम संस्कार

चौथ का बरवाड़ा उपखंड मुख्यालय सहित आसपास के क्षेत्र में कोरोना संक्रमण की रफ्तार काबू में नजर नहीं आ रही है। इसके साथ ही अब पॉजिटिव मरीजों में मौत का सिलसिला भी शुरू हो गया है। बुधवार सुबह चौथ माता मार्ग स्थित एक धर्मशाला में रतनपुरा गांव के पुजारी की कोरोना संक्रमण से मौत हो गई। कई घंटे तक पुजारी का शव धर्मशाला में पड़ा रहा। बाद में सुरक्षा के साथ मौके पर पहुंची चिकित्सा विभाग की टीम ने पीपीई किट में शव का अंतिम संस्कार करवाया।चिकित्सा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार रतनपुरा निवासी एवं मंदिर पुजारी हनुमान पुत्र गोपी दास (60) ने 21 अप्रैल को तबीयत खराब होने पर होने पर अपनी कोरोना जांच कराई। चिकित्सा प्रभारी रमेश दहिया ने बताया कि 23 अप्रैल को उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई।

जिसके बाद उसका सामान्य चिकित्सालय सवाई माधोपुर में उपचार चल रहा था। चिकित्सा विभाग ने बताया कि मंगलवार को परिजनों ने उसका उपचार जयपुर में कराने की बात कहकर अस्पताल से डिस्चार्ज करवा लिया तथा जयपुर बजाय चौथ का बरवाड़ा स्थित कीर समाज की धर्मशाला में ले आए। जहां बुधवार को उसके मृत होने की सूचना मिली। सूचना के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर जाकर सुरक्षा के साथ शव को बाहर निकाला तथा अंतिम संस्कार कोरोना प्रोटोकॉल के तहत करवाया।

धर्मशाला में करता था पुजारी काम, नहीं थी कोई औलाद

इस मामले की जांच कर रहे हैं उपखंड कार्यालय के कर्मचारी तथा कोरोना के कारण क्वारेंटाइन तहसीलदार सुरेश चंद ने बताया कि मृतक धर्मशाला में पुजारी का काम करता था तथा उसके कोई औलाद नहीं थी। जब उसकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई थी। तब उसे धर्मशाला में ही क्वॉरेंटाइन किया गया था। 3 दिन पहले तबीयत खराब होने पर उसे सामान्य चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। जहां पर भी सांस की समस्या होने पर उसकी देखरेख कर रहा भतीजा गोविंद उसे जयपुर में उपचार कराने की बात कह धर्मशाला में मंगलवार शाम को ले आया। गोविंद के अनुसार पैसों का इंतजाम नहीं हो पाने के कारण वह उसे तुरंत जयपुर नहीं ले जा पाया तथा बुधवार सुबह जल्दी ही उसकी मौत हो गई।

धर्मशाला सील, प्रोटोकॉल में अंतिम संस्कार

मामला सामने आने के बाद प्रशासन द्वारा धर्मशाला को 72 घंटों घंटों के लिए सील कर दिया गया है तथा सेनिटाइज किया जा रहा है। माताजी का मंदिर बंद होने के कारण धर्मशाला में कोई भी अन्य व्यक्ति नहीं था। बाद में प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में प्रोटोकॉल का पालन करते हुए मृतक का अंतिम संस्कार किया गया। इस मामले में धर्मशाला प्रबंधक को सूचना लेकर जवाब मांगा जा रहा है।

प्रशासन के आंकड़ों से मौतें ज्यादा

तहसील क्षेत्र में में चिकित्सा विभाग के आंकड़ों के अनुसार अभी कोरोना की यह पहली अधिकृत मौत है, लेकिन तहसील क्षेत्र में मौत के मामले कहीं ज्यादा है। उपखंड मुख्यालय पर पिछले 2 से 3 दिनों में दिनों में 4 से 5 लोगों की मौत हुई हुई लोगों की मौत हुई है। जिसमें अधिकतर लोगों की मौत कोरोना संक्रमण के कारण हुई है, लेकिन चिकित्सा विभाग खुल कर इसकी पुष्टि नहीं कर कर रहा है कि इन लोगों का उपचार जयपुर में चल रहा था तथा कोरोना की पुष्टि भी जयपुर से होगी। वही बुधवार को आई रिपोर्ट में रिपोर्ट में मृतकों के अधिकतर परिवार वालों की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है। जिसके चलते मौत का आंकड़ा प्रशासनिक आंकड़े से कहीं ज्यादा है।

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