ज्ञान महोत्सव:महावीर का निर्वाणोत्सव और गौतम स्वामी का केवल ज्ञान महोत्सव मनाया

सवाई माधोपुर21 दिन पहले
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सवाई माधोपुर| भगवान महावीर के निर्वाणोत्सव पर आलनपुर दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र चमत्कारजी मन्दिर में निर्वाण लड्डू चढ़ाते जिनेंद्र भक्त। - Dainik Bhaskar
सवाई माधोपुर| भगवान महावीर के निर्वाणोत्सव पर आलनपुर दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र चमत्कारजी मन्दिर में निर्वाण लड्डू चढ़ाते जिनेंद्र भक्त।
  • नगरपरिषद क्षेत्र के जिनालयों में हुए विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम

सकल दिगंबर जैन समाज द्वारा गणिनी आर्यिका संगममती माताजी ससंघ के सान्निध्य में जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर का निर्वाणोत्सव एवं गौतम स्वामी का केवल ज्ञान कल्याणक महोत्सव धार्मिक मान्यतानुसार वीर निर्वाण पर्व के रूप में गुरुवार को मनाया गया। इसी के साथ वीर निर्वाण संवत 2548 प्रारंभ हुआ।इस अवसर पर जिनालयों को रंग बिरंगी रोशनी से सजाया गया। सुप्रभात में महिलाएं चुनरी पहन कर एवं पुरुष सफेद वस्त्र धारण कर जिनालयों में जिनेंद्र भक्ति के लिए एकत्रित हुए। महिलाओं ने भगवान महावीर के निर्वाण की खुशी में मेहंदी रचाई और जिनालयों में रंगोली सजाई।

समाज के प्रवक्ता प्रवीण जैन ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत अहिंसा सर्किल आलनपुर स्थित दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र चमत्कारजी मंदिर सहित नगर परिषद क्षेत्र के जिनालयों में जिनेंद्र भक्तों ने स्वर्ण व रजत कलशों से मंत्रोच्चार पूर्वक जिनेंद्र देव के किए गए अभिषेक व जगत कल्याण की मंगल कामना के साथ की गई शांतिधारा से हुई। इसके उपरांत अष्टद्रव्यों से भगवान महावीर की भक्ति भाव से पूजन कर निर्वाण कांड, महावीराष्टक स्त्रोत का सामूहिक उच्चारण कर हाथों में अर्घ्य व दीपक की थाली लेकर मोक्ष के प्रतीक स्वरूप निर्वाण लड्डू (मोदक) मंत्रों के बीच अर्पण कर श्रावकों के मन मुदित हो गए और जिनालय भगवान महावीर के जयकारों से गुंजायमान हो उठे। श्रावकों ने जन्म-मरण के चक्र से निकलकर मोक्ष को प्राप्त करने की भावना प्रकट की।इसके साथ ही गौतम स्वामी के केवल ज्ञान प्राप्ति के उपलक्ष्य में सायंकाल शांति-सौहार्द और ज्ञान के प्रतीक दीपक जलाए गए। ज्ञान लक्ष्मी की पूजा-मां जिनवाणी की अर्चना की गई। श्रावक-श्राविकाओं ने आपस में जय जिनेंद्र-जय जिनेंद्र के स्वरों के साथ आपसी सद्भाव एवं प्रेम के प्रतीक दीपावली व भगवान महावीर के निर्वाणोत्सव की शुभकामनाएं दी।

गले मिले, चरण स्पर्श कर बुजुर्गों से आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर शहर के जैन मोहल्ला स्थित निर्यापक श्रमण मुनि सुधासागर संयम भवन में ससंघ विराजित गणिनी आर्यिका संगममती माताजी ने कहा कि ऐतिहासिक प्रसंगों और महापुरुषों के जीवन से जुड़े पावन व सर्वप्रमुख पर्व दीपावली को मनाने की सार्थकता तब ही है जब व्यक्ति के भीतर का अंधकार दूर हो। साथ ही उन्होंने वर्षायोग निष्ठापन की क्रिया संपन्न कर महती धर्म प्रभावनायुक्त वर्षा योग निष्ठापन की विधिवत घोषणा की और सभी को मंगल आशीर्वाद प्रदान किया।भगवतगढ़| कस्बे में आर्य समाज के तत्वाधान में महर्षि दयानंद का निर्माण दिवस के अवसर पर हवन एवं प्रभातफेरी का आयोजन हुआ। सुबह आर्य समाज मंदिर से प्रमुख बाजारों में होते हुए प्रभात फेरी निकाली गई निकाली गई फेरी निकाली गई निकाली गई।

जिसमें महर्षि दयानंद के आदर्श एवं उनकी शिक्षाओं पर पर आधारित भजनों की प्रस्तुतियां दी गई। इसके बाद सुबह हवन एवं यज्ञ का आयोजन हुआ जिसमें जनकल्याण की कामना की कामना के साथ वैदिक मंत्रों व वेद की ऋचाओं के साथ आहुतियां दी गई।निर्वाण लड्‌डू चढ़ायाबोरदा| मित्रपुरा में सकल दिगंबर जैन समाज द्वारा जैन धर्म का वीर निर्वाण संवत 2548 की शुरुआत गुरुवार से हुई। इस मौके पर जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर का मोक्ष कल्याणक दिवस भक्तिभाव से मनाया गया। समाज के रिंकेश जैन ने बताया कि जैन मंदिरों में सुबह पूजा अर्चना के विशेष कार्यक्रम हुए। इसके बाद जयकारों के बीच निर्वाण लड्डू चढ़ाया गया।

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