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कोर कमेटी का फैसला:मीना समाज संयुक्त कोर कमेटी का फैसला, शादी में दादी का गौत्र हटाया, समाज ने कहा गौत्र नहीं हटाएंगे

सवाई माधोपुर22 दिन पहले
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  • जिले के मीना समाज ने फैसले को नकारा ओर कहा फाइव स्टार होटलों में बैठकर चंद लोग ले रहे हैं फैसला

राजस्थान आदिवासी मीना समाज संयुक्त कोर कमेटी के एक आदेश के विरोध में जिले के मीना समाज के चौरासी, सत्ताईस्या सहित अट्ठाईस्या अध्यक्ष सामने आए हैं। विगत दिनों मीना समाज संयुक्त कोर कमेटी की जयपुर में बैठक हुई थी। जिसमें माना गया था कि राजस्थान में मीना समाज के बच्चों के विवाह के समय टाले जाने वाले गोत्र की संख्या ज्यादा होने से वैवाहिक रिश्ते करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था, जिसको लेकर राजस्थान में वैवाहिक संबंधों को लेकर गोत्र क्लेश हो रहा है। इसको लेकर संयुक्त कोर कमेटी ने फैसला लेकर दादी के गौत्र को हटाने का फैसला लिया। ज्ञातव्य है कि 65 साल पहले कमेटी ने विवाह के समय नानी के गोत्र को टालने की बाध्यता को समाप्त कर दिया था। अब यह दूसरा निर्णय लिया गया है।

इसको लेकर जिले के मीना समाज ने इस आदेश को संस्कृति के विरुद्ध बताते हुए दादी के गौत्र को नहीं हटाने का फैसला लिया है। इसके विरोध में मीना समाज के चौरासी अध्यक्ष नारायण मीना सांगरवासा, अट्ठाईस्या अध्यक्ष किशन लाल मीणा बरनाला, सत्ताईस्या अध्यक्ष डॉ. चंद्रप्रकाश मीना व चौरासी मीना समाज प्रवक्ता दीनदयाल मीना ने इसे संस्कृति व परंपरा के खिलाफ बताया है। उक्त निर्णय का खण्डन करते हुए मीना समाज संयुक्त कोर कमेटी को हिदायत दी है, कि बिना समाज की जाजम की अनुमति के समाज को गुमराह करने का कार्य किया तो सख्त कार्रवाई करेंग।जिले में मीना समाज के गौत्रमरमट, बड़गौत्या, सिर्रा, डोबवाल, लोदवाल, गोठवाल, टाटू, गोमलाडु, महर, ताजी, धनावत आदि गौत्र के मीना समाज के लोग जिले में निवास कर रहे हैं। मीना समाज मे तीन संगठन फिलहाल है चौरासी मीना समाज, अट्ठाईस्या मीना समाज व सत्ताईस्या मीना समाज जिनमे सबसे बड़ा संगठन चौरासी मीना समाज है। यह सवाई माधोपुर ही नहीं अपितु अन्य 4 जिलों का संगठन है। जिले में मीना समाज की बात करे तो बाहूल्य संख्या में है। समाज के आंकड़ों की माने तो जिलेभर में मीना समाज के मतदाता करीब ढाई लाख है।

ये बोले समाज के प्रबुद्ध लोग

आदीवासी संस्कृति में दादी का गोत्र तीन गोत्र के साथ शादी में टालना जारी रहेगा, इसका वैज्ञानिक और आध्यात्मिक कारण है, जो विरासत संस्कृति की पहचान है।-डॉ.चन्द्र प्रकाश मीना,अध्यक्ष मीना समाज सताईस्या^ हमारी संस्कृति व परम्परा के अनुसार दादी का गोत्र टालना अनिवार्य है कुछ दिनों पूर्व फाइव स्टार होटल में बैठकर चंद लोगों द्वारा दादी के गोत्र को हटाने के निर्णय लिये जाने की बात सामने आ रही है। मीणा समाज उक्त निर्णय का खंडन करता है तथा आगाह करता है कि बिना समाज की जाजम की अनुमति भविष्य में समाज को गुमराह करने का प्रयास किया तो समाज सख्त कार्यवाही करेगा।-नारायण मीना सांगरवासा, अध्यक्ष चौरासी मीना समाज^ मीणा समाज में शुरू से ही तीन गौत्र टालने की परम्परा रही है दादी का गौत्र नही टालने पर वैज्ञानिक रूप से भी इस तरह के विवाह से पैदा हुए संतान में कई तरह के रोग और कई तरह के अवगुण पाए जाते हैं।-दीनदयाल मीना, प्रवक्ता, चौरासी मीना समाज

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