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अभद्र भाषा के बाद अब भ्रष्टाचार के आरोप लगाए:पंचायत साकड़ा पूर्व सरपंच ने भ्रष्टाचार के आरोप लगा जिला कलेक्टर से की शिकायत, जेईएन व रोजगार सहायक ने आरोपों को गलत बताया

सवाई माधोपुर3 महीने पहले
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पूर्व सरपंच बाबूलाल बैरवा व जेईएन विष्णु बंसल। - Dainik Bhaskar
पूर्व सरपंच बाबूलाल बैरवा व जेईएन विष्णु बंसल।

जिले की मलारना डूंगर पंचायत समिति के जेईएन का अभद्र भाषा में बातचीत का ऑडियो वायरल होने के बाद ग्राम पंचायत साकड़ा के पूर्व सरपंच व जेईएन के बीच विवाद गहराता ही जा रहा है। पूर्व सरपंच बाबूलाल बैरवा ने जेईएन विष्णु बंसल पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने के बाद अब नरेगा रोजगार सहायक रमेश चंद गुर्जर पर रिश्वत लेने का आरोप लगाया है।

पूर्व सरपंच ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन देकर इनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पूर्व सरपंच ने ज्ञापन में आरोप लगाया कि गत वर्ष मई-जून माह में अपना खेत अपना काम नरेगा योजना के अंतर्गत 4 परिवारों की फाइलें सहित लगाई थी।

इस मस्टरोल में 10 आदमियों को रोजगार देना अंकित था जिसमें से केवल 7 को रोजगार मिल सका। एक व्यक्ति को 13 दिन का रोजगार दिया जाता है, लेकिन रमेश गुर्जर सहायक रोजगार ने यह कहकर मुझसे 300 रुपए प्रति व्यक्ति के हिसाब से जेईएन विष्णु बंसल को पहुंचाने के नाम से लिए हैं।

अगर रूपए नहीं देगा तो काम नहीं होगा
बैरवा ने बताया कि रमेश गुर्जर सहायक रोजगार एक फाइल पर 3000 रुपए के हिसाब से चारों फाइलों के 12000 रुपए की राशि लेकर गया। 8 जून 2021 को नई मस्टरोल जारी की गई। जिसमें 10 आदमियों के स्थान पर 7 आदमियों के नाम ही आए 15 दिन की एवज में 10 दिन की मस्टरोल जारी की गई।

रोजगार सहायक एवं अवैध राशि की मांग निरंतर कर रहे हैं और मुझे प्रताड़ित कर रहे हैं । 24 जून 2021 को दिन में नरेगा जेईएन विष्णु बंसल ग्राम पंचायत साकड़ा में साइट देखने आए। तब मैं मौके पर मौजूद नहीं था।

उसके उपरांत जब मैंने बात की तो फोन उठाते ही आग बबूला हो अभद्र भाषा में बात करने लगा। मुझे फोन पर अपमानित भी किया गया। मौके की जांच करते वक्त विष्णु बंसल ने मेरी घरवाली से अवैध राशि की मांग की थी। राशि नहीं देने की वजह से मुझे प्रताड़ित किया। जबकि इस मामले में जेईएन विष्णु बंसल का कहना है कि आरोप कोई भी लगा सकता है। इस बारे में पूर्व सरपंच ने जिला कलेक्टर के पास शिकायत भी की है। जब जांच होगी तो सच सामने आ जाएगा।

इनका कहना है

आरोप निराधार हैं। मौके पर जांच के दौरान हमें काम नहीं मिला था। जिसके बाद भी पूर्व सरपंच मस्टरोल पास करने के का दबाव बना रहा था। जब काम नहीं हुआ तो उसने भ्रष्टाचार के आरोप लगाए है और जिला कलेक्टर के पास शिकायत की है - रमेश गुर्जर सहायक रोजगार

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