पटाखों ने हवा में घोला जहर:दीपावली की रात आतिशबाजी से बढ़ा प्रदूषण, 207 एक्यूआई होकर धुआं ऑरेंज कैटेगरी में

सवाई माधोपुर24 दिन पहले
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  • दीपावली पर जिले में देर रात तक हुई आतिशबाजी

दीपावली की आतिशबाजी ने सांसों में जहर घोल दिया। सरकार द्वारा रात 8 से 10 बजे तक ग्रीन पटाखों को चलाने की दी गई अनुमति की खूब धज्जियां उड़ाई गई। ग्रीन पटाखों की आड़ में देर रात तक कान फोड़ ध्वनि वाली आतिशबाजी की गई। इसके चलते शुक्रवार शाम को स्थिति यह हो गई कि शहर की एयर क्वालिटी अनहेल्थी स्तर पर पहुंच गई। रात को एक्यूआई 207 पर पहुंचने से चारों तरफ धूल और धुंआ भरा माहौल हो गया।खैरदा क्षेत्र में शाम को साढे़ 5 बजे एक्यू वेदर के आंकड़ों के अनुसार एयर क्वालिटी इंडेक्स 195 था, जो साढ़े 7 बजे 207 पर पहुंच गया। चिंता की बात तो यह रही कि रात को यह और अधिक खराब हो गई।

विशेषज्ञों के अनुसार 200 से 300 तक एक्यूआई ऑरेंज केटेगरी में आती है, जो मनुष्य के फेफड़ों के लिए घातक है। 150 से ऊपर लेवल जाने पर दमा और सांस की बीमारी वाले मरीजों को दिक्कत शुरू हो जाती है, जबकि सवाई माधोपुर में एक्यूआई 150 से ऊपर चल रही थी, हालांकि शनिवार को सुबह यह आंकड़ा 150 पर आ गया। ऐसे में अंदाजा लगा सकते हैं कि लोगों की क्या स्थिति रही होगी।

प्रदूषण का स्तर: एक्यूआई लेवल 100 तक रहता है तो संबंधित क्षेत्र ग्रीन कैटेगरी में रखा जाता है, जबकि 101 से 200 तक के बीच येलो, 201 से 300 के बीच ऑरेंज और 301 से 400 तक रेड कैटेगरी में आता है। एक्यूआई इससे अधिक होने पर डार्क श्रेणी में माना जाता है।प्रदूषण का स्तर बढ़नेे से सीओपीडी, ब्रांकाइिटस सहित एलर्जी संबंधित रोगों के की संभावना बढ़ जाती है। आतिशबाजी से प्रदूषण 20 से 30 प्रतिशत श्वांस से संबंधित रोगियों की संख्या बढ़ जाती है।-डॉ. उमेश जाटव, श्वसन रोग विशेषज्ञ

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