बिजली कटौती:बरवाड़ा क्षेत्र में 6 से 7 घंटे तक बिजली कटौती, पेयजल व्यवस्था भी प्रभावित

सवाई माधोपुरएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक

जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों लोगों को बिजली कटौती की मार झेलनी पड़ रही है। गांवों में कई घंटों तक बिजली की अघोषित कटौती होने के कारण ग्रामीणों को काफी परेशानियां उठानी पड़ रही है। बिजली के अभाव में बिजली आधारित उद्योग-धंधे पूरी तरह से ठप हो जाते हैं और व्यापारी नुकसान उठा रहे हैं। बिजली के अभाव में पेयजल व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।

गांवों में पानी की टंकियां बोरिंग से भरी जाती है, लेकिन बिजली नहीं होने से टंकियों में पानी नहीं भर पा रहा है और गांवाें में पेयजल की सप्लाई प्रभावित हाे रही है।चौथ का बरवाड़ा: चौथ का बरवाड़ा उपखंड मुख्यालय पर 6 से 7 घंटे तक बिजली कटौती हो रही है, जबकि नियम के मुताबिक केवल 4 घंटे ही बिजली की कटौती की जानी है। यहां रात 10 बजे से रात 2 बजे तक बिजली काटने से लोग परेशान हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह 7 बजे से 9 बजे तक बिजली काटी जा रही है। इसके बाद दोपहर में 2 घंटा बिजली कटती है। शाम 4 बजे से रात 8 बजे तक बिजली कटती है। रात 9 बजे बिजली काटी जाती है, जो सुबह 3 बजे बहाल होती है। बिजली कटौती के चलते ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की समस्या गहरा गई है।

चाैथ का बरवाड़ा : रात 9 बजे से सुबह 3 बजे तक बंद रहती है बिजली

बौंली| इन दिनों करीब छह घंटे औसतन प्रतिदिन 33 केवी लाइन की बिजली कटौती हो रही है। कई बार अन्य कारणों से भी बिजली बंद की जाती है। बिजली बंद होने से जन जीवन प्रभावित हो रहा है। बिजली के अभाव में जलापूर्ति होने के कारण पानी की मोटर नहीं चलने से पानी की सप्लाई पूरे दबाव से नहीं हो रही है।मलारना डूंगर| मलारना डूंगर उपखंड मुख्यालय पर अघोषित बिजली कटौती के चलते उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 10 घंटे से ज्यादा समय बिजली कटौती की जा रही है। इसका समय भी निर्धारित नहीं है। कई घंटे बिजली आपूर्ति ठप हो जाती है। बिजली पर आधारित दुकानदार परेशान हैं। वेल्डिंग की दुकान या स्पेलर वालों को अचानक बिजली चले जाने पर काम अधूरा रह जाता है तथा घंटों तक बिजली आपूर्ति होने का इंतजार करना पड़ता है।

कुस्तला| कस्बे में इन दिनों चार से पांच घंटे की बिजली की कटौती की जा रही है। गांव में मांग के अनुसार बिजली ग्रामीणों को नहीं मिल पा रही है। सोमवार रात 8 बजे बिजली बंद हुई, जो सुबह 9 बजे आई। उसके बाद दिन में भी रुक-रुक कर बिजली सप्लाई आती-जाती रही। बिजली की कमी से व्यापारी भी काफी परेशान हैं। बिजली आधारित उद्योग-धंधे ठप हो जाते हैं। पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है।बाटोदा| कस्बे में 18 से 20 घंटे विद्युत आपूर्ति देने का रोस्टर निर्धारित है, लेकिन मंगलवार को करीब साढ़े आठ घंटे कटौती रही। सुबह 7 बजे से 10 बजे तक कटौती रोजाना होती है। दोपहर को 1:50 बजे से 2:53 बजे तक, शाम को 6:22 से 8:20 बजे तक तथा रात 12:10 बजे से 3:35 बजे तक यानी 3 घंटे 25 मिनट तक बिजली कटौती रही।

खबरें और भी हैं...