लापरवाही / भीलवाड़ा और गुजरात से गांव आ रहे 8 लोगों में संक्रमण के संकेत, फिर भी प्रशासन ने नहीं किया आइसोलेट

भाड़ौती के गंगापुर मोड़ पर पुलिस द्वारा पकड़े गए लोग। भाड़ौती के गंगापुर मोड़ पर पुलिस द्वारा पकड़े गए लोग।
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भाड़ौती के गंगापुर मोड़ पर पुलिस द्वारा पकड़े गए लोग।भाड़ौती के गंगापुर मोड़ पर पुलिस द्वारा पकड़े गए लोग।

  • कोटा-लालसोट हाइवे पर गंगापुर मोड पर पुलिस एवं चिकित्सा विभाग के दल ने 80 लोगों की जांच की
  • कई लोग भीलवाड़ा और गुजरात से भी आ रहे, प्रशासन ने इन्हें अपने-अपने गंतव्यों पर रवाना कर दिया

दैनिक भास्कर

Mar 27, 2020, 01:59 AM IST

भाड़ौती/सवाई माधोपुर. इन दिनों बाहर से आने वाले लोगों की जगह जगह जांच की जा रही हैं। इसी क्रम में कोटा-लालसोट हाईवे पर गंगापुर मोड पर प्रशासन ने पुलिस एवं चिकित्सा विभाग की एक टीम जांच के लिए बैठा रखी है। इस जांच दल ने गुरुवार को 80 लोगों की जांच की। जांच के दौरान 8 लोगों में खांसी-जुखाम और बुखार के कारण कोरोना संक्रमण जैसे लक्षण दिखाई दिए। इनमें से कई लोग भीलवाड़ा और गुजरात से भी आ रहे थे। सूचना पर वहां पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी ने इसे पूरी गंभीरता से नहीं लेकर इनको अलग कर निगरानी में रखने के स्थान पर गंतव्यों पर खुद की रिस्क पर ही बिना किसी अहतियात के मोटरसाइकिलों से रवाना कर दिया। यहां बनाए गए जांच नाके पर तैनात पुलिस के जवानों एवं मेडिकल टीम को जिम्मेदारी दी गई है कि वे वहां से निकलने वाले प्रत्येक आदमी की मेडिकल जांच करें। मेडिकल टीम द्वारा दुनिया में जहां भी प्रारंभिक जांच की जा रही है, वहां तीन चीजों को ही देखा जा रहा है। पहला उसे बुखार तो नहीं हैं, अगर बुखार हैं तो जुकाम तो नहीं है अगर जुकाम के साथ खांसी भी है तो उसे प्रारंभिक रूप से संक्रमण का संभावित मानकर ही व्यवहार किया जाता है। आखिरी में यह जांच की जाती है कि उसे श्वांस लेने में कितनी परेशानी है, और उसके खून की जांच में किसी प्रकार का कोरोना संक्रमण तो नहीं पाया गया है। आखिरी दो जांच केवल अस्पताल में जाने के बाद ही होती है, लेकिन पहले तीन लक्षणों की जांच मौके पर ही कर उसे क्वारेंटाइन किया जाता है।

क्या कहते हैं जिम्मेदार
मनोज वर्मा मलारना डूंगर के एसडीएम बोले कि पकड़े गए लोगों में से किसी को भी खांसी-जुखाम जैसी बीमारी नहीं थी। फिर भी हमने सभी को धारा 188 में पाबंद कर 14 दिन के लिए होम आइसोलेट के निर्देश दिए हैं। 

सीएमएचओ डॉ. तेजराम मीणा बोले कि सरकार की नई गाइडलाइन के अनुसार अब किसी में भी खांसी, जुखाम, बुखार के लक्षण पाए जाते हैं तो उसे तुरंत अस्पताल लाकर उसकी आगे की जांच की जाएगी। आगे की जांच में सही पाए जाने पर भी उसे घर भेजकर होम क्वारेंटाइन रहने की हिदायत दी जाएगी। बिना आगे की जांच के अब किसी को नहीं भेजा जाएगा, चाहे वह कहीं का भी रहने वाला हो। 

एएनएम रुकेश ने कहा कि भीलवाड़ा व गुजरात से आए इन लोगों में से आठ लोग हल्के खांसी-बुखार से पीड़ित पाए गए। इस संबंध में एसडीएम मलारना डूंगर को अवगत करवाया गया था। 

नाम पते दर्ज किए फिर भेज िदया घर
जानकारी के अनुसार वहां मौजूद पुलिस एवं मेडिकल टीम ने अपनी जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी से निभाई। भीलवाड़ा सहित विभिन्न स्थानों से वहां अलग अलग मोटरसाइकिलों से पहुंचे 80 लोगों की अलग अलग जांच की गई। जांच में पाया कि इनमें से आठ लोगों को खांसी और जुकाम के साथ हल्का बुखार भी है। आठ लोगों को उक्त लोगों से अलग खड़ा किया गया। बाद में जांच टीम ने अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए एसडीएम को बुलाया। एसडीएम ने वहां पहुंच कर उनके नाम एवं पते दर्ज करवाएं एवं उक्त आठ संदिग्धों को भी शेष लोगों के साथ उनकी मोटरसाइकिलों पर ही बैठा कर अलग-अलग गंतव्यों के लिए रवाना कर दिया। वहां उक्त लोगों का विवरण दर्ज करने के बाद सभी को उनके गंतव्यों के लिए मोटरसाइकिलों से रवाना कर दिया गया। उक्त सभी 8 लोगों के बारे में उनके जिले के संबंधित थानों एवं एसडीएम को भी सूचित करने की बात टीम बता रही है।

कितने लोग कहां के: जानकारी के अनुसार इन 80 लोगों में से 26 लोग मजदूर करने वाले थे, जो भीलवाड़ा से करौली एवं भरतपुर जिले की तरफ जा रहे थे। इनमें दो लोगों में खांसी, जुकाम एवं हल्के बुखार के लक्षण पाए गए। इसी प्रकार शेष छह लोगों में से 2 लोग सूरत से आए थे, जो नादौती जा रहे थे। इसी प्रकार गोदरा से आए 4 लोगों में से एक को नीमच व 3 को करौली जाना था। इन सभी को बिना जिला अस्पताल में जांच करवाए सामान्य मानकर पाबंदी के बाद होम क्वारेंटाइन के लिए उनके गांव एवं घर भेज दिया गया।

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