पर्यटन व्यवसायी मायूस / बाघों को वायरस संक्रमण से बचाने के लिए नहीं खोले रणथंभौर के गेट

अभी नहीं दिखेगी पर्यटकों की आवाजाही। (फाइल) अभी नहीं दिखेगी पर्यटकों की आवाजाही। (फाइल)
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अभी नहीं दिखेगी पर्यटकों की आवाजाही। (फाइल)अभी नहीं दिखेगी पर्यटकों की आवाजाही। (फाइल)

  • बाघों को वायरस संक्रमण से बचाने के लिए नहीं खोले रणथंभौर के गेट

दैनिक भास्कर

Jun 02, 2020, 05:00 AM IST

सवाईमाधोपुर. रणथम्भौर नेशनल पार्क को पर्यटन के लिए एक जून से खोले जाने की प्रधान मुख्य वन संरक्षक, वन्यजीव एवं मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक राजस्थान जयपुर द्वारा अनुमति दिए जाने के बाद पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई।

लेकिन उनकी खुशी कुछ घंटों में ही काफूर हो गई, जब प्रधान मुख्य वन संरक्षक, वन्यजीव एवं मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक राजस्थान जयपुर अरिन्दम तोमर ने आदेश क्रमांक 513/31.5.2020 में एनटीसीए के 30.4.20 के पत्र का हवाला देते हुए राज्य के व्याघ्र आरक्षिति बंद रहने की जानकारी दी। इसके बाद पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोग एक बार फिर मायूस हो गए।   

30 मई तक सरकार को  पौने तीन करोड़ के राजस्व का नुकसान

विभागीय सूत्रों के अनुसार रणथम्भौर नेशनल पार्क में पर्यटन बंद होने से 18 मार्च से 31 मई तक लगभग दो करोड़ तथा 30 मई तक पौने तीन करोड़ के राजस्व का सरकार को नुकसान हुआ है। यह सिर्फ ऑनलाइन बुकिंग से प्राप्त होने वाला राजस्व है।

इसके अलावा करंट बुकिंग से सरकार को प्राप्त होने वाला राजस्व अलग है। यह तो सिर्फ सरकार के राजस्व का नुकसान है। इसके अलावा वाहन मालिक, वाहन चालक, गाइड, टिकट बुकिंग से जुड़ें लोगों को होने वाला नुकसान अलग है। 
आखिर क्या हो सकते हैं आदेश वापस लेने के कारण

कोविड-19 इंसानों के अलावा पशुओं में भी पाया गया, ऐसे में अगर रणथम्भौर में कोई भी पर्यटक कोविड-19 से ग्रसित होकर भ्रमण के लिए जाता है और किसी कारण से यह वन्यजीव या बाघ तक पहुंच जाता है, तो हालात विकट होने की संभावना है।

प्रधान मुख्य वन संरक्षक, वन्यजीव एवं मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक राजस्थान जयपुर  तोमर द्वारा जारी आदेश क्रमांक 483/31.5.2020 में राज्य के जंतुआलयों, बायोलॉजिकल पार्क, अभयारण्य, राष्ट्रीय उद्यान, सफारी, व्याघ्र आरक्षितियों एवं अन्य वन्यजीव संरक्षित क्षेत्रों को 1 जून से पर्यटन के लिए खोले जाने की अनुमति दी थी।

कुछ घंटों बाद तोमर ने आदेश क्रमांक 513/31.5.2020 में एनटीसीए के 30.4.20 के पत्र का हवाला देते हुए राज्य के स्याघ्र आरक्षिति बंद रहने की जानकारी दी। नेशनल पार्क पर्यटन के लिए नहीं खुल सका। एनटीसीए ने कोरोना के कारण 20 अप्रेल को ऑर्डर देकर 15 जून तक सभी टाइगर रिजर्व को बंद रखने का निर्णय लिया था।

कोरोना के चलते 18 मार्च रणथम्भौर में पर्यटन बंद है

  • आगामी आदेशों तक रणथम्भौर नेशनल पार्क में पर्यटन गतिविधियां बंद रहेंगी। कोरोना के चलते 18 मार्च रणथम्भौर में पर्यटन बंद है। 18 मार्च से 31 मई तक दो करोड़ तथा 30 जून तक लगभग पौने तीन करोड़ रुपए के राजस्व का सरकार को नुकसान हुआ है। करंट बुकिंग से भी राजस्व प्राप्त होता है, जो अलग है।

-सुमित बंसल, एसीएफ पर्यटन, रणथम्भौर नेशनल पार्क, सवाईमाधोपुर

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