पेपर लीक मामले का मास्टर माइंड:रीट पेपर लीक मामले का मास्टर माइंड है संजय, उसी ने उपलब्ध करवाए थे पर्चे

सवाई माधोपुर2 महीने पहले
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  • कार्रवाई : पेपर लीक के मामले में सरकार ने जिला शिक्षाधिकारी राधेश्याम मीना को भी हटाया

रीट परीक्षा-2021 को लेकर अब जिले के शिक्षा विभाग से जुड़े आला अधिकारी भी संदेह के घेरे में है। रीट परीक्षा में संदेहास्पद भूमिका होने पर शासन उप सचिव शिक्षा विभाग मोहम्मद सलीम खान ने जिला शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय) प्रारम्भिक शिक्षा सवाईमाधोपुर राधेश्याम मीना को निलम्बित किया है। निलंबन काल में जिला शिक्षाधिकारी का मुख्यालय निदेशक माध्यमिक शिक्षा, बीकानेर होगा।

उल्लेखनीय है कि रीट परीक्षा 2021 में गंगापुरसिटी के परीक्षा केन्द्रों पर नकल कराने के मामले में एसओजी टीम व कोतवाली गंगापुर सिटी थाना पुलिस ने पुलिस उपाधीक्षक शहर सवाईमाधोपुर के रीडर देवेन्द्र गुर्जर व एसटीपीएफ कांस्टेबल यदुवीर सिंह गुर्जर को पत्नियों को नकल कराने के मामले में अपनी गिरफ्त में लिया था। साथ ही मामले से जुड़े एक अन्य आरोपी संजय मीना निवासी भारजा नदी मलारना डूंगर को भी गिरफ्तार किया था। आरोपी ग्रुप का मास्टर माइंड था। वह ही पेपर उपलब्ध कराता था। वहीं एसओजी टीम व कोतवाली गंगापुर सिटी थाना पुलिस ने 26 सितम्बर को आरोपी देवेन्द्र सिंह, उसकी पत्नी लक्ष्मी गुर्जर, यदुवीर सिंह, उसकी पत्नी सीमा गुर्जर, ऊषा सिंह, मनीषा मीना निवासी भारजा नदी व दिलखुश मीना को पकड़ा था।

आरोपी चार दिन के पुलिस रिमांड पर हैं। आठ आरोपियों में से मामले का एक बाल अपचारी को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे 4 अक्टूबर तक बाल सम्प्रेषण गृह भेज दिया।राजस्थान शिक्षक पात्रता परीक्षा (रीट) को लेकर नए-नए खुलासे हो रहे हैं। रीट परीक्षा में गड़बड़ी के मास्टर माइंड सहित आठ लोगों की गिरफ्तारी के बाद मामले में सवाईमाधोपुर जिला शिक्षाधिकारी प्रारम्भिक सवाईमाधोपुर की भूमिका संदेहास्पद पाई गई है। इसके चलते जिला शिक्षाधिकारी राधेश्याम मीना को शासन उप सचिव शिक्षा विभाग मोहम्मद सलीम खान ने निलम्बित किया है।

पेपर लीक करने का 15 लाख में सौदा करने के दो आरोपियों को भेजा न्यायिक अभिरक्षा में

गंगापुर सिटी|उदेई मोड़ थाना पुलिस ने रीट परीक्षा में पेपर लीक कर परीक्षा से पहले उपलब्ध कराने के आरोप में पकड़े गए दो आरोपियों को मंगलवार को न्यायालय में पेश किया। उदेई मोड थानाधिकारी गंभीरसिंह ने बताया कि आरोपी देशराज मीना पुत्र हरकेश मीना निवासी कुंडली थाना बामनवास व भीम सिंह को न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया जहां दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में भेजने के आदेश जारी किए हैं। उल्लेखनीय है कि उदेई मोड थाना पुलिस ने रीट परीक्षा में पेपर बेचने के फर्जी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 24 सितंबर को देशराज मीना को गिरफ्तार किया था। बाद में पूछताछ करने के बाद देशराज का एक अन्य साथी भीम सिंह भी दूसरे दिन पकड़ा गया था। दोनों पुलिस रिमांड पर चल रहे थे। मंगलवार को दोनों जनों को पेश करने के बाद मजिस्ट्रेट ने न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया।

मुख्य आरोपी संजय मीना 12वीं तक पढ़ा-लिखा है इस पूरे मामले के मुख्य आरोपी संजय मीना (26) पुत्र रामावतार मीना निवासी भारजा नदी के बारे में जानकारी करने पर पता चला कि उक्त युवक ने 12वीं तक पढ़ाई की है। एक साल पहले तक पुलिस की मिलीभगत से ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से बजरी का परिवहन करता था। इसी दौरान भाड़ौती चौकी पर तैनात पुलिस के सिपाही देवेंद्र गुर्जर से इसकी घनिष्ठता हो गई। लगभग एक साल पहले संजय मीणा यहां से बजरी का काम छोड़ कर जयपुर चला गया और वहां जाकर व क्या कर रहा था, इस बारे में किसी को कोई जानकारी नहीं है।

पिता एवं परिवार के लोग खेती से ही अपनी आजीविका का पालन करते हैं। पुलिस तंत्र अभी इस पूरे जाल के बारे में संजय एवं बाकी लोगों से पूछताछ कर रहा है। आखिर संजय जयपुर में किन लोगों के संपर्क में आया और उसने किस गैंग के साथ मिल कर किस प्रकार पेपर का समय से पहले जुगाड़ किया था। यह रैकेट कब से इस प्रकार के काम कर रहा था और अब तक किस किस परीक्षा में इस प्रकार पेपर का जुगाड़ कर सिस्टम को धत्ता दिखा रहे थे। अभी इस मामले में कई खुलासे होने बाकी है।

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