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मानसून में देरी, खेत खाली:अब तक 74 मिमी ही बारिश , 95% खेत खाली, 15 जुलाई तक ही रहता है खरीफ की बुवाई का समय, अब पछेती होगी फसलें

सवाई माधोपुर12 दिन पहले
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सवाई माधोपुर| जीनापुर गांव के पास बोआई के अभाव में खाली पड़ा खेत। - Dainik Bhaskar
सवाई माधोपुर| जीनापुर गांव के पास बोआई के अभाव में खाली पड़ा खेत।
  • तेज गर्मी से अंकुरित होने से पहले ही नष्ट हुए बीज

जिले में इस बार मानसून तरसा रहा है। जुलाई माह आधा बीत चुका है, लेकिन अभी तक अच्छी बारिश के अभाव में बोआई नहीं होने से खेत खाली पड़े हुए हैं। कृषि विभाग द्वारा तय किए गए खरीफ की बोआई के लक्ष्य के अनुरूप अभी तक जिले में 5 प्रतिशत खेतों में ही बोआई है। ऐसे में 95 प्रतिशत खेत अभी भी खाली हैं। मानसून की बेरूखी से किसानों की चिंता भी बढ़ रही है। क्योंकि देरी से बुवाई से फसल देर से पकेगी। इसका असर रबी सीजन की फसलों पर भी पड़ेगा।

जिले में वर्ष 2019 में मानसून ने 2 जुलाई तक दस्तक दी थी। इस बार जिले में 11 जुलाई से सक्रिय हुए मानसून में छितराई बूंदाबांदी हो रही है। इससे कई क्षेत्रों में उमस व गर्मी से लोग बेहाल है। बादल छाए रहने और हवा चलने से तीन दिनों से तापमान में तो गिरावट दर्ज की गई, लेकिन उमस से लोग अभी भी परेशान हैं। बुधवार को दोपहर में हल्की बूंदाबांदी हुई। जिले में इस बार मानसून की बेरूखी के कारण अब तक 74 मिमी औसत बारिश दर्ज की गई है। इससे किसानों के खेत बुवाई नहीं होने से खाली पड़े हैं।

सवाई माधोपुर में 1 लाख 15 हजार 62 हेक्टेयर में तथा गंगापुर में 76 हजार 708 हेक्टेयर में बोआई का लक्ष्य रखा है। जिले में कुल एक लाख 91 हजार 770 हेक्टेयर में बोआई के लक्ष्य के अनुपात में अभी तक करीब साढे़ 9 हजार हेक्टेयर में बोआई हुई है। वह भी तेज गर्मी के कारण अंकुरित होने से पहले ही बीज नष्ट हो गया है। अब बारिश होने के बाद ही संबंधित किसानों को दुबारा से बोआई करनी पडे़गी।

2016 में हुई थी सर्वाधिक बारिश जिले में पिछले 9 वर्षों के दौरान वर्ष 2016 में जुलाई माह तक सर्वाधिक 446.2 एमएम बारिश हुई थी। हालांकि 2013 में 401 एमएम बारिश हुई। इसके बाद दो वर्षों तक बारिश में गिरावट आई। 2016 में सर्वाधिक बारिश के बाद फिर से लगातार बारिश में गिरावट आती चली गई। वर्ष 2013 से अब तक 9 वर्षों के दौरान हुई बारिश की तुलना करें तो सबसे कम बारिश वर्ष इसी वर्ष हुई है।

सिंचाई विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार जिले में 13 जुलाई तक 74 एमएम बारिश हुई है, जबकि गत वर्ष 13 जुलाई तक 90 एमएम बारिश दर्ज की गई थी।21 जुलाई के बाद बोवाई अनियमितकृषि विभाग के उपनिदेशक ने बताया कि 15 जुलाई तक खरीफ की बोआई का समय है। बारिश में देरी होने पर 21 जुलाई तक बोआई कर सकते है। इसके बाद बोआई अनियमित वर्षा की श्रेणी में आ जाती है।^जिले में 1 लाख 91 हजार 770 हेक्टेयर में खरीफ की बोआई के लक्ष्य की तुलना में 9 हजार से अधिक हेक्टेयर में बोआई हुई है। अब बारिश होने से बोआई में तेजी आएगी।-राधेश्याम मीना, कृषि उपनिदेशक

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