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ब्लैक फंगस का दूसरा केस:बालिका की आंख में सूजन, डॉक्टरों ने जयपुर रेफर किया; 17 मई को चौथ का बरवाड़ा तहसील के भेड़ोला गांव में मिला था पहला मामला

सवाई माधोपुर13 दिन पहले
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सवाई माधोपुर| बालिका, जिसे ब्लैक फंगस के लक्षण। - Dainik Bhaskar
सवाई माधोपुर| बालिका, जिसे ब्लैक फंगस के लक्षण।

कोरोना की दूसरी लहर के साथ ही जिले में ब्लैक फंगस का खतरा पैदा हो गया है। अलीगढ़ के कोल्या गांव निवासी आरती के पिता कमलेश बैरवा ने बताया कि आरती को करीब 10-15 दिन से आंख में दर्द होने के साथ ही सूजन भी आ रहा है। जिला अस्पताल में चिकित्सक को दिखाने पर उन्होंने जांचे लिखी।

जांच में शुगर अधिक आने पर ब्लैक फंगस की आशंका जताते हुए जयपुर रेफर कर दिया। ब्लैक फंगस का पहला मरीज 17 मई को चौथ का बरवाड़ा तहसील के भेड़ोला गांव से मिलने के बाद जिला अस्पताल में इस रोग से पीडित एक बालिका जिला अस्पताल में आई, जिसे ब्लैक फंगस की संदिग्ध रोगी मानते हुए जयपुर रेफर कर दिया।

डायबिटीज के मरीजों को खतरा

चिकित्सकों के अनुसार जिन मरीजों की अनकंट्रोल्ड डायबिटीज है या फिर कैंसर की बीमारी के चलते दवाएं चल रही है, उन मरीजों का इम्युनो असंतुलित हो जाता है। कोविड पॉजिटिव होने पर संक्रमण ज्यादा गंभीर होने के चलते ब्लैक फंगस होने का खतरा रहता है।

डायबिटीज के मरीज जो कोरोना संक्रमण से पीडित हैं, उनमें 90 फीसदी ऐसे मरीजों को इसका खतरा ज्यादा रहता है। इसकी वजह यह है कि डायबिटीज के कोविड पॉजिटिव मरीजों का संक्रमण कंट्रोल करने के लिए स्टेरॉयड दिए जाते हैं, जिसकी वजह से म्यूकर माइकोसिस हो जाता है।

लक्षण : चेहरे पर सूजन, आंखों में दर्द

डॉ. उमेश जाटव के अनुसार इस बीमारी में चेहरे पर सूजन, सिर और आंखों में तेज दर्द के साथ सूजन हो जाती है। यह इंफेक्शन ब्रेन में जा सकता है। इसके अलावा चेहरा सुन्न हो सकता हैं। नाक के किनारों पर कालापन और चेहरे पर ब्लैक दाग पड़ सकते हैं। शुगर वाले मरीजों में भी ब्लैक फंगस की संभावना है। इसे म्यूकोरमाइकोसिस कहते है। काँन्ट्रासीटी एमआरआई जांच में इसका पता चलता है।

ब्लैक फंगस के रोगियों को भर्ती करने के लिए मेडिकल कॉलेज स्तर पर व्यवस्था की गई है। अभी तक अस्पताल में दो मरीज आए हैं।
-डॉ. बी.एल. मीना, पीएमओ, सामान्य चिकित्सालय सवाई माधोपुर

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