अहिंसा यात्रा:आचार्यश्री महाश्रमणजी को सूरवाल आने पर किसानों ने अमरूद भेंट किए

सवाई माधोपुरएक महीने पहले
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  • प्रवचन देने के बाद सिनोली पहुंची आचार्यश्री की अहिंसा यात्रा

जैन श्वेतांबर तेरापंथ धर्मसंघ के एकादशमाधिशास्ता आचार्यश्री महाश्रमणजी ने मंगलवार को अपनी धवल सेना के साथ सवाई माधोपुर जिला मुख्यालय स्थित आदर्शनगर से मंगल प्रस्थान किया। विहार मार्ग के दोनों ओर गेहूं, सरसों के दूर-दूर तक फैले खेत प्रकृतिप्रेमियों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे थे। इसके साथ ही अमरूदों के बगानों में लगे फल भी इस नगरी के उपनाम को सार्थक बना रहे थे। बागानों में काम करने वाले ग्रामीण श्रद्धालु संत की अभिवंदना में अमरूद की टोकरी तो कहीं अपने गमछे व आंचल में अमरूद लेकर समर्पित कर रहे थे।

जैन साधुचर्या के अनुशास्ता सभी के भावों को स्वीकार कर लोगों को आशीर्वाद प्रदान कर आगे बढ़ते रहे। लगभग नौ किलोमीटर का विहार कर आचार्यश्री सूरवाल गांव की सीमा में पहुंचे। स्वागत जुलूस के साथ सूरवालवासी अपने आराध्य के चरणों का अनुगमन करते हुए चल पड़े। स्वागत जुलूस के साथ आचार्यश्री सूरवाल स्थित राउमावि के प्रांगण में पहुंचे। विद्यालय परिसर में आयोजित प्रवचन कार्यक्रम में आचार्यश्री के आगमन से पूर्व मुख्यनियोजिका साध्वी विश्रुतविभाजी ने लोगों को उत्प्रेरित किया। इसके बाद आचार्यश्री मध्याह्न करीब बारह बजे मंचासीन हुए। मंगल महामंत्रोच्चार कर आचार्यश्री महाश्रमणजी ने सूरवालवासियों को सम्यक्त्व दीक्षा (गुरुधारणा) कराई। इसके बाद जनसमूह को मंगल प्रेरणा प्रदान करते हुए कहा कि एक नीतिगत बात बताई गई है कि थोड़े लाभ के लिए ज्यादा हानि नहीं उठानी चाहिए। इसलिए दुर्लभ मानव जीवन को व्यर्थ नहीं गंवाना चाहिए।

क्षणिक सुखानुभूति के लिए आदमी को परम सुख को नहीं गंवाना चाहिए। चोरी, हिंसा, झूठ, धोखाधड़ी से बचने का प्रयास करना चाहिए। आदमी अमूल्य ईमानदारी को तुच्छ बेईमानी के लिए नहीं खोना चाहिए। अन्याय, अनीति से नहीं बल्कि न्याय और नीति से धनोपार्जन करने का प्रयास करना चाहिए। दुकान व बाजार में ईमानदारी और नैतिकता की देवी रहें तो अच्छा हो सकता है। आचार्यश्री ने ्उर्पर्स्थिर्तर्र्र्र्र्र्र्र लोगों को पावन प्रेरणा प्रदान संकल्पत्रयी ग्रहण करने का आह्वान किया तो भावाविभोर लोगों ने श्रीमुख से अहिंसा यात्रा के तीनों संकल्पों को स्वीकार किया। आचार्यश्री के स्वागत में स्थानीय तेरापंथी सभा के अध्यक्ष राजेश जैन, महिला मंडल से सीमा जैन, पारुल, सैफाली जैन, धर्मेश जैन ने अपने विचार व्यक्त किए। सूरवाल पंचायत समिति के डायरेक्टर नमोनारायण मीणा ने भी आचार्यश्री के स्वागत में अपनी भाव अभिव्यक्ति दी। अपने विहार करने के क्रम को जारी रखते हुए शांतिदूत आचार्यश्री महाश्रमणजी सूरवाल से प्रस्थित हुए। लगभग आठ किलोमीटर का विहार कर आचार्यश्री अपनी धवल सेना का कुशल नेतृत्व करते हुए सिनोली स्थित राउप्रावि के प्रांगण में रात्रिकालीन प्रवास के लिए पहुंचे।

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