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आर्थिक सहायता के लिए चिह्नित:फेफड़ों में 50% से अधिक संक्रमण था, कोविड वार्डों में 246 मौत, चिकित्सा विभाग 73 मौतें बता रहा, 26 विधवा महिलाएं आर्थिक सहायता के लिए चिह्नित

सवाई माधोपुर19 दिन पहले
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अप्रैल व मई माह मे कोरोना ने ऐसा कहर ढहाया कि कई परिवारों से उनका मुखिया छीन लिया। ऐसे में मुखिया को खो देने वाली कई विधवा महिलाएं ऐसी है, जिनके सामने आज आर्थिक संकट मुंह बाहे खड़ा है। किस्मत भी देखिए, इन विधवा व बच्चों की सरकारी स्तर पर आर्थिक सहायता में भी आरटीपीसीआर की रिपोर्ट रोडा बन गई है। जबकि संबंधित मृतकों की एचआरसीटी की रिपोर्ट में 50 से 75 प्रतिशत तक संक्रमण मिला है। वहीं कोरोना वार्ड में भर्ती रहते हुए इलाज भी कोरोना का ही मिला है। इसके बावजूद प्रशासन ने संबंधित मृतकों की विधवा महिलाओं व बच्चों को मुख्यमंत्री आर्थिक सहायता व कोरोना बाल कल्याण योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता से वंचित कर दिया है।

इन्हीं में से एक है केशव नगर निवासी मृतक अशोक शर्मा की पत्नी रीना।अशोक शर्मा की 3 मई को कोरोना के चलते मृत्यु हो गई। घर में वही एक कमाने वाला था। अशोक की मृत्यु के बाद दो बेटियों की जिम्मेदारी अब मृतक की पत्नी रीना शर्मा पर आ गई। घर मे कमाने वाला नहीं रहने से अब इस परिवार के सामने आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।फेफड़ों में 50 से 75 फीसदी संक्रमणमृतक की पत्नी रीना शर्मा ने बताया कि पति की तबीयत ज्यादा खराब होने पर उन्होंने 27 अप्रैल को जिला अस्पताल में भर्ती करवाया था। चिकित्सक के कहने पर उन्होंने 30 अप्रैल को एचआरसीटी करवाई। एचआरसीटी की रिपोर्ट में बांए तरफ के फेफड़े के ऊपरी हिस्से में 75 तथा दाएं व बाएं दोनों फेफड़ों के निचले हिस्से में 50 फीसदी संक्रमण मिला है।

इसके बाद उन्होंने आरटीपीसीआर की जांच भी करवाई। एक मई को मिली आरटीपीसीआर की रिपोर्ट में सैंपल इंक्लूसिव बताया। दुबारा सैंपल देते इससे पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया।73 को ही माना कोरोना मृतककोरोना काल के दौरान जिले के अस्पतालों के कोविड वार्डों में 246 मौतें हुई है, लेकिन चिकित्सा प्रशासन ने इनमें से केवल 73 मौतों को ही कोरोना से होना माना है। जबकि कोरोना वार्डों में दम तोड़ने वाले शेष 173 मृतकों को चिकित्सा प्रशासन ने कोरोना मरीज मानते हुए ही कोरोना वार्ड में भर्ती कर इलाज किया था। इतना ही नहीं इनमें से अधिकांश मृतकों की एचआरसीटी रिपोर्ट में भी फेफड़ों में 50 से 75 प्रतिशत तक संक्रमण मिला है। इसके बावजूद इन मृतकों को कोरोना मृतक की सूची में शामिल नहीं किया है। इसके चलते इनके आश्रितों को मिलने वाली सरकारी आर्थिक सहायता पर पानी फिर गया है।26 विधवाओं को ही मिला आर्थिक संबलचिकित्सा विभाग व जिला प्रशासन ने कोरोना काल में हुई 246 मौतों में से 73 मृतकों की मौत कोरोना से होना माना है।

खास बात यह है कि इन 73 मृतकों में 47 पुरुष व 26 महिला मृतक शामिल है। जबकि जिला प्रशासन ने आर्थिक सहायता के लिए 47 विधवा महिलाओं में से 26 विधवाओं को ही चिंहित किया है। ऐसे में 21 महिलाएं तो फिर भी आर्थिक सहायता से वंचित रह गई।आरटीपीसीआर रिपोर्ट ही मान्य^आरटीपीसीआर रिपोर्ट के अनुसार जिले में कोरोना से 53 मौतें हुई है। गाइड लाइन के अनुसार आरटीपीसीआर रिपोर्ट ही मान्य है। ऐसे कई केस हैं, लेकिन अभी तक नई गाइडलाइन आई नहीं है।-डॉ. कमलेश मीना, आरसीएचओ

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