लापरवाही:गंगापुर सिटी से कोटा तक बिना गार्ड के दौड़ी दो मालगाड़ियां

सवाई माधोपुरएक महीने पहले
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  • कोटा मंडल में 140 गार्ड ज्यादा बताए जा रहे हैं,फिर भी सुरक्षा के प्रति अधिकारी सुस्त

गंगापुर से कोटा तक दो मालगाडिय़ों को बिना गार्ड के चलाने का मामला सामने आया है। मामले में खास बात यह है कि रेलवे ने कोटा मंडल में 140 गार्डों को ज्यादा घोषित कर रखा है। इसके बाद भी बिना गार्ड के गाडी चलाना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा रहा है। इस संबंध में वेस्ट सेन्ट्रल रेलवे एम्पलाइज यूनियन और वेस्ट सेन्ट्रल रेलवे मजदूर संघ ने कहा कि इस प्रकार रेलवे अधिकारियों ने संरक्षा को ताक में रखकर नियम के विरुद्ध मालगाडिय़ों का संचालन किया है उसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। स्टाफ कर्मियों ने बताया कि एक तरफ प्रशासन द्वारा कोटा मंडल में पद के मुकाबले 140 गार्डों को ज्यादा बताया जा रहा है। इन गार्डों को जबलपुर मंडल भेजने की तैयारी की जा रही है। वहीं दूसरी तरफ प्रशासन गार्डों की कमी बताते हुए बिना गार्डों के ही ट्रेनों को चलवा रहा है। अधिकारियों ने गंगापुर में गार्डों की कमी बताते हुए ही बिना गार्डों के ट्रेनों को रवाना करने की बात कही है। अजयपाल सिंह, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक, कोटा मंडल ने बताया कि आने वाले समय में रेलवे की योजना सभी मालगाडिय़ों को बिना गार्ड के चलाने का है। अभी कुछ गाडिय़ों बिना गार्ड के चलाकर देखा जा रहा है कि क्या दिक्कत आती है। इसीलिए इन दो गाडिय़ों को बिना गार्ड के भेजा गया। यह रेलवे के नियमों के मुताबिक किया गया, इसमें कुछ गलत नहीं है।

बिना गार्ड गाड़ी चलाना नियमों विरुद्ध

कर्मचारियों ने बताया कि प्रशासन की इस विरोधाभासी कार्यप्रणाली के चलते रेल संरक्षा को गंभीर खतरा उत्पन्न हो रहा है। इससे बिना गार्ड के दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। हालांकि कई जगह रेलवे द्वारा बिना गार्डों के ट्रेन संचालन का परीक्षण किया जा रहा है लेकिन कोटा मंडल में फिलहाल यह सुविधा उपलब्ध नहीं है इसलिए बिना गार्ड गाड़ी चलाना नियमों के विरुद्ध है। इस तरह की प्रक्रिया से कभी भी गंभीर दुर्घटना घटित हो सकती है। इसीलिए रेलवे ने किसी भी कीमत पर बिना गार्ड के गाड़ी नहीं चले इसके लिए बीओआर विश्राम भंग भत्ता बनाया है। विश्राम भंगभत्ता देकर गाड़ी चलवानी चाहिए ना कि गार्ड के बिना संरक्षा एवं सुरक्षा को ताक में रखकर गाड़ी चलवानी चाहिए। इससे रेलवे गार्डों के संगठन और रेलवे की दोनों यूनियनों ने इसका विरोध करना शुरु कर दिया है। वेस्ट सेन्ट्रल रेलवे एम्पलाइज यूनियन के मंडल उपाध्यक्ष नरेन्द्र जैन ने बताया कि रेलवे प्रशासन ने रविवार को दो मालगाड़ी बिना गार्ड के संचालन करना संरक्षा को ताक में रखकर काम किया है। जो कि नियम के विरुद्ध है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में वेस्ट सेट्रल रेलवे एम्पलाइज यूनियन जल्दी ही रेलवे के उच्चाधिकारियों से बात करेगी। दूसरी ओर वेस्ट सेन्ट्रल रेलवे मजदूर संघ के मंडल उप सचिव डी.के. शर्मा ने बताया कि बिना गार्ड के मालगाडिय़ों का संचालन का निर्णय अधिकारियों द्वारा लिया गया गलत है।

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