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विरासत संवारने में जुटा पुरातत्व विभाग...:रानी महल के पीछे मलबे के नीचे पानी का हौज-फुलवारिया मिलीं, सिंहजी की हवेली के नीचे मिले भवन का जीर्णोद्धार शुरू

सवाई माधोपुर22 दिन पहले
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  • 2013 में वर्ल्ड हेरिटेज की सूची में शामिल रणथंभौर दुर्ग अब फिर से मूल स्वरूप में नजर आएगा
  • रणथंभौर दुर्ग में मलबे के नीचे मिले पानी के हौज व धोरे; ऐतिहासिक विरासत जिससे अब तक अनजान थे

वर्षो तक उपेक्षा व अनदेखी से खंडहर बन गुमनामी की ओर बढ़ते सवाई माधोपुर को अतीत से जोड़ने वाले रणथंभौर दुर्ग को अब पुरातत्व विभाग संवारने में जुट गया है। वर्ष 21 जून 2013 में वर्ल्ड हेरिटेज की सूची में शामिल यह दुर्ग अब फिर से मूल स्वरूप में नजर आएगा। हम्मीर महल के बगल में स्थित वर्षों से जमीदोंज रानी महल के पीछे मलबे के नीचे मैदान के बीच में पानी का एक हौज मिला है। इस हौज से समकोण आकृति पर चारों दिशाओं में पानी के धोरेनुमा निर्माण व क्यारियां तथा धोरों के दोनों तरफ पैदल चलने के लिए पाथ-वे के प्रमाण है। इसके पास ही एक खंडहर महल है। अब इसके चार स्तंभ व जर्जर दीवारें शेष बची है। विभाग का ऐसा मानना है कि रानी महल के पीछे इस स्थान पर फुलवारी रही होगी।

विभाग यहां पड़े मलबे को हटाकर पुराने निर्माण के अनुसार फुलवारी विकसित करेगा।विश्व धरोहर की सूची में शामिल साढ़े 11 सौ साल पुराने रणथंभौर दुर्ग की खंडहर होती जा रही पुरा संपदा इसके महत्व को आज भी दर्शाती है। अब पुरातत्व विभाग खंडहर होते इस दुर्ग में स्थित हवेली, मंदिर, छतरी व महल को फिर से मूल स्वरूप देने में जुटा है।

रणथंभौर दुर्ग को संवारने में जुटे पुरातत्व विभाग को हम्मीर गार्डन के पास चार मंजिला सिंहजी की हवेली का एक मंजिला निर्माण भूमिगत मिला है। अब तक इस हवेली के चारों तरफ झांड-झंकाल व पेड पौधे होने से लोगों की निगाह से अछूती थी। लेकिन विभाग द्वारा जीर्णोद्धार कार्य शुरू किए जाने से यहां आने वाले श्रद्धालुओं व पर्यटकों के लिए हवेली आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इस हवेली के दो मुख्य द्वार जैन मंदिर की तरफ है। एक छोटा द्वार गणेश मंदिर मार्ग की तरफ कोने में है।

हम्मीर महल को भी लिया प्लानिंग में : अधीक्षक^दुर्ग में कुछ स्थानों पर जीर्णोद्धार करवा दिया है। हम्मीर महल को भी प्लानिंग में लिया है। रानी महल के पीछे अभी शुरूआती तौर पर देखने में ऐसा ही सामने आ रहा है कि शायद पहले फाउंटेन और फुलवारी रही होगी। जो बजट मिलता है, उसी में से अलग-अलग मोन्यूमेंट्स के रिनोवेशन के लिए प्राथमिकता के आधार पर राशि निर्धारित करते हैं।प्रवीण सिंह, अधीक्षक,पुरातत्व विभाग, जयपुर

गणेशजी के दर्शनार्थ आने वाली महिला दर्शनार्थियों के लिए विभाग बनवा रहा बेबी फीडिंग रूम, स्तनपान करा सकेंगी

रणथंभौर दुर्ग में भ्रमण करने के लिए आने वाली महिला पर्यटकों सहित त्रिनेत्र गणेश जी के दर्शनार्थ आने वाली महिला श्रद्धालु अब अपने बच्चों को कमरे में सोफे पर बैठकर आराम से स्तन पान करवा सकेंगी। इसके लिए पुरातत्व विभाग की ओर से अंधेरी गेट से थोड़ा आगे दाईं तरफ पुराने कमरे का जीर्णोद्धार करवाकर बेबी फीडिंग रूम बनाया जा रहा है। यह कमरा तैयार होने के बाद पर्यटक व श्रद्धालु महिलाओं के बैठने के लिए सोफे लगाए जाएंगे।

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