कलश यात्रा:गंगा माता के जयकारों के साथ महिलाओं ने गाजे-बाजे से निकाली कलश यात्रा

सवाई माधोपुरएक महीने पहले
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सवाई माधोपुर। परमहंस योगाश्रम में शुरू हुई भागवत कथा से पूर्व कलश यात्रा निकालती महिलाएं। - Dainik Bhaskar
सवाई माधोपुर। परमहंस योगाश्रम में शुरू हुई भागवत कथा से पूर्व कलश यात्रा निकालती महिलाएं।
  • परमहंस योगाश्रम में श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ शुरू , कथावाचक ने समझाया भागवत के श्रवण का महत्व

जिला मुख्यालय के अखिल भारतीय योग विधा प्रचार संघ विशुद्धानंद परमहंस योगाश्रम में मां राधे परमहंस के सानिध्य में मंगलवार को प्रथम संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ हुआ। व्यवस्था समिति के अध्यक्ष चंदू शर्मा ने बताया कि इस अवसर पर शहर के काला गौरा भैरू मंदिर के पास गंगाजी की कोठी से प्रातः 11 बजे कलश पूजन, ध्वजा पूजन, श्रीमद्भागवत पूजन किया गया। इसके बाद पचरंगी ध्वजा एवं घोडी की बोली आवंड निवासी प्रेमशंकर गुर्जर के नाम 5100 रुपए में छूटी। इसके बाद प्रधान कलश की बोली मूलचंद माली, पीतल के कलश की चंदू शर्मा के नाम 5100 रुपए में, ब्रह्म कलश की बोली 18500 रुपए में लालसोट से पधारे सुरेश शर्मा ने छूटी। इसी प्रकार श्रीमद्भागवत कथा की बोली शंकरलाल सैनी के नाम 25000 रुपए में छूटी। इसके बाद महिलाओं द्वारा सिर पर कलश धारण कर गंगा मइया के जयकारों और गाजे बाजे के साथ कलश यात्रा निकाली गई। कलश यात्राका मार्ग में जगह-जगह पुष्प वर्षा के साथ स्वागत किया गया। विभिन्न मार्गों से होती हुई कलश यात्रा अंत में कथास्थल पहुंची। इसके बाद कथावाचक पंडित अमित वशिष्टजी महाराज ने भागवत कथा के श्रवण का महत्व समझाया। कथावाचक ने कथा में कहा कि हमारा मन दर्पण के समान है। जिस प्रकार दर्पण गंदा हो जाता है तो उसको हम कपड़े से बार-बार साफ करते हैं, उसी प्रकार से हमारा मन जब विकार युक्त हो जाता है तो कथा के माध्यम से सत्संग के माध्यम से निरंतर भगवान के नाम के सुमिरन करते हुए मन को निर्मल किया जाता है। जिसका मन निर्मल होता है, वह भगवान प्रिय है। कथा के बीच-बीच में भजनों की मधुर स्वर लहरियों पर महिलाओं ने भक्तिरस में झूमते हुए ठुमके भी लगाए। अंत में आरती कर प्रसाद वितरित किया गया। इस अवसर पर उपाध्यक्ष हनुमान सिंह नरूका, कोषाध्यक्ष राजेश सैनी, महामंत्री रविशंकर सैनी, सचिव प्रवीण त्रिवेदी, संयोजक देवप्रकाश सैनी, कृष्ण गोविन्द, भागीरथ माली, गोविन्दा माली, मुरलीधर मालाकार, पिंकी शर्मा, अन्नु शर्मा, आशा शर्मा, सीमा सैनी, पंडित चेतन शुक्ला, पंडित महेश शर्मा, जितेंद्र सैनी, प्रकाश, विनोद, मंजूलता, विमला, बिलासी सहित कई श्रोतागण मौजूद रहे।

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