कौशल विकास योजना:प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत आयोजित प्रशिक्षण कार्यशाला में 24 लाभान्वित

टोंक6 महीने पहले
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टोंक| टोंक में आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला में उपस्थित निटको के प्रतिनिधि और लाभार्थी। - Dainik Bhaskar
टोंक| टोंक में आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला में उपस्थित निटको के प्रतिनिधि और लाभार्थी।

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत टोंक में दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया। निटको की ओर से लर्नेट स्किल्स लिमिटेड़ के सहयोग से आयोजित कार्यशाला का उद्देश्य मिस्त्रियों की विशेषज्ञता एवं पेशेवर क्षमता निर्मित कर अनुभवी मिस्त्रियों को प्रशिक्षक बनाकर टोंक में ’मेसन टाइलिंग’ प्रोग्राम का संचालन करना हैं। कार्यशाला में 15 साल से अधिक के अनुभव वाले 35 से 50 साल के 24 मिस्त्रियों को प्रशिक्षण दिया गया। निटको के विशेषज्ञों ने टाइलों की बुनियादी जानकारी, टाइलों के प्रकार, उनमें इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल, टाइल बनने की प्रक्रिया, टाइलों के स्पेसिफिकेशन व उनके इस्तेमाल की जानकारी दी। प्रशिक्षण कार्यशाला के दूसरे दिन मिस्त्रियों को एक ओपन लैब में ले जाकर टाइल्स लगाने की प्रक्रिया समझाई गई।

कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि यहां के बाद आंध्रप्रदेश के दत्तालूर और मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में भी ऐसे ही प्रशिक्षण कार्यशालाएं की जाएंगी। निटको के एमडी विवेक तलवार ने कहा, ’’प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत लर्नेट से जुड़ कर हम बहुत खुश हैं। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम बहुत सफल रहा और इसे बहुत पसंद किया गया। इमारतें बनाने में मिस्त्रियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। हमारा प्रयास है पूरे भारत में व्यापक स्तर पर पहुंचना और अच्छी तरह प्रशिक्षित, पेशेवर एवं प्रमाणित मिस्त्रियों का विशाल समुदाय बनाया जाए।

स्वास्थ्य विभाग की टीम भी हुई सक्रिय, सर्वे का कार्य फिर तेज टोंक|

वर्तमान में कोविड-19 द्वितीय लहर के प्रभाव को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को जागरूक कर रहे हैं। कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए सम्पूर्ण जिले सहित, हाईरिस्क क्षेत्र की पहचान कर उन्हें चिन्हित करके जिला प्रशासन के समन्वय से स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने सघन सर्वे एवं स्क्रीनिंग अभियान चला रखा है। स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए सम्पूर्ण जिलें में डोर टू डोर सर्वे शुरू किया है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें माइक्रो कन्टेन्मेंट जोन तथा गांवों में घर-घर जाकर सर्दी, बुखार, खांसी, जुकाम जैसे आईएलआई लक्षण वाले व्यक्तियों का सर्वे कर रही है।

लक्षण वाले व्यक्तियों की सूची बनाई जा रही है। सीएमएचओ डॉ अशोक कुमार यादव ने बताया कि कोविड-19 रोकथाम व नियंत्रण का कार्य प्रभावी तरीके से किया जा रहा है। माइक्रो कन्टेन्मेंट जोन बनाए गए हैं और सर्वे का कार्य लगातार किया जा रहा है। दूसरे जिलों व राज्य से आए लोगों की जानकारी लेने के साथ उनको कोरोना वायरस से बचाव के बारे में जागरूक भी किया जा रहा है।

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