डीएपी को लेकर मशक्कत:केवीएस में डीएपपी के 500 कट‌्टे आए, लेने पहुंच गए 1 हजार किसान, दो-दो कट‌्टे हिस्से में आए

टोंकएक महीने पहले
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टोंक| क्रय विक्रय सहकारी समिति कार्यालय में डीएपी खाद के इंतजार में बैठे किसान। - Dainik Bhaskar
टोंक| क्रय विक्रय सहकारी समिति कार्यालय में डीएपी खाद के इंतजार में बैठे किसान।

किसानों में डीएपी को लेकर मशक्कत गुरुवार को भी जारी रही। शहर स्थित केवीएस में गुरुवार सुबह डीएपी लेकर पहुंचे वाहन के आने की सूचना पाते ही जिलेभर से कई किसान केन्द्र के बाहर आ डटे। सुबह 10 बजे जब डीएपी बांटने की प्रक्रिया शुरू की गई तो केन्द्र के बाहर करीब एक हजार किसान जमा थे। ऐसे में अधिकारियों ने पुलिस व कृषि विभागीय अधिकारियों को सूचना दी। इसके बाद मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों व कृषि सुपरवाइजरों ने कतार लगाकर 250 किसानों को टोकन बांटे।

इसके बाद अन्य किसानों को जल्द ही डीएपी उपलब्ध कराने का आश्वासन देकर लौटा दिया। कतार में लगे किसानों को दो दो कट्‌टे मुहैया कराए गए। कृषि उपनिदेशक आरके खंडेलवाल ने भी केन्द्र पहुंचकर जानकारी ली। उल्लेखनीय है कि किसानों की ओर से रबी फसलों की बुवाई को लेकर डीएपी की मांग की जा रही है। ऐसे में कई किसान सुबह उठने के साथ डीएपी पाने की मशक्कत में जुट रहे है। मांग अनुसार डीएपी उपलब्ध नहीं होने से किसान यहां से वहां भटक रहे हैं।

आंकड़ों पर भी गौर करे तो जिले को अक्टूबर तक 4.50 हजार मैट्रिक टन डीएपी का आवंटन है। जबकि जिले को महज 2418 मैट्रिक टन ही डीएपी जिले को उपलब्ध हो सका है। खाद व बीज को लेकर संचालित की जा रही ग्राम सेवा सहकारियों के गोदाम रीते पड़े है। किसान इस बात को लेकर परेशान है कि डीएपी के अभाव में फसलों के उत्पादन में कमी आएगी।जानकारी के अनुसार कृषि विभागीय अधिकारी उम्मीद जता रहे है कि जल्द ही जिले में डीएपी की आपूर्ति में ओर अधिक सुधार आएगा। इसका कारण है कि जनप्रतिनिधियों की ओर से भी डिमांड अनुसार आपूर्ति किए जाने की मांग की जा रही हैं, वहीं राज्य को डीएपी की रेक मिलने से जल्द ही सभी जिलों में डीएपी की आपूर्ति सुचारू होने की उम्मीद है।

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