मानसून - बांध 70 प्रतिशत से अधिक भरे:10 दिन में हुई 66 प्रतिशत बारिश, जिले के 34 में से13 बांध लबालब

टोंक2 महीने पहले
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  • जल संसाधन विभाग के बांधों में 56 प्रतिशत से अधिक आया पानी

जिले में पिछले 10 दिनों में मानसून सत्र की औसतन बारिश का 66 प्रतिशत बरसने के बाद सभी बांधों में पानी की आवक हो गई है। यहां तक की मांशी बांध में भी 0.30 मीटर पानी आ गया है। जो लंबे समय से सूखा चल रहा था। बीसलपुर बांध, मोतीसागर, चंदलाई व दाखिया बांध सहित जल संसाधन विभाग के 30 बांधों में भी पानी की आवक हो रही है।मोतीसागर, गलवानिया, श्योदानपुरा, बिठोला, ठिकरिया, माथोलाव, सूंथड़ा, भानपुरा, मोहम्मदगढ, दूदी सागर, कुम्हारिया, ढिबरु सागर सहित जल संसाधन विभाग के 12 बांधों में पानी ओवरफ्लो हो गया है। पांच-छह बांध 70 प्रतिशत से अधिक भर गए हैं, वहीं कई बांध में 50 प्रतिशत से अधिक पानी नजर आने लगा है। जबकि 27 अप्रैल तक हाल ये था कि जिले में तीन बांधों में मामूली पानी की आवक हुई थी।

यानी की 20 प्रतिशत भी पानी नहीं था। लेकिन वर्तमान में जल संसाधन विभाग के बांधों में 56.88 प्रतिशत पानी की आवक हुई है।जिले में शनिवार को अधिकांश बरसात नहीं हुई है। सूरज निकलने के कारण टपक रहे मकानों में भी राहत रही। जिले में शनिवार को सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक पनवाड़ सागर में 9 व पीपलू रेनगेज क्षेत्र में 7 मिमी बारिश दर्ज की गई है। बाकी सभी जगह बारिश नहीं हुई। जिले में शुक्रवार से शनिवार सुबह तक जिले की औसतन 33.09 मिमी बारिश हुई। जिले में अब तक 526.59 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है। जिले में मानसून सत्र में 610 मिमी बारिश को सामान्य बारिश का आंकड़ा माना गया है। जिसके मुकाबले अब तक 526.59 मिमी बारिश शनिवार को सुबह 8 बजे तक दर्ज हो चुकी है।

मानसून सत्र जून से सितंबर तक माना जाता है। अभी करीब पौने दो माह बाकी है। ऐसे में निश्चित रुप से ये कहा जा सकता है कि इस बार भी सामान्य से अधिक बारिश हो सकेगी। जिले में 2019 में सामान्य से 30 प्रतिशत अधिक बारिश हुई थी। लेकिन 2020 में सामान्य से कम बारिश होने के कारण सिंचाई के लिए कई बांधों से पानी नहीं दिया जा सका था। कई बांध खाली रह गए थे। गत वर्ष जल संसाधन विभाग के बांधों में 27 प्रतिशत ही पानी की आवक हो पाई थी। जबकि वर्तमान में 56 प्रतिशत से अधिक पानी आ चुका है।

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