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जीत का टीका:8 माह में लगे साढ़े 7 लाख टीके, अगस्त में रिकॉर्ड 2 लाख लोगों का वैक्सीनेशन

टोंक20 दिन पहले
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टोंक। वैक्सीन से वंचित रहे लोगों को टीकाकरण केंद्र तक लाने के लिए आंगनबाड़ी कार्मिकों की बैठक लेते एडीएम मुरारीलाल शर्मा। - Dainik Bhaskar
टोंक। वैक्सीन से वंचित रहे लोगों को टीकाकरण केंद्र तक लाने के लिए आंगनबाड़ी कार्मिकों की बैठक लेते एडीएम मुरारीलाल शर्मा।
  • अब टीके से वंचित लाेगों के लिए आंगनबाड़ी व धर्मगुरुओं का लेंगे सहयोग

पिछले 8 महीनों से चल रहे टीकाकरण अभियान के तहत जिले के 7 लाख 33 हजार 957 लोगों के अब तक पहली डोज लग चुकी है। सर्वाधिक टीकाकरण अगस्त माह में 2 लाख 11 हजार 212 लोगों के हुआ। जबकि सबसे कम 6086 टीके जनवरी माह में लगे। हर माह बढ़ते गए टीकाकरण अभियान की ही बदौलत है कि जिला वर्तमान में 10 वें स्थान पर आ गया। जबकि पिछले जुलाई माह में जिले का वैक्सीनेशन में 14 वां स्थान रहा था।उल्लेखनीय है कि टीका लगाने की शुरुआत 16 जनवरी से हुई। ऐसे में पिछले 8 माह में 7 लाख 33 हजार 957 टीके लगे। वहीं अगस्त माह ने टीकाकरण का रिकार्ड तोड़ दिया।

अकेले अगस्त माह में ही 2 लाख से अधिक लोगों का टीकाकरण हुआ। वैक्सीनेशन के शुरूआती दौर में 16 जनवरी से हेल्थ केयर वर्कर और फ्रंट लाइन वर्करों के टीके लगाए गए थे। इसके बाद एक मार्च से 60 वर्ष से अधिक बुजुर्गों के टीका लगाने का अभियान शुरू किया गया। एक अप्रैल से 45 से 59 साल के लोगों को तथा 10 मई से 18 से 44 वर्ष के युवाओं को टीका लगाना शुरू किया गया। शुरूआती दौर में जहां टीका लगवाने के प्रति लोगों में भ्रांति थी वहीं टीकों की कमी के चलते टीकाकरण अभियान गति नहीं पकड़ पाया। बाद में कोरोना के बढ़ते असर के बीच चिकित्सा विभाग और जिला प्रशासन की ओर से लोगों के मन में व्याप्त भ्रांतियों को दूर किया गया। ऐसे में लोगों ने भी टीकाकरण के प्रति उत्साह दिखाया।दूसरी डोज लगवाने में लापरवाहीजिले के कई लोग अभी भी स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही बरत रहे हैं और दूसरी डोज लगवाने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। यही कारण है कि जिले में अब तक 82 हजार लोगों को कोविशिल्ड व 17 हजार लोगों के को-वैक्सिन लगाने की अवधि हो चुकी है।

जानकारों के मुताबिक पूर्व में कोरोना की पहली और दूसरी लहर में लोगों के मन में डर था। वहीं कई लोगों की मृत्यु भी हो रही थी। ऐसे में लोगों ने पहला डोज तो लगवा लिया लेकिन अब कोरोना कमजोर होने और जिले में एक भी केस नहीं होने के चलते लोग लापरवाही बरत रहे हैं। ऐसे में यह लापरवाही जान पर भारी पड़ सकती है।जिला प्रतिमाह रैकिंग में बढ़ता चला गया : सीएमएचओसीएमएचओ डॉ. अशाेककुमार यादव ने बताया कि कलेक्टर के प्रयासों के चलते कोरोना वैक्सीनेशन में जिला प्रदेश में 10 वें स्थान पर है। जबकि मई में जिले का स्थान 33वां, जून में 23वां तथा जुलाई माह में 14वां था। जिले को यह उपलब्धि देवली, निवाई, टोडारायसिंह, मालपुरा आदि ब्लाॅकों के दम पर मिली है। जिले में अचीवमेंट से ज्यादा टीकाकरण हुआ है।

टोंक शहर में सबसे कम 51 फीसदी ही वैक्सीन लग पाई है। इसी प्रकार उनियारा क्षेत्र में भी महज 63 प्रतिशत ही टीकाकरण हुआ है। जिले का ऑलओवर टीकाकरण 71 फीसदी हुआ है।वंचित लोगों को टीका लगानेके लिए लेंगे सहयोगसीएमएचओ ने बताया कि पहली व दूसरी डोज लगाने के लिए कलेक्टर के निर्देश पर एडीएम मुरारीलाल शर्मा ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं आदि की बैठक ली है। इसके तहत प्रत्येक कार्मिक को 40 से 50 लोगों को टीका लगाने के लिए केन्द्र तक लाने के लिए प्रेरित किए जाने के निर्देश दिए गए है। इसके अलावा धर्मगुरुओं आदि से भी मिलकर लोगों को प्रेरित किए जाने पर बल दिया जाएगा।

टीकाकरण की अब तक की स्थितिजिले की कुल जनसंख्या- 16 लाख, वैक्सीनेशन होना है- 10 लाख 65 हजार,18 से 44 आयु वाले- 6 लाख 30 हजार45 प्लस से अधिक- 3 लाखअब तक प्रथम डोज लगी-733957दूसरी डोज लगी अब तक-23470218 प्लस के अब तक लगी-39445145 प्लस के अब तक लगी-331150अब तक वैक्सीन की डोज मिली-932000अब तक 9 लाख 32 हजार वैक्सीन की डोज मिल चुकी, इनमें एक लाख 59 हजार कोवैक्सीन भी शामिल : जिले को अब तक 9 लाख 32 हजार वैक्सीन की डोज मिल चुकी। इनमें 7 लाख 33 हजार काेविशिल्ड व एक लाख 59 हजार को-वैक्सिन शामिल है। जिले में लगी कुल डोज में 7 लाख 33 हजार 957 के पहली तथा 2 लाख 34 हजार 702 लोगों के दूसरी डोज लग चुकी है।

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