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बिजली चोरी की समस्या:जिलेे में 7.80 करोड़ यूनिट बिजली सप्लाई हो रही, इसमें से 1.47 करोड़ यूनिट चोरी हो जाती है

टोंकएक महीने पहले
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  • सवाई माधोपुर तहसील में सबसे ज्यादा 59% बिजली चोरी, दूसरे स्थान पर बौंली में 56%

जिलेभर में बिजली चोरी गत वर्ष से बढ़कर 39 प्रतिशत हो गई है। यानी कुल प्राप्त बिजली में से केवल 61 फीसदी बिजली का ही शुल्क निगम को प्राप्त हो रहा है। निगम के आंकड़ों की माने तो जिलेभर में कुल 7 करोड़ 80 लाख यूनिट बिजली आपूर्ति की जा रही है, जिसमें से 1 करोड़ 47 लाख यूनिट बिजली चोरी हो रही है।

बिजली निगम ने एसई से लेकर फीडर इंचार्ज तक को बिजली चोरी रोकने की जिम्मेदारी दी गई है, लेकिन बिजली चोरी रुकने की बजाय बढ़ती जा रही है। गत वर्ष मई महीने में 23.61 प्रतिशत बिजली चोरी हो रही थी, जो कि इस वर्ष मई माह में 15.45 प्रतिशत बढ़कर 39 प्रतिशत हो गई है।

निरीक्षण होता है, लेकिन रुक नहीं रही बिजली चोरी

बात करें जिले में सबसे ज्यादा बिजली चोरी की तो जिला मुख्यालय के शहरी क्षेत्र में 13.41 प्रतिशत व सवाई माधोपुर तहसील क्षेत्र में सबसे ज्यादा 59 प्रतिशत चोरी हो रही है, जो कि जिलेभर में बिजली चोरी के मामले में अव्वल है। सवाई माधोपुर तहसील क्षेत्र में 1 करोड़ 31 लाख यूनिट बिजली आपूर्ति हो रही है, जबकि 91.82 लाख यूनिट बिजली ही बेची जा रही है। इसके बाद बिजली चोरी के मामले में बौंली का दूसरा नंबर आता है। यहां 56 प्रतिशत बिजली चोरी हो रही है।

जिले में 40 प्रतिशत लोग कम वोल्टेज आने की समस्या झेल रहे

1. बिजली चोरी से जिले का करीब 40 प्रतिशत हिस्सा लो वोल्टेज की समस्या से जूझ रहा है, जिसमें भाड़ौती, मलारना चौड़ क्षेत्र के कई गांवों में लो वोल्टेज की समस्या आती रहती है। 2. बिजली चोरी के चलते जिलेभर के उपभोक्ताओं को बिजली ट्रिपिंग और घंटों बिजली कटौती की समस्या से जूझना पड़ रहा है। जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्र में अघोषित बिजली की घंटों तक कटौती की जा रही है। 3. बिजली चोरी के चलते जयपुर डिस्कॉम को करोड़ों की चपत लग रही है। इसका सीधा असर उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है। हर साल बिजली दरों में बढ़ोतरी हो रही है।

लॉकडाउन में बढ़ी बिजली चोरी : एसई
गत वर्ष के मुकाबले इस वर्ष बिजली चोरी क्यों बढ़ी?
मुख्य कारण लंबा लॉकडाउन। लॉकडाउन में बिजली चोरी पर निगम द्वारा कार्रवाई ही नहीं की गई थी।

अब आगे बिजली चोरी कैसे रोकेंगे? अब हमने कार्रवाई शुरू कर दी है। लॉकडाउन हटने से लेकर अब तक 150 वीसीआर भरी जा चुकी है।

वीसीआर किस प्रकार भरते हैं? आजकल वीसीआर भरने का पैटर्न बदल लिया है। अब मोबाइल एेप से ही वीसीआर भरी जा रही है, वो भी मौके पर ही। पहले केवल फोटो खींचने के माध्यम से ही वीसीआर की कार्रवाई की जाती है।

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