अधिक समय पीहर में रहकर मां की करेगी सेवा:शादी से 10 दिन पहले पिता की मौत पर सबसे छोटी बेटी वर्षा जैन ने बांधी दस्तूर की पगड़ी; पंचों ने किया निर्णय

टोंक7 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
वर्षा जैन पगड़ी बांधे हुए। - Dainik Bhaskar
वर्षा जैन पगड़ी बांधे हुए।
  • बेटा नहीं होने से समाज ने सर्वसम्मति से छोटी बेटी की इच्छा से किया पगड़ी दस्तूर

कहते हैं नियति के आगे सब बेबस हैं। ऐसा ही हुआ है पीपलू के कठमाणा गांव की 19 वर्षीय पुत्री वर्षा जैन के साथ। आठ मई को उसकी बड़ी बहन की शादी होनी थी। दस दिन पहले 27 अप्रैल को उसके पिता माधोलाल जैन की मौत हो गई। जिस घर में शादी की शहनाइयां गूंजनी थी, उसमें मातम छा गया। माधोलाल के बेटा नहीं होने के कारण शादी से पहले वर्षा ने सामाजिक सरोकार निभाते हुए गुरुवार को हुए पगड़ी दस्तूर कार्यक्रम के दौरान उत्तराधिकारी के रूप में पगड़ी बांधनी पड़ी।

माधोलाल जैन कुल 6 भाई थे। एक भाई वर्तमान में कठमाणा में ही रहता था। अन्य सभी भाई छत्तीसगढ़ रहते हैं। सभी वर्षों पहले परिवार के साथ छत्तीसगढ़ में ही जाकर रहने लग गए। जहां किराणा की दुकान करते थे। उनकी पत्नी ममता देवी, चार पुत्रियां प्रीती, रितु, रजनी व वर्षा जैन है।

सबसे बड़ी बेटी 25 वर्षीय प्रीती की 8 मई को सवाईमाधोपुर के कोडियाई निवासी हिमांशु के साथ शादी तय हुई है। जिसके चलते माधोलाल एक माह पहले ही कठमाणा आए थे। गत दिनों उनकी तबियत खराब हुई थी। अस्पताल में तीन दिन भर्ती रहने के बाद 27 अप्रैल को निधन हो गया।

एक माह पहले ही आया था परिवार कठमाना
जानकारी के अनुसार माधोलाल जैन भी अन्य भाइयों के साथ करीब 40 वर्ष पूर्व छत्तीसगढ़ के जिला अमीरी दुर्ग में बस गए। पैतृक गांव कठमाणा में कई सालों में निजी काम से आया करते थे। माधोलाल के चार बेटियां हैं। उनमें से बडी बेटी की सगाई सवाई माधोपुर में हुई थी। 8 मई को शादी थी। ऐसे में पूरा परिवार पहली शादी पैतृक गांव में से करने के उद्देश्य से एक माह पहले ही कटमाना गांव आया हुआ था। लेकिन हंसी खुशी आए परिवार पर माधोलाल की मौत के साथ ही दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

इसलिए छोटी बेटी का हुआ पगड़ी दस्तूर
समाज के लोगों ने बताया कि 19 वर्षीय वर्षा जैन सबसे छोटी बेटी है। वह डाक विभाग में पोस्टमैन है। इन सब बातों को ध्यान में रखकर पंचों ने वर्षा जैन के सामने पगड़ी बांधने का प्रस्ताव रखा। इसके पीछे पंचों का यह तर्क था कि वर्षा सबसे छोटी होने से वह ज्यादा समय तक पीहर में रहेगी तो विधवा मां की सेवा लंबे समय तक कर सकेगी। वहीं, वह नौकरी लगने के साथ ही आर्थिक रूप से संपन्न हो गई है। इस पर वर्षा जैन ने समाज के लोगों को इस राय पर सहमति दे दी।

आगामी तारीख़ तक बढ़ा दी शादी
वर्षा जैन के पारिवारिक सदस्यों ने बताया कि अब इस हालात में 8 मई को शादी करना परिवार के लिए अनुकूल नहीं है। ऐसे में शादी को कुछ माह बाद की जाएगी। उसकी तारीख़ बाद में तय की जाएगी।