अन्नकूट महोत्सव:डिग्गी कल्याणजी मंदिर में अन्नकूट महोत्सव, 51 व्यंजनों का भोग लगाया

टोंकएक महीने पहले
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प्रदेश के ऐतिहासिक मंदिरों में शामिल डिग्गी कल्याण धणी के मंदिर में दीपावली के अगले दिन प्रतिपदा को अन्नकूट महोत्सव मनाया गया। जिसे देखने दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं। लगभग 51 प्रकार के व्यंजनों को मिलाकर अन्नकूट तैयार किया गया। ठाकुर जी के भोग लगाकर आरती की गई। जिसके बाद श्रद्धालुओं में प्रसादी वितरित की गई। मंदिर पुजारी जटाशंकर शर्मा ने बताया कि यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है। कई मण अन्न का अन्नकूट तैयार किया जाता है। यह अपने आप में अनूठा। यहां अन्नकूट की प्रसादी प्राप्त करना श्रद्धालु अपना सौभाग्य मानते हैं। रात को घांस भैंरू की सवारी निकाली गई। इस मौके पर आतिशबाजी भी की गई।मोर| कस्बा सहित ग्रामीण क्षेत्र के मंदिरों व घरों में अन्नकूट मनाया गया। इस दौरान मंदिरों में सुबह से ही अन्नकूट की तैयारियां शुरू कर दी गई। सायंकाल अन्नकूट का भाेग लगा प्रसादी वितरित की गई।

प्रसादी के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ देर शाम तक लगी रही। कस्बे के चारभुजानाथ मंदिर, सीताराम मंदिर, नृसिंह मंदिर, ठालोडिया मंदिर सहित अन्य मंदिरों में अन्नकूट का भोग लगाया गया। शुक्रवार को गोवर्धन पूजा की गई। इसी दिन महिलाओं ने घरों के बाहर गोबर से भगवान गोवर्धन का प्रतीक बनाकर पूजा की। इस दौरान आतिशबाजी भी की गई। किसानों ने अपने घरों के बाहर ट्रेक्टरों, वाहनों की पूजा की। शाम को घांस भैरू की सवारी निकाली गई। शनिवार को भाई दूज की पूजा की गई। महिलाओं व लड़कियों ने दूज माता की कहानी सुनीं तथा बुजुर्ग महिलाओं से आशीर्वाद लिया। बहिनों ने अपने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा।

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