उत्साह-उल्लास से मनाया दीपोत्सव:मंदिरों में अन्नकूट, नए अन्न से पकवान बनाकर ठाकुरजी को भोग लगाया, गोवर्धन पूजा में बिखरे परंपरा के रंग

टोंकएक महीने पहले
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टोंक| दीपोत्सव के दूसरे दिन पलाई में गोवर्धन पूजन करतीं महिलाएं। - Dainik Bhaskar
टोंक| दीपोत्सव के दूसरे दिन पलाई में गोवर्धन पूजन करतीं महिलाएं।
  • भाई दूज पर बहनों ने भाई को घर खाने पर बुलाया, बदले में मिले उपहार, खेंखरे पर पशुधन की पूजा, मंदिरों में अन्नकूट महोत्सव, शाम को गोवर्धन पूजन, दीपावली पर माता लक्ष्मी की पूजा की

पांच दिवसीय दीपोत्सव का त्यौहार जिला मुख्यालय सहित जिलेभर में उत्साह व उमंग के साथ मनाया गया। आतिशबाजी पर रोक हटने के बावजूद पहले के मुकाबले पटाखों को शोर कम रहा। दीपावली पर गुरुवार को मुख्य बाजार सहित पुरानी टोंक, बड़ा कुआ, सवाईमाधोपुर चौराहा सहित बाजारों में लक्ष्मी पूजन के लिए काम आने वाले गन्नों, फूल-मालाओं, मिठाई और पूजन सामग्री आदि की खरीदारी को लेकर दिनभर लोगों को आवाजाही रहने से मेला जैसा माहौल रहा। लेकिन घंटाघर से लेकर नौशे मियां का पुल सहित शहर के अन्य बाजारों में व्यापारियों द्वारा रोशनी का इन्तजाम नहीं होने से रात को बाजार में रौनक गायब दिखी और लक्ष्मी पूजन के बाद रोशनी देखने आने वालों की कमी इस बार साफ दिखाई दी। हालांकि प्रशासन व पुलिस विभाग की ओर से पूरा इंतजाम किए गए थे।

इससे पहले दीपावली पर सनातन धर्म से जुडे लोगों ने नए परिधान पहनकर परिवार के साथ शुभ मुहूर्त में महालक्ष्मी (धनलक्ष्मी) की विधि विधान से पूजा कर परिवार व देश की सुख-समृद्धि की कामना की। पूजा के बाद घर के बड़े-बुजुर्गो के अलावा आसपास के लोगों से मिलकर उनका आशीर्वाद लेकर दीपावली मनाई गई। इस बार सरकार और प्रशासन की ओर से थोड़ी ढिलाई मिलने के बाद पांच दिवसीय दीपोत्सव पर पांचों दिन काफी रौनक रही। मुख्य बाजार में खरीदारी से लेकर परम्पराओं का निर्वहन कोरोना के भय के बिना हुआ। दीपावली की रात एएसपी सुभाष मिश्रा सहित अन्य पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में की पुलिस की माकूल व्यवस्था रही और पुलिसकर्मी गश्त करते रहे। इसके अगले दिन गोवर्धन पूजन और फिर उसके बाद शनिवार को भाईदूज का पर्व उत्साह से मनाया गयाl

गोर्वधन की पूजा-अर्चना : दीपोत्सव के दूसरे दिन शुक्रवार को महिलाओं ने गाय के गोबर से गोवर्धन पवर्तन का निर्माण कर पंचामृत से उसका अभिषेक किया। इसके बाद महिलाओं ने पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान गोवर्धन महाराज के गीत में महिलाओं ने गाए। वही पुरानी टोंक गढ़ परिसर परंपरानुसार घर के दरवाजे पर गढ़ परिवार के सभी सदस्यों ने गोबर से गोवर्धन प्रतिरूप बनाकर पूजा की। हनुमानसिंह सोलंकी ने बताया कि करीब 800 से भी ज्यादा सालों से परम्परा निभाते हुए दरवाजे पर इकट्ठा होकर गोवर्धन भगवान का पूजन किया जाता हैं। शाम को शहर विभिन्न मंदिरों में आकर्षक झांकी सजाकर अन्नकूट का भोग लगाकर श्रद्धालुओं में प्रसादी वितरण की गई। इस मौके पर टोंक शहर, मेहंदवास, घांस, बमोर सहित जिलेभर के मोहल्लों में महिलाओं ने गाय के गोबर से गाेवर्धन की बनाया और उसकी पूजा की। मान्यता हैं कि इस दिन भगवान श्रीकृष्ण का इन्द्र का मानमर्दन किया था।

बनेठा| उपतहसील मुख्यालय सहित ग्रामीण अंचलो मे दीपावली पर गुरुवार को लक्ष्मी पूजन का आयोजन किया गया वही शुक्रवार को गौवर्धन पूजन एंव अन्नकूट महोत्सव पर कल्याण महाराज के मंदिर सहित अनेक मंदिरों में आकर्षक झांकी सजाई गई। शनिवार को भाई दूज पर पूजा अर्चना कर परिवार की सुख समृद्धि की कामना की गई। दीपावली पर लोगों द्वारा बाजारों में आकर्षक सजावट की गई एंव बाजारो मे जमकर खरीदारी की गई। इस दौरान शुक्रवार रात्रि को घास भैरू की सवारी कस्बे के मुख्य मार्गो से डीजे के साथ निकाली गई इसमें कहीं युवक नाचते गाते‌ जुलूस में भाग ले रहे थे।देवली | शहर व उपखंड क्षेत्र में पिछले पांच दिनों से मनाया जा रहा दीपोत्सव के पर्व का शनिवार को भाइयों की बहनों द्वारा लंबी उम्र, दीर्घायु की कामना के साथ ही समापन हो गया।

शहर व उपखंड क्षेत्र में पिछले 5 दिनों से दीपोत्सव पर्व मनाया गया। दीपावली के दिन शुभ मुहूर्त में लोगों ने महालक्ष्मी की पूजा अर्चना कर प्रसाद वितरण के साथ आतिशबाजी की। शुक्रवार को गोवर्धन पूजा की गई। इसके बाद शाम को किसान वर्ग द्वारा लक्ष्मी स्वरूपा बैलों एवं आधुनिक ट्रैक्टरों की पूजा अर्चना कर दीपावली का पर्व मनाया। शनिवार को महिलाओं द्वारा भाई दूज का पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान महिलाओं ने पूजा अर्चना कर अपने भाइयों की दीर्घायु की कामना की एवं अपने अपने भाइयों के तिलक निकालकर उपहार लिए। साहिबा उपखंड क्षेत्र में छोटी मोटी आगजनी की घटनाओं के अलावा पांच दिवसीय पर्व प्रशासन के बेहतर प्रबंधन के रहते हुए शांतिपूर्ण संपन्न हो गया।

सवा 20 लाख की मिठाई व45 लाख के पटाखे बिकेउनियारा| कस्बे सहित ग्रामीण क्षेत्र में दीपावली पर्व बड़ी धूमधाम से मनाया गया। दीपावली पर्व पर उनियारा शहर में मिठाइयों की दुकानों पर करीब साढ़े 8 से 9 हजार किलो मिठाई बिक गई। किसी दुकान में मिठाई ढाई से तीन सौ रुपए तो किसी पर 300 से 400 रुपए की अच्छी मिठाइयां बिकी। दीपावली पर उनियारा में करीब सवा 20 लाख रुपए की मिठाइयां बिक गईं। कस्बे के सदर बाजार से बस स्टैंड तक करीब 15-20 छोटी-बड़ी एवं थोक की दुकानें लगी हैं। जिसमें कस्बे सहित ग्रामीण क्षेत्र के लोगों ने सुबह से शाम खरीददारी करने आने से करीब 45 लाख रुपए के पटाखे बिक चुके है। उनियारा कस्बे सहित ग्रामीण क्षेत्र में बहनों ने भैया दूज परंपरागत तरीके से मनाया। उनियारा, पलाई, ढिकोलिया खेलनिया, पागड़ा, पायगा, खातोली सहित कई ग्राम में भाई दूज पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गय।

महिलाओं ने किया व्रत और पूजन मालपुरा| भाई दोज के अवसर पर शहर में महिलाओं ने व्रत और पूजन कर भाई की लंबी उम्र की कामना की ।शनिवार को सुबह से ही गली मोहल्लों में भाई दोज की पूजा करने के लिए महिलाएं जगह जगह एकत्रित होने लगी। सामूहिक भाई दोज पूजा अर्चना के बाद इसके महत्व की कहानी कथाएं सुनाई गई। इससे पूर्व शुक्रवार को प्रमुख मंदिरों में अन्नकूट महोत्सव का आयोजन हुआ। विभिन्न प्रकार के व्यंजन तैयार कर भगवान को भोग लगाया तथा अन्नकूट प्रसादी का वितरण किया व पंगत प्रसादी के आयोजन हुए। इसी दिन भगवान गोवर्धन की पूजा की गई। महिलाओं ने सजधज कर घरों व मंदिरों में गोबर के गोवर्धन बना कर विधि पूर्वक पूजा अर्चना की तथा परिवार में सुख शांति व समृद्धि की अरदास लगाई।

इसी के साथ पांच दिवसीय दीवाली पर्व महोत्सव संपन्न हुआ। --आमतौर पर शांति रही- दीवाली के त्योहार पर आम तौर शांति रही। लक्ष्मी पूजन के साथ ही क्षेत्र में जोरदार आतिशबाजी की गई। ग्रामीण इलाकों में एक दो स्थानों पर आग लगने की घटना व लावा गांव में एक विक्षिप्त के शर्ट में पटाखा रख कर छुड़ाने से विक्षिप्त के शरीर पर चोट की घटना सहित अन्य छुटपुट घटनाओं के अलावा मालपुरा क्षेत्र में आमतौर पर शांति रही। हांलाकि दीवाली के अवसर पर शांति व कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने लगातार शहर में भ्रमण किया तथा जगह जगह पुलिस जवान तैनात किर चौकसी रखी।सोप / मोर / नटवाड़ा| क्षेत्र में दीपावली पर्व उत्साह पूर्वक धूमधाम से मनाया गया।

श्रद्धालुओं ने अपने-अपने घरों में परिवार के साथ, दुकानों, प्रतिष्ठानों पर लक्ष्मी माता की विधि-विधान से पूजा की और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर दीपाली की शुभकामनाएं दीं। देर रात तक लोगों ने परिजनों, दोस्तों व परिचितों के साथ आतिशबाजी का आनंद लिया। शुक्रवार को महिलाओं ने गोवर्धन की पूजा कर अमर सुहाग की कामना की। मंदिरों में अन्नकूट मनाते हुए मदन मोहन स्वामी मंदिर, राधा बल्लभ मंदिर, प्राचीन मठ आश्रम गोपाल मंदिर, बालाजी मंदिर मंदिरों में सहित विभिन्न मंदिरों में ठाकुरजी को अन्नकूट का भोग लगाया। ग्रामीणों ने घांस भैंरू की सवारी भी निकाली। शनिवार को भाई दूज पर बहनों ने भाई की लंबी उम्र की कामना को लेकर दोज की कहानी सुनीं।

आतिशबाजी का लिया आनंद बंथली | क्षेत्र में दीपावली का पर्व पर क्षेत्र में मनाया गया। लोगों ने नए परिधान पहनकर अपने घरों व प्रतिष्ठानों पर शुभ मूहूर्त में धन की देवी मां लक्ष्मी की पूजा की। पबड़ों से आशीर्वाद लिया। पूजन के बाद सभी ने आतिशबाजी का आनंद लिया। शुक्रवार को गोवर्धन पर सुबह महिलाओं ने गोबर से बनाए गोवर्धन भगवान के प्रतीक की पूजा की। किसानों ने भगवान शंकर की सवारी बैलों की भी परंपरागत पूजा की। शनिवार को भाईदूज पर बहनों ने पूजा कर भाइयों की लंबी उम्र की कामना की।

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