बारिश से टूटी 361 KM की सड़कें:PWD ने क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत का सरकार से मांगा बजट, 412 करोड़ रुपए का प्रस्ताव बनाकर भेजा

टोंक2 महीने पहले
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नगरफोर्ट से निकल रहे हैं हाइवे। - Dainik Bhaskar
नगरफोर्ट से निकल रहे हैं हाइवे।

इस साल हुई अतिवृष्टि से जिले के अधिकांश हिस्सों के सड़के काफी क्षतिग्रस्त हो गई है हो गई है। पीडब्ल्यूडी विभाग ने अतिवृष्टि से 361 किमी की सड़कें क्षतिग्रस्त मानते हुए उनकी मरम्मत के लिए करीब 412 करोड़ रुपए प्रस्ताव बनाकर भेज दिया है। इस साल जिले में औसत वर्षा से भी अधिक बारिश हुई है। इसमें बीच में अतिवृष्टि हुई है। इसके चलते जिले के कई सड़क मार्ग व्यस्त हुए हैं। इनमें से हाइवे सहित 34 बरवास, नैनवा रोड, लांबाहरिसिंह, पीपलू ,टोडारायसिंह समेत अन्य गांव, कस्बों की सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई है। कई सड़कों पर तो बड़े गड्ढे पड़ गए है।

पीडब्लूडी ने मानी सड़कें खराब

पीडब्ल्यूडी ने जिले में गत दिनों खराब सड़कों का सर्वे करवाया था। इसमें 109 सड़कें क्षतिग्रस्त मिली है। यानी कि जिले से गुजर रही 3500 किलोमीटर सड़कों में से 361 किलोमीटर सड़कें पीडब्ल्यूडी विभाग ने क्षतिग्रस्त चिन्हित की है। पीडब्ल्यूडी के अधीक्षण अभियंता आरसी बैरवा ने बताया कि जिले की तरह सड़कों के लिए 411.88 लाख का प्रस्ताव बनाया था। इसे कलेक्टर चिन्मयी गोपाल ने भी अनुमोदन कर आगे भेज दिया है। मिलते ही क्षतिग्रस्त सड़कों का मरम्मत कार्य शुरू करवाया जाएगा।

जिले में सड़कों की स्थिति

पीडब्ल्यूडी विभाग के अनुसार जिले 427.90 किमी राज्य राजमार्ग की सड़कें है। वहीं 95.50 किमी जिला सडकें, 345.90 किमी अन्य जिला सड़कें, 2588.93 किमी ग्रामीण सड़कें निर्मित है। जिले से डेढ़ हजार से अधिक राजस्व गांव है। इसके अलावा जिले में करीब 210 किमी नेशनल हाइवे की सड़कें शामिल है।

सात-आठ लीटर अधिक खपत हो रहा डीजल-पेट्रोल

रोडवेज कार्यवाहक चीफ मैनेजर राजेंद्र प्रसाद मीणा ने बताया कि बारिश से क्षतिग्रस्त हुई सड़कों से बसें भी एवरेज कम दे रही है। करीब 300-400 किलोमीटर के सफर में सात से आठ लीटर डीजल अधिक खपत हो रहा है। जिसमें सात-आठ लीटर डीजल कलेक्टर ने भी अनुमोदन कर प्रस्ताव को आगे भेज दिया है।

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