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कोरोना इफेक्ट:लॉकडाउन से व्यावसायिक गतिविधियां ठप, 46 दिन में 90 करोड़ का कारोबार प्रभावित

टोंक13 दिन पहले
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टोंक| वीकेंड लॉकडाउन के कारण रविवार को बाजार बंद रहे। - Dainik Bhaskar
टोंक| वीकेंड लॉकडाउन के कारण रविवार को बाजार बंद रहे।
  • कोरोना से स्वास्थ्य के साथ कारोबार में भी भारी नुकसान, दुकानदारों के सामने रोजी-रोटी का संकट

कोरोना की चेन तोड़ने के लिए प्रदेश में लॉकडाउन का असर व्यापार पर भी पड़ा है। किराना, सब्जी, दूध जैसी जरूरी सामग्री को छोड़ दे तो लॉकडाउन के कारण जिले के सभी व्यावसायिक और व्यापारिक गतिविधियां ठप हो गई। इसका असर यह हुआ कि बीते 46 दिन में जिले में करीब 90 करोड़ रुपए से अधिक का व्यापार प्रभावित हुआ है। सर्वाधिक नुकसान सर्राफा, कपड़ा, होटल व रेस्टोरेंट, स्ट्रीट वेंडर, मजदूर, रेडीमेड, फर्नीचर, जनरल स्टोर, व इलेक्ट्रॉनिक क्षेत्र को हुआ है।

व्यापार संगठनों के पदाधिकारियों की मानें तो जिले में की अर्थव्यवस्था करीब सालभर पीछे चली गई। उल्लेखनीय है कि अप्रैल माह में आई कोरोना की दूसरी लहर ने पिछले दिनों में जिले में जानमाल की काफी तबाही मचाई। इसके चलते सरकार को लॉकडाउन जैसा निर्णय लेना पड़ा। दो दिन के वीकेंड कर्फ्यू के बाद 19 अप्रैल सुबह से 3 मई तक जन अनुशासन पखवाड़ा के तहत अनुमति वाले व्यापार को छोड़कर सब कुछ बंद किया गया। ताकि संक्रमण को रोका जा सके। इसके बावजूद संक्रमण का खतरा कम नहीं हुआ तो राज्य सरकार की ओर से जिले में 10 मई से 24 मई के बीच सम्पूर्ण लॉकडाउन लगाया। जिसे बढ़ाकर 8 जून तक कर दिया है। हालांकि एक जून से अधिकतर दुकानें अनलॉक कर दी गई।

लाॅकडाउन के कारण बाजार बंद रहने से किस व्यवसाय पर कितना असर

सर्राफा : 15 करोड़का कारोबार ठप टोंक सर्राफा एसोसिएशन के महामंत्री अतुल गर्ग ने बताया कि जिले में ज्वैलरी के 250 से अधिक दुकानें है।कोरोना ने पिछले साल भी सीजन खराब कर दिया था। इस बार शादी-ब्याह के सीजन से सर्राफा कारोबारियों को कुछ उम्मीद बंधी थी, लेकिन कोरोना की बंदिशों ने पानी फेर दिया। असर यह हुआ कि जिले में आखातीज समेत अन्य सावों पर होने वाली 1000 से अधिक शादियों पर ब्रेक लग गया। इससे 15 करोड़ से अधिक का कारोबार चौपट हो गया।

फर्नीचर : 15 करोड़का कारोबार प्रभावित फर्नीचर व्यवसाय से जुड़े राजू ने बताया कि इस बार अप्रैल और मई में शादियों का अच्छा सीजन था। इसको लेकर फर्नीचर दुकानदार उत्साहित थे। सीजन शुरू होते ही कोरोना के बढ़ते आंकड़ों ने काम तमाम कर दिया। इससे जिले में करीब 15 करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ। लॉकडाउन के चलते लोगों का विवाह समारोह आगे की तिथियों के लिए खिसकाने पड़े।

दुपहिया : 8 करोड़ का नुकसान दुपहिया वाहनों के कारोबार से जुड़े महादेव गिदवानी का कहना है कि जिले में 35 दुपहिया वाहनों के शोरूम है। शादियों में दुपहिया वाहन देने का क्रेज है। अप्रैल व मई में सावे होने से जिले में 1500 से अधिक दुपहिया वाहनों की बिक्री हो जाया करती है। शादी समारोह पर ब्रेक लगने से 8 करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ है।

टैंट : 5 करोड़का नुकसान जिला टैंट एसोसिएशन संरक्षक मिथलेश गर्ग बताते है कि जिले में करीब 200 दुकानें है। कार्यक्रमों पर रोक होने से आखातीज अबूझ सावे के अवसर पर बहुतायत में होने वाली शादियां, इदुलफितर, परशुराम जयंती आदि पर्व निकल गए। पाबंदियों के चलते टैंट कारोबार ठप रहा। ऐसे में करीब 5 करोड़ का नुकसान उठाना पड़ा है।

मैरिज गार्डन : 4 करोड़ से अधिक की हानि मैरिज गार्डन संचालकों को करीब 4 करोड का नुकसान माना जा रहा है। जिले में करीब 100 मैरिज गार्डन है। विवाह समारोह पर रोक व विवाह में निर्धारित संख्या में लोगों के शामिल होने की पाबंदी के चलते लोगों ने विवाह समारोह कैंसिल करना ही उचित समझा, लिहाजा इस साल का सबसे बड़ा अबूझ मुहूर्त अक्षय तृतीया, पीपल पूर्णिमा समेत अन्य सावों पर विवाह व अन्य कार्यक्रम नहीं हो सके।

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