निरीक्षण:अस्पताल जांचने पहुंचीं कलेक्टर, सफाई नहीं मिली, 40 कर्मचारी गैर हाजिर, नोटिस दिए

टोंक2 महीने पहले
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टोंकl जनाना अस्पताल (एमसीएच) में निरीक्षण के दौरान कलेक्टर से व्यवस्थाओं की शिकायत करते लोग। - Dainik Bhaskar
टोंकl जनाना अस्पताल (एमसीएच) में निरीक्षण के दौरान कलेक्टर से व्यवस्थाओं की शिकायत करते लोग।
  • विधायक पायलट ने एक दिन पहले निरीक्षण कर गड़बड़ियों पर जताई थी आपत्ति

जिला सआदत अस्पताल में अव्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए कलेक्टर चिन्यमी गोपाल अधिकारियों के साथ बुधवार को फिर से अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंची। तो जिला अस्पताल में कुल 200 कर्मियों में से 40 चिकित्साकर्मी और एमसीएच अस्पताल में एक कर्मचारी अनुपस्थित था। दोनों अस्पताल परिसरों में सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं मिलने और उपस्थिति रजिस्टर का अवलोकन के दौरान साइन होने के बावजूद कई चिकित्सकों के कुर्सियों पर मौजूद नहीं मिलने पर नाराजगी जताते हुए कलेक्टर ने अस्पताल पीएमओ खेमराज बंशीवाल को सफाईकर्मियों की पहचान के लिए यूनिफार्म व आईडी कार्ड सहित सफाई व्यवस्था में सुधार करने और चिकित्सकों की आउटडोर-इंडोर के उपस्थिति सुनिश्चितता के लिए निर्देशित किया।विदित रहे पूर्व उपमुख्यमंत्री और टोंक विधायक सचिन पायलट ने एक दिन पूर्व ही जिला अस्पताल में औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं में खामियां मिलने और ड्यूटी टाइम में मरीजों को इंतजार करते मिलने पर नाराजगी जताते हुए व्यवस्था में सुधार करने की कलेक्टर सहित अस्पताल प्रशासन को नसीहत दी थी। लेकिन 24 घंटे बाद जब कलेक्टर जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुंची तो उन्हें भी कई अनियमितताओं मिली।

इसके अलावा कोविड हेल्थ सहायक के तहत लगाए गए चिकित्साकर्मी ना तो अस्पताल में मौजूद मिले और ना ही उनकी उपस्थिति लेने को लेकर कोई व्यवस्था देखने को मिली। कलेक्टर ने भी निरीक्षण के दौरान माना कि सफाई व्यवस्था से लेकर कई तरह की अनियमितता मिली है, जिसको लेकर अधिकारियों से बात कर व्यवस्था में सुधार किया जाएगा। वही अब नियमित तौर पर सप्ताह में एक-दो बार वह या फिर उनके प्रतिनिधि अस्पताल का निरीक्षण करेंगे। इस दौरान एडीएम कलेक्टर मुरारीलाल शर्मा ने नियमित सफाई व्यवस्था के लिए सफाई ठेकेदार को पाबंद किए जाने के लिए निर्देशित किया।

लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिले : कलेक्टरकलेक्टर चिन्मयी गोपाल ने कहा कि जिला सआदत अस्पताल, एमसीएच समेत सभी सीएचसी व पीएचसी पर लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलना चाहिए। डेंगू से पीड़ित मरीजों के लिए अस्पताल में एक अतिरिक्त वार्ड की व्यवस्था की गई है ताकि रोगिायों को किसी भी प्रकार की परेशानी ना हो। आपातकालीन सेवा मानी जाने वाली चिकित्सा सेवा में किसी भी तरह की लापरवाही व उदासीनता को बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि चिकित्सा विभाग की ओर से भर्ती किए गए 25 सीएचएस उपस्थित नहीं मिलना भी गंभीर विषय हैं। उन्होंने पीएमओ को मेडिकल उपकरण की उपलब्धता व डिमांड की व्यवस्था का बेहतर प्रबंधन करने के लिए भी निर्देशित किया। इस दौरान एसडीएम नित्या के, सीएमएचओ डॉ. अशोक कुमार यादव, पीएमओ खेमराज बंसीवाल आदि मौजूद रहे।

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