कोरोना रोज छीन रहा है लोगों की खुशियां:24 घंटे में कोरोना पॉजिटिव 12 मरीजों की मौत, बॉडी किट खत्म; पीपीई किट में देनी पड़ रही लाशें

टोंक6 महीने पहले
सआदत अस्पताल के मेन गेट के पास लगी लोगों की भीड़।

जिले में गत दिनों से कोरोना की हालत बद से बदत्तर होते जा रहे हैं। रोजाना 100 से 200 के बीच पॉजिटिव केस सामने आ रहे हैं। कोरोना से मरने वालों की संख्या भी कम नहीं है। रोजाना आठ-दस लोगों की कोरोना से मौतें हो रही है। बुधवार सुबह से गुरुवार सुबह 9 बजे तक (24 घंटे) में 12 कोरोना पॉजिटव मरीजों की कोरोना वार्ड में मौत हो गई। इनमें से चार तो बुधवार मध्यरात के हैं।

इसी के साथ कोरोना पॉजिटिव के मृतकों की जिले में संख्या 60 हो गई है। हालांकि अस्पताल प्रबंधन इन मौतों की पुष्टि नहीं कर रहा है। चिकित्सा विभाग की रिपोर्ट में अभी जिले में कोरोना से मौतें 42 ही मान रखी है। ज्ञात रहे कि इन दिनों टोंक में कोरोना की स्थिति भयावह बनी हुई है। बड़ी संख्या में लोग कोरोना पॉजिटिव आ रहे है। हालात यह है कि अब धीरे-धीरे अस्पताल में मरीजों की ही नहीं मृतकों की लाइन लगने लगी है। बीते 24 घंटे में यानि कि बुधवार सुबह से गुरुवार सुबह 9 बजे तक कोरोना वार्ड में कोरोना पॉजिटिव 12 लोगों की मौत हो गई। यूं कहे कि हर दो घंटे में एक कोरोना पॉजिटिव की मौत हो रही है। जो हम सब के लिए स्थिति डरावनी वाली है।

बुधवार रात भर में मरने वाले कोरोना पॉजिटिव के शवों को अस्पताल से गुरुवार सुबह करीब 9 बजे परिजनों को सौंपा गया। सुबह 6 शव परिजनों को दिए गए है। इनमें से दो शव बुधवार मध्यरात के पहले के ही रखे हुए थे। चार शव मध्यरात बाद से गुरुवार अल सुबह तक के थे। इनके से आधे शवों को बॉडी किट खत्म होने से पीपीई किट में परिजनों के सुपुर्द किया गया है।

खत्म हो गया बॉडी किट
जिले के सबसे बडे सआदत अस्पताल में बुधवार देर रात बाद से ही कोरोना मृतकों के शवों के बांधने वाले बॉडी किट खत्म हो गया है। इनके जगह बहरहाल पीपीई किट पहनाकर शव को गंतव्य स्थान पर भेजा जाता है। जो कई बार खुल जाता है। जिससे संक्रमण फैल सकता है।

ऑक्सीजन प्लांट भी मध्यरात बाद हो गया था बंद
सूत्रों के अनुसार सआदत अस्पताल परिसर में लगा ऑक्सीजन प्लांट भी मध्यरात बाद करीब सवा एक बजे तकनिकी प्रोब्लम के चलते बंद हो गया था। इससे ऑक्सीजन का बैकअप मिलना कम हो गया था। इससे करीब एक घंटे तक परेशानी हुई। हालांकि बुधवार रात को अजमेर से व गुरुवार सुबह अलवर से ऑक्सीजन सिलेंडरों की गाड़ी आने से ऑक्सीजन की कमी नहीं रही।

डरे-डरे दिखे रहे तीमारदार और अन्य मरीज
कोरोना से हो रही मौतों के बाद से अब उनके परिजन ही नहीं अस्पताल में सामान्य चेकअप या मौसमी वायरल के डॉक्टर के पास आने अस्पताल मे आने वाले लोग मरीज भी अब कोरोना की हालत देखकर डरने लगे है। यहां तक की अब कई जगह तो कोरोना पॉजिटिव मृतकों के शवों के जाने में कई परिजन भी नजदीक नहीं आना चाहता है। शव को ले जाने के लिए भी इधर-उधर चिकित्साकर्मियों की देखते है।

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