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7 दिन में 30 मिमी बारिश:दम तोड़ती अगेती फसलों को मिला जीवनदान, बुवाई में तेजी, रकबा 1.66 लाख हैक्टेयर के पार, पर पिछले साल से कम

टोंक15 दिन पहले
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पिछले दिनों जिले में कहीं मध्यम तो कई स्थानों पर हुई तेज बारिश से दम तोड़ती फसलों को जीवनदान तो मिला ही है, खरीफ बुवाई में भी तेजी आई है। कृषि विशेषज्ञों की माने तो गत 7 दिन में जिले में हुई औसतन 30 एमएम बारिश का फायदा यह हुआ कि खरीफ फसलों को 10 से 15 दिन का जीवनदान मिल गया है। जबकि बुवाई का आंकड़ा भी 42 हजार हैक्टेयर से बढ़कर एक लाख 66 हजार हैक्टेयर तक जा पहुंचा है। उल्लेखनीय है कि बारिश नहीं होने से फसलों की स्थिति बिगड़ने लगी थी। इससे किसान के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया था।

इसके चलते जहां बोई गई 35 से 42 हजार हैक्टेयर की फसलें मुरझाने लगी थी, वहीं कई किसान फसलों की बुवाई भी नहीं कर पा रहे थे। पिछले दिनों जिले में चले मानसूनी दौर के बाद कुछ स्थानों पर मध्यम तो कई स्थानों पर अच्छी बारिश होने से खरीफ की सूखती हुई फसलों को 10 दिन के लिए टॉनिक मिल गया है।

इससे अब फसलें तेज गर्मी के बीच भी कुछ दिनों तक सुरक्षित रह पाएंगी। इस बारिश से फसलों में पानी की जरूरत पूरी तो नहीं हुई है, लेकिन कुछ राहत जरूर मिल गई है। किसानों के मुताबिक अभी फसलों को पानी की और भी जरूरत है। खेतों की मिट्टी में नमी की मात्रा तो बढ़ी है, लेकिन पर्याप्त बारिश का लोगों को अभी भी इंतजार है।

पिछले साल के मुकाबले इस बार कम बुवाई
पिछले साल 20 जुलाई तक जिले में एक लाख 93 हजार हैक्टेयर में बुवाई कर दी गई थी, जबकि इस बार महज एक लाख 66 हजार हैक्टेयर में ही बुवाई हो सकी है। हालांकि किसान बुवाई करने में जुटे है। पिछले साल भी अब तक 75.5 एमएम ही बारिश हो सकी थी, बारिश का आंकड़ा अगस्त में बढ़ा था। इस बार एक जुलाई से 20 जुलाई के बीच जिले में औसतन 79.11 एमएम बारिश हो चुकी है। बारिश में देरी होने से किसानों को दलहन फसलें की बुवाई पर फाेकस किया जा रहा है। सुगरसिंह, निदेशक, साख्यिकी

किसान बोले : अल्पकालीन फसलों की कर रहे है बुवाई
कचोलिया निवासी बाबूलाल यादव ने बताया कि अभी भी खेतों को अच्छी बारिश की दरकार है। बावजूद गत दिनों कुछ बारिश होने से अब वह ज्वार के मुकाबले तिल की बुवाई कर रहा है। इससे रबी की सरसों फसल की बुवाई समय पर हो सकेगी।मेहंदवास निवासी विनोद यादव ने बताया कि बीते दिनों रुक रुककर हुई बारिश से बोई गई फसलों को जीवन मिला है। समय पर बारिश नहीं होने से मूंगफली की बुवाई तो नहीं हो सकी। हां अब बारिश होने से दलहन की बुवाई की जा सकेगी।

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