दायरे में अब एमआरआई मशीन भी:भ्रूण लिंग जांच पर अंकुश लगाने की कवायद

टोंक2 महीने पहले
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  • पीसीपीएनडीटी एक्ट के दायरे में अब एमआरआई मशीन भी

प्रदेश में भ्रूण लिंग जांच रोकने के लिए पहले सोनोग्राफी, फिर बी-स्कैन मशीन और अब चिकित्सा विभाग ने मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग (एमआरआई) मशीनों पर अंकुश लगाना शुरू कर दिया है। हाल ही में राज्य समुचित प्राधिकारी पीसीपीएनडीटी एवं विशिष्ट शासन सचिव एनएचएम सुधीर शर्मा की ओर से जारी आदेश अनुसार चिकित्सा विभाग की नजर अस्पतालों और सेंटरों पर लगी एम आर आई मशीन पर भी रहेगी। सीएमएचओ डॉ. अशोक कुमार यादव ने बताया कि जिले में वर्तमान में संचालित एम आर आई सेंटरों एवं नए पंजीकरण होने वाले एम आर आई सेंटरों को पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य होगा। पीसीपीएनडीटी एक्ट रजिस्ट्रेशन के बाद ही उनका संचालन किया जा सकेगा।

बिना रजिस्ट्रेशन के अगर कोई एम आर आई सेंटर संचालित पाया जाता है तो उस पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पंजीकृत सेंटरों को नियमित रूप से ऑनलाइन पोर्टल पर रिपोर्ट इन्द्राज कराना होगा, एवं गर्भवती महिलाओं एम आर आई किए जाने पर नियमानुसार फॉर्म-एफ भरना अनिवार्य होगा, तथा प्रत्येक एमआरआई सेंटर पर को महीने की 5 तारीख तक नियमानुसार रिपोर्ट जिला पीसीपीएनडीटी सेल को भिजवाना अनिवार्य होगा। मशीन को पीसीपीएनडीटी एक्ट के दायरे में आने पर मशीन और रिपोर्ट करने वाले डिग्री धारी तकनीकी स्टाफ का भी पंजीकरण करवाना होगा।

जिला समन्वयक पीसीपीएनडीटी जगदीश प्रसाद गुर्जर ने बताया कि वर्तमान में जिन सोनोग्राफी सेंटरों पर यदि एम आर आई मशीन संचालित है, उनको नया रजिस्ट्रेशन लेने की आवश्यकता नहीं होगी उन्हें मशीन से संबंधित दस्तावेज जिला पीसीपीएनडीटी सेल में जमा कराने होंगे तथा मशीन का नाम रजिस्ट्रेशन में दर्ज कराना होगा। यदि कोई एम आर आई सेन्टर बिना रजिस्ट्रेशन संचालित है, उसका 31 अक्टूबर 2021 तक कराना अनिवार्य होगा। इसके लागू होने से केवल योग्यता धारी तकनीकी स्टाफ ही कार्य कर सकेगा।

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