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बिजली ट्रिपिंग की समस्या:टोंक शहर की बस्तियों में बिजली ट्रिपिंग से मार्च तक मिल सकेगी निजात, दो करोड़ से बनेगा जीएसएस

टोंक18 दिन पहले
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शहर के कई हिस्सों में बिजली ट्रिपिंग की समस्या से निजात मिल सकेगी। इसके लिए वजीरपुरा में 33/11 केवी जीएसएस बनेगा। इसके बाद ट्रिपिंग की समस्या से निजात मिल सकेगी। इसके लिए जमीन आवंटन के साथ ही बिजली निगम ने एक बीघा जमीन 2 लाख 34 हजार रुपए जमा भी करवा दिए हैं। सबकुछ ठीक रहा, तो ये जीएसएस 2022 तक बनकर तैयार हो जाएगा। एसी जेके मिश्रा बताया कि करीब 1 करोड़ 35 लाख रुपए बिजली लाइन पर खर्च किए जाएंगे तथा 52 लाख का सिविल वर्क किया जाना प्रस्तावित है। ये कार्य मार्च 2022 तक हो जाएगा। इससे क़रीब 8 हजार उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा।

नए जीएसएस बनने से फीडर छोटे हो जाने से लोड कम होगा तथा ट्रिपिंग की समस्या से निजात मिल सकेगी। उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली मिल सकेगी। गौरतलब है कि वर्तमान बिजली का उपभोग अधिक होने एवं जीएसएस कम होने से काफी परेशानी बनी हुई है। ट्रिपिंग की समस्या जहां अधिकांश रहती है। वहीं बिजली गुल होने से लोग खासे परेशान रहते हैं। वर्तमान में हाल ये हैं कि कई क्षेत्र है, जिसमें काली पलटन, कचहरी दरवाजे के आगे, पांच बत्ती के आसपास रात में एक या दो बार बिजली जाना अनिवार्य सा हो गया है। ऐसे में जीएसएस बनने के कारण वहां भी भार कम होने से बिजली की समस्या से निजात मिल सकेगी।

कहां-कहां होगा फायदावजीरपुरा में बनने वाले 33/11 केवी जीएसएस बनने से कंपू, डाइट रोड, सोलंगपुरा, मोलाईपुरा, लहन, पालडी, विद्याधर नगर, आदर्श नगर, विकास विहार, देवली रोड, बाडा जेरेकिला, कचौलिय सहित कई गांवों की बिजली सप्लाई में सुधार होगा। करीब 8 हजार उपभोक्ताओं को ट्रिपिंग की समस्या से निजात मिल सकेगी। टोंक में सात जीएसएस है तथा वजीरपुरा में मार्च में बनकर तैयार हो जाएगा। इसके बाद चतुर्भुज तालाब क्षेत्र में भी एक जीएसएस का प्रस्तावत उच्च अधिकारियों को भेजा जा चुका है। इसकी स्वीकृति आने के बाद इसके लिए भी कार्य शुरू हो सकेगा। इससे पुरानी टोंक, बहीर, बहीर पंप हाउस, सईदाबाद, पंचकुईया, निवई दरवाजा, मेहंदीबाग, आहुजा कॉलोनी आदि क्षेत्रों की बिजली की समस्या से निजात मिल सकेगी।

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