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आक्रोश:बीसलपुर बांध से सिंचाई के लिए किसानों की सरकार से खींचतान, 20 अक्टूबर से सामूहिक अनशन की चेतावनी

टोंक8 महीने पहले
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बीसलपुर बांध की दायी एवं बायी नहर के माध्यम से हर साल सिंचाई के पानी को लेकर राज्य सरकार की ओर से स्थिति स्पष्ट नही होने से किसानों में आक्रोश हैं।बुधवार को एक बार फिर से बीसलपुर कमांड एरिया के किसानों ने डाक बंगले पर एकजुट होकर सभा की। जहां उन्होंने बीसलपुर बांध से सिंचाई के लिए नहरों में पानी छोड़ने को लेकर राज्य सरकार की ओर से बरती जा रही ढिलाई पर नाराजगी जताते हुए किसानों को एकजुट होने का आह्वान किया। इसके बाद सभी किसान रैली के रुप में नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचकर धरने पर बैठ गए।

इसके बाद एडीएम ने नीचे आकर उनका ज्ञापन लिया। मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे ज्ञापन में किसानों ने बीसलपुर बांध से सिंचाई के लिए बायी और दायी नहरों में पानी छोड़ने के लिए कलेक्टर की ओर से भेजे गए प्रस्ताव व तथ्यात्मक रिपोर्ट को स्वीकार कर जल्द से जल्द सिंचाई का पानी दिए जाने की मांग की हैं।

साथ ही मांग नही मानी जाने पर 20 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन अनशन की चेतावनी दी हैं।इस दौरान भारतीय किसान संघ तहसील अध्यक्ष रामसहाय यादव, किसान महापंचायत युवा प्रदेशाध्यक्ष रामेश्वर प्रसाद चौधरी, राजाराम, गिर्राज, जगदीश, बुद्धिप्रकाश, सकराम, हरिराम, राजाराम, जमनालाल, मनराज गुर्जर, शिवजीलाल, मदन, पांचूलाल, सोहनलाल, प्रहलाद जाट सहित सैकड़ों की संख्या में किसान मौजूद थे।

पानी देने का राज्य सरकार को लेना है निर्णय
कमांड एरिया के खेतों को हर साल सिंचाई के लिए मिलने वाले पानी को लेकर अब तक कोई फैसला नही होने से किसान असमंजस में हैं। क्योंकि बांध से पानी छोड़ने पर ही कमाण्ड एरिया में फसल उत्पादन निर्भर करता हैं, और किसान बांध में अपने लिए आरक्षित पानी की ही तो मांग कर रहा हैं। -महावीर तोगड़ा, संयोजक बीसलपुर बांध कमांड एरिया किसान संघर्ष समिति, टोंकबीसलपुर

​​​​​​​ बांध की दांयीं मुख्य नहर शीघ्र खोलने की मांग
भारतीय किसान संघ ने मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को ज्ञापन देकर बीसलपुर परियोजना की दांयीं मुख्य नहर को सिंचाई के लिए दस दिन में खोलने की मांग की है। मांग नहीं मानने पर किसानों ने धरने पर बैठने की चेतावनी दी है। भारतीय किसान संघ के तहसील अध्यक्ष देवलाल धाकड़ के नेतृत्व में सौंपा ज्ञापन में बताया कि जिले में इस वर्ष बारिश की कमी रही है इसलिए खरीफ की फसल नाममात्र की हुई है और रबी की फसल भी बारिश की कमी से काफी प्रभावित हो गई।

किसान संगठनों ने सभा की, रैली के बाद कलेक्ट्रेट पर धरनाबीसलपुर बांध से किसानों को सिंचाई के लिए पानी देने के लिए जिला प्रशासन की ओर से सभी तथ्यों के साथ तथ्यात्मक रिपोर्ट राज्य सरकार को भेज दी गई हैं। बांध से सिंचाई का पानी दिए जाने को लेकर अंतिम निर्णय सरकार को ही लेना हैं। -सुखराम खोखर, एडीएम, टोंक

बीसलपुर बांध में पेयजल और वाष्पीकरण के लिए आरक्षित पानी के अलावा शेष बचे पानी को सिंचाई के लिए दिया जा सकता हैं, लेकिन लगातार मांग करने के बावजूद सरकार इसपर ध्यान नही दे रही हैं, जिससे किसानों का आक्रोश बढ़ रहा हैं। -रतन खोखर, प्रदेशमंत्री, किसान महांपचायत

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