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  • Farmer's Son Manmohan Gets Second Rank In RAS; Such Passion For Success That He Did Not Get Married, Selected For The Post Of RO In The Body, But Also Left That Job.

सफलता:किसान के बेटे मनमोहन को आरएएस में दूसरी रैंक; सफलता का ऐसा जुनून कि शादी नहीं की, निकाय में आरओ के पद पर चयन, लेकिन वो नौकरी भी छोड़ दी

टोंक17 दिन पहले
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पचेवर । माता पिता और अन्य परिजनों के साथ दूसरी रेंक प्राप्त मनमोहन शर्मा। - Dainik Bhaskar
पचेवर । माता पिता और अन्य परिजनों के साथ दूसरी रेंक प्राप्त मनमोहन शर्मा।
  • जिले के आठ युवाओं का आरएएस परीक्षा में चयन, किरावल के मनमोहन शर्मा ने रोजाना 10-12 घंटे पढ़ाई की

जिले के किरावल निवासी मनमोहन शर्मा और हाउसिंग बोर्ड के रहने वाले विकास प्रजापत ने राजस्थान प्रशासनिक सेवा परीक्षा में टॉप 10 में जगह बनाकर आरएएस का सपना देखने वालो युवाओं को एक प्रेरणा दी हैं। खासतौर पर प्रदेश में दूसरा हासिल करने वाले किसान के बेटे मनमोहन शर्मा जिन्होंने सुविधाओं में अभाव के बावजूद पिता की मेहनत को ही प्रेरणा मानकर यह सफलता हासिल कर जिले का नाम रोशन किया हैं।राज्य स्तर पर दूसरी रेंक हासिल करने पर 30 वर्षीय मनमोहन शर्मा ने बताया कि पारिवारिक स्थिति कमजोर होने के कारण पिता बजरंगलाल शर्मा उच्च अध्ययन नही कर सके।

लेकिन पिता की प्रेरणा और मेहनत से मनमोहन के दो भाई और दो बहने जिले के छोटे से गांव से निकल कर राज्य सरकार की सेवा में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। और मनमोहन भी आरएएस बनकर जनकल्याणकारी योजनाओं को आमजन तक पहुंचाकर लोक कल्याण का काम करेंगे। वही दूसरी ओर पीपलू के सीसोला गांव निवासी और हाल निवास हाउसिंग बोर्ड के विकास प्रजापत ने राज्यस्तरीय टॉप 10 में नवां स्थान हासिल कर जिले का मान बढ़ाया हैं। विकास का कहना हैं हुए उनके ताऊजी के प्रेरणा और पिता व दादा के आशीर्वाद से उन्होंने आरएएस की परीक्षा के दूसरे बार में यह सफलता हासिल की हैं।

उन्होंने कहा कि पहली बार 2016 में आरएएस एग्जाम देने के बाद सफलता नहीं मिलने पर प्रयास में रही कमियों को दूर कर 2018 के आरएएस की फिर से तैयारी की। उन्होंने उम्मीद थी वह टॉप 100 में शामिल होने लेकिन उम्मीद से बढ़कर उन्होंने टॉप 10 में जगह बनाई। दोनों ही घरों में रातभर से खुशी का माहौल है। आस-पडौसी सहित पहचान वालों की बधाइयां देने का सिलसिला मंगलवार देर रात से शुरु हो गया जो अभी तक बना हुआ है। प्रदेश में दूसरा स्थान हासिल करने के अलावा टॉप 10 में शामिल विकास प्रजापत सहित जिले में पीपलू के चार, पचेवर से और देवली से दो-दो अभ्यार्थियों ने आरएएस परीक्षा में सफलता हासिल की हैं।

बिना कोचिंग समर्पित भाव से की पढ़ाई आरएएस परीक्षा की राज्यस्तरीय दूसरी रैंक लाने वाले 30 वर्षीय मनमोहन शर्मा ने बताया कि करीब 7 साल पहले ग्रेज्युएशन के बाद से आईएएस और आरएएस बनने का लक्ष्य बनाया था। तैयारी के लिए कोई कोचिंग नहीं की। पीजी राजस्थान यूनिवर्सिटी से की। वहीं गुरुजनों से अच्छा मार्गदर्शन मिला और रोजाना दस से 12 घंटे पढाई की। सिविल सर्विसेज के लिए शादी तक नहीं की। इससे पहले मनमोहन 2016 में नगर निकाय में आरओ के पद पर चयनित हुए थे। लेकिन आईएएस या आरएएस बनना के लक्ष्य के साथ चलने वाले मनमोहन ने नौकरी को ज्वॉइन करके ही छोड़ दी थी। उसके बाद दो साल पहले वे आरएएस (एलायड) में चयनित हो गए। इससे पहले 2016 में राज्य प्रशासनिक सेवा भर्ती के प्रथम प्रयास उसका चयन हो गया था औ वर्तमान में वह दौसा रसद विभाग में प्रर्वतन निरीक्षक पद पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। अब आरएएस उनकी तीसरी नौकरी होगी।

सिलोला गांव के विकास की 9वीं रैंक पीपलू तहसील के सिसोला के रहने वाले 26 वर्षीय विकास प्रजापत के टॉप में नवां स्थान हासिल करने पर हाउसिंग बोर्ड स्थित उनके मकान पर उनके पहुंचने के बाद से पड़ोसियों से लेकर परिचितों का बधाइयां देने तांता लगा रहा। वर्तमान में उद्योग विभाग जयपुर में निरीक्षक के पद पर कार्यरत विकास तीन भाई-बहनो में सबसे बड़े हैं। दो बहनों में से एक बहन टीचर हैं तो छोटी बहन कॉलेज में फर्स्ट ईयर की स्टूडेंट हैं। पिता किशनलाल कुम्हार घाड़ सीनियर सेकेंडरी स्कूल में केमिस्ट्री लेक्चरर और ताऊजी भंवरलाल दूनी के सीनियर सैकंडरी स्कूल के प्रिंसिपल हैं। विकास का लक्ष्य हैं कि निष्पक्ष रूप से लोगों की सेवा करना और पीड़ितों को न्याय दिलाया जाए। अब तक उनके परिवार में शिक्षक ज्यादा थे लेकिन परिवार में बेटा प्रशासनिक अफसर बन गया हैं।

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