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किसानों की चिंता:पहले अतिवृष्टि से नुकसान, अब बाजरा, मक्का की फसलों पर लगा फड़का, कर रहा नुकसान

टोंक15 दिन पहले
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टोंक। डारड़ाहिंद गांव के पास ज्वार की फसल में हुआ नुकसान (ऊपर), खेत में ज्वार की फसल को चट करता फड़का। - Dainik Bhaskar
टोंक। डारड़ाहिंद गांव के पास ज्वार की फसल में हुआ नुकसान (ऊपर), खेत में ज्वार की फसल को चट करता फड़का।
  • फड़के के कारण चौपट होती खरीफ की फसल से मवेशियों के लिए चारे की चिंता

राकेश पालीवाल | खरीफ की फसल में लगे फड़का कीट ने किसानों की चिंता बढ़ा दी हैं। किसानों के अनुसार ज्वार-बाजरे व मक्का की चौपट होती फसल से मवेशियों के लिए चारे की चिंता बढ़ जाएगी। फड़के से परेशान किसान फसलों को बचाने की जुगत में लगे हैं। हालांकि कृषि विभागीय अधिकारी फिलहाल फड़के का आंशिक ही प्रकोप मान रहे है।

उल्लेखनीय है कि देर से आए मानसून के बावजूद जिले में 2.67 लाख 467 हैक्टेयर में खरीफ की बुवाई की गई। अगस्त की शुरुआत में हुई अच्छी बारिश के चलते किसानों को उम्मीद बंधी कि इस बार जमाना अच्छा होगा। इसका असर यह हुआ कि जिले के सभी तालाब व बांध भी लबालब हो गए। बावजूद अतिवृष्टि ने अच्छे जमाने की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। जबकि इस बार औसत से कहीं ज्यादा बारिश का अनुमान था। इसकी वजह शुरूआत में तो झमाझम बारिश के दौर चले लेकिन उसके बाद एकाएक मानसून सुस्त पड़ गया। इसके बाद सुस्त पड़े मानसून के चलते फसलें दमतोड़ने लगी।

बुवाई पर किसानों ने खर्च कर दिए 100 करोड़ रुपए जिले में 2.67 लाख हेक्टेयर से अधिक पर किसानों ने बुवाई की है। इस बुवाई पर किसानों ने करीब 100 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च कर दिए। मेहंदवास निवासी सूरज यादव, विष्णु आदि किसानों का कहना है कि पूर्व में समय से मानसून नहीं आने से शुरुआती दिनों में खरीफ की बुवाई समय से नहीं हो सकी। बीच में जिले में नियमित रूप से हो रही बारिश से किसानों की उम्मीदों की फसल पर पानी फिर गया है। अब फड़का कीट फसलों को नुकसान पहुंचा रहा है।

किसान बोले-मवेशियों के लिए चारे की चिन्ता सावन माह में लगातार हुई बारिश के बाद अधिकांश फसलें गलकर नष्ट हो गई। जिला मुख्यालय समेत उनियारा, दूनी, निवाई व देवली आदि क्षेत्रों में बारिश ने फसलों को नुकसान पहुंचाया। अब शेष बची फसलें फड़के की चपेट में है। डारडाहिंद निवासी एवं सीआर सुनिता चौधरी, रामावतार आदि ने बताया कि बारिश की मार से बची फसलों को अब फड़का चौपट करने में लगा हैं।

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