तर्पण:गुर्जर समाज ने दीपावली पर वेलड़ी पूजन कर तर्पण दिया

टोंक24 दिन पहले
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टोंक | गुर्जर समाज के लोगों ने किया छांट भरने की परंपरा का निर्वहन। - Dainik Bhaskar
टोंक | गुर्जर समाज के लोगों ने किया छांट भरने की परंपरा का निर्वहन।
  • जिलेभर में विभिन्न समाज के लोगों ने भी निभाई परंपरा

दीपावली पर विभिन्न समाज की ओर से अलग-अलग तरीके इस त्यौहार की शुरुआत की जाती हैं। हर साल दीवाली की सुबह गुर्जर समाज की ओर से छांट भरने की परम्परा इसी का एक उदाहरण हैं। दरअसल हर साल गुर्जर समाज के लोग जलाशयों में छांट भरकर अपने पूर्वजों को याद करते हैं। गुरुवार को भी दीवाली पर जिला मुख्यालय पर चतुर्भुज तालाब व बनास नदी सहित जिलेभर में गुर्जर समाज के लोगों ने परम्परानुसार रस्म निभाकर अपने-अपने पूर्वजों की याद में अग्नि के सामने पितरों के भोग लगाने के बाद आवश्यक सामग्री से समाज के बड़े-बुढ़ों के अलावा युवा और बच्चों ने छांट भरने की परम्परा का निर्वहन कर पूर्वजों की शांति के लिए प्रार्थना की।

जिला मुख्यालय अलावा मेहंदवास, महुआ, घांस, तालिबपुरा, अमीनपुरा, सण्डीला, बमाेर, हरचंदेडा आदि जिले के कई गांवों में भी समाज के लोगों ने जलाशय किनारे पहुंचकर कुटुंब के साथ सामूहिक रुप से छांट भरकर अपने पूर्वजों को याद किया। विदित रहे इस परम्परा के निवर्हन के बाद ही समाज के लोग दीपावली के त्यौहार की शुरूआत करते हैं। पीढ़ियों से चली आ रही परंपरा के निर्वहन करते हुए समय जिस गोत्र में जितने भी सदस्य हैं, चाहे वह नवजात बच्चा हो, उसे भी छांट भरने की रस्म में शामिल किया जाता है। यहां सभी एक बेल बना कर पितरों को उन्हें याद कर विधि पूर्वक भोग लगाने के बाद पंक्तिबद्ध होकर अपने पित्रों (पूर्वजों) के प्रति श्रद्धापूर्वक याद करते हैं।

पितरों को दिया तर्पणदेवली/नासिरदा| उपखंड क्षेत्र के चांदली गांव में एवं नासिरदा उपतहसील मुख्यालय समेत बीजवाड,थांवला मालेड़ा, डाबर, कला में दीपावली पूजन की सुबह गुर्जर समाज के लोगों ने सरोवर के किनारे जाकर अपने पूर्वजों (पितरो) को याद करते हुए उनको तर्पण किया।मालपुरा| गुर्जर समाज के लोगों ने दीवाली के अवसर पर परंपरागत छांट भरने की परंपरा निर्वहन किया। समाज के लोगों ने अपने अपने क्षेत्र के जलाशयों के किनारों पर एकत्रित होकर पूर्वजों को जलांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया तथा भोग प्रसादी व धूप ध्यान कर सुख शांति की अरदास लगाई।

मालपुरा शहरी क्षेत्र सहित भवानीपुरा, तिलांजू सहित तमाम गांव कस्बों व शहर में छांट भरने के कार्यक्रम आयोजित हुए जहां पूर्वजों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। टोडारायसिंह | दीपावली के पावन पर्व पर तहसील भर में गुर्जर समाज व बैरवा समाज के लोगों ने अपने अपने पूर्वजों की याद में सुबह सरोवरों के तट पर पहुंच कर छांट भरने की श्रद्धा पूर्वक परम्परा निभाई। टोडा शहर के गुर्जर समाज के लोग नए-नए परिधान पहन कर बडी संख्या में राठौडिया तालाब के पास सरोवर पर फलके व खीर लेकर पहुंचे।

जहां पर सरोवर के किनारे परम्परानुसार आंधी झाड़ा के पौध की लंबी बेल बनाकर कतार से उस पर भोग लगाया तथा अपने पूर्वजों का नाम लेकर याद करते हुए तर्पण किया। वहीं जैथलिया गांव में दीपावली त्योहार पर बैरवा समाज के लोगों ने नदी के किनारे पानी में छांट भरकर पूर्वजों को याद किया।उनियारा| दीपावली पर गुर्जर समाज की ओर से तहसील क्षेत्र के कई गांवों में गुरुवार को सुबह तालाबों पर पहुंच कर छांट भरने की रस्म निभाई गई।

पीपलू / मोर| उपखंड क्षेत्र में पूर्वजों को याद करने की परंपरा के चलते गुर्जर, मीणा, बैरवा समाज के लोगों द्वारा दीपावली के अवसर पर छांट भरने की रस्म अदा की गई।बस्सी गांव में पोसवाल गौत्र के लोगों ने भरी छांटनिवाई/जामडोली| गांव बस्सी की सार्वजनिक नाडी में गुर्जर समाज के पोसवाल गौत्र के लोगों ने दीपावली के दिन अपने पितरों का तर्पण कर वंश वृद्धि की कामना कर अपने पूर्वजों को याद किया। श्री देवनारायण मंदिर ट्रस्ट के मीडिया प्रभारी बाबूलाल पोसवाल बस्सी ने बताया कि पूर्व के समय में तिथियों का ध्यान नहीं रहता था। दीपावली बड़ा त्यौहार है। तिथियों में गड़बड़ी न हो इसलिए यह दिन चुना गया।

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