नवरात्रि आज से:यहां मुख स्वरूप में विराजीं हैं जलदेवी मां, मुख पर सात बहनों के एक साथ दर्शन

टोंक20 दिन पहले
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टोडारायसिंह | मां जलदेवी की मूर्ति में सातों बहनों के दर्शन। - Dainik Bhaskar
टोडारायसिंह | मां जलदेवी की मूर्ति में सातों बहनों के दर्शन।
  • टोडारायसिंह के बावड़ी गांव में माता के मंदिर में 125 साल से अखंड ज्योत, मान्यता... लकवा रोगी होते हैं तंदुरुस्त

उपखंड की ग्राम पंचायत बावड़ी में क्षेत्र की आराध्य देवी मां जलदेवी की ऐसी पहली मूर्ति है, जिसमें सातों बहनें एक साथ मंडित है। यह मूर्ति 125 साल पूर्व गांव के उमासागर तालाब के पास स्थित कुएं के जल से निकलने से जलदेवी नाम से सर्वत्र विख्यात है। नवरात्रि में सभी सातों बहनों का रोज अलग अलग सोलह शृंगार किया जाता है। माता के दरबार में बिना झाड़ फूंक के परिक्रमा करने व सपडाव लेने मात्र से पक्षाघात सहित कई असाध्य रोगी स्वस्थ्य होकरजाते है।

किंदवंती...दुर्गा मां ने दर्शनों में कहा- मेरी प्रतिमा की दुर्वस्था से यहां दूर्भिक्ष पड़ाइतिहासविज्ञों के प्रमाण के अनुसार प्राचीन समय में यहां भयंकर दूर्भिक्ष पड़ा और दैविक प्रकोप से बीमारी फैली। इसमें काफी संख्या में व्यक्ति मारे गए। इस भयंकर बीमारी के तूफान से गांव एक तरह से श्मशान भूमि बन गया था।

सिंहवाहिनी भगवती श्री दुर्गा ने अपने साक्षात स्वरूप का अर्द्ध-रात्रि में एक व्यक्ति को दर्शन देकर बताया था कि मेरी प्रतिमा इस ग्राम के दक्षिण स्थित कुएं है जो उमासागर जलाशय के सन्निकट है, अर्से से जलमग्न है। इस गांव की दुर्दशा मेरी प्रतिमा की दुर्वस्था के कारण हुई है। अब जन कल्याणार्थ मेरी प्रतिमा को इस कुएं में से निकाल कर स्थापित करो। तब एक चबूतरा बना कर मूर्ति स्थापित की गई थी। कुएं के जल में से निकली इसलिए इस देवी दुर्गा मां जलदेवी नाम से विख्यात है। जहां अब भव्य मंदिर बना हुआ है।

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