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  • If There Is No Good Rain In September, Not Only Irrigation, But After March Next Year, There May Be A Drinking Water Crisis In Tonk, Jaipur And Ajmer.

बीसलपुर बांध में पानी का कम गेज देख चिंता बढ़ी:सितंबर में अच्छी बारिश नहीं हुई तो सिंचाई ही नहीं अगले साल मार्च के बाद टोंक, जयपुर और अजमेर में मंडरा सकता है पेयजल संकट

टोंक22 दिन पहले
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टोंक। बीसलपुर बांध। - Dainik Bhaskar
टोंक। बीसलपुर बांध।
  • बैठक में पानी कटौती का निर्णय, सिंचाई का पानी इस बार भी मिलना मुश्किल

एम.असलम | जिले में इस बार अब तक सामान्य से अधिक बारिश होने के बावजूद अगले वर्ष मार्च के बाद पानी संकट की स्थिति टोंक, अजमेर व जयपुर में मंडरा सकती है। सितंबर माह में मानसून में बारिश कम होने के कारण चिंताएं बढ़ती जा रही है। इसका असर अब प्रदेश स्तरीय अधिकारियों के समक्ष नजर भी आने लगा है।गत दिनों जयपुर में संबंधित अधिकारियों की आयोजित बैठक में बीसलपुर बांध से पानी की सप्लाई में कटौती के मामले में चर्चा के साथ ही 15 सितंबर से पानी में कटौती किए जाने पर विचार किया गया है। साथ ही कटौती पर कार्रवाई भी अमल में आती नजर आने लगी है। आगे क्या स्थिति रहेगी। एक निश्चित समय के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। लेकिन पिछले कई वर्षों का सितंबर माह में बारिश का आंकड़ा देखे, तो वो कम ही रहा है।

ऐसे में स्पष्ट होने लगा है कि यहीं स्थिति रही, तो बीसलपुर बांध से पर्याप्त पानी सप्लाई होना आसान नहीं होगा। गत वर्ष सितंबर 2020 में बीसलपुर बांध में 313.51 आरएल मीटर पानी था। गत वर्ष 0.93 सेंटीमीटर पानी की आवक हुई थी। उस समय ये अनुमान लगाया गया था कि बीसलपुर बांध से दिसंबर 2021 तक पानी सप्लाई में कोई परेशानी नहीं होगी। लेकिन गत वर्ष के मुकाबले बीसलपुर बांध में पानी का गेज काफी कम हैं।वर्तमान में बांध का गेज 310.62 आरएल मीटर पानी मौजूद है। जून 2021 में पानी का न्यूनतम स्तर 309.36 रहा तथा इस मानसून सत्र में अब तक सबसे अधिक पानी का स्तर 310.82 आरएल मीटर तक रहा है। ऐसे में पानी संकट की स्थितियों के संकेत स्पष्ट है। लेकिन अभी अधिकारियों को सितंबर माह से काफी उम्मीद बंधीहुई है।बीसलपुर परियोजना के अधीक्षण अभियंता वीएस सागर का कहना है कि मानसून सत्र समाप्त नहीं हुआ है।

सितंबर माह के बाद ही क्या स्थिति रहेगी, उसका आंकलन किया जाएगा। फिलहाल सितंबर में अच्छी बारिश की उम्मीद हैं। कब तक पानी सप्लाई हो सकता है, इसका स्पष्ट अंदाज़ा अक्टूबर में स्पष्ट हो सकता है।बीसलपुर बांध परियोजना के अधिशासी अभियंता मनीष बंसल ने बताया कि इस बार मानसून सत्र में अब तक बांध में 5.4 टीएमसी पानी की आवक हुई है। प्रतिदिन 900 एमएलडी पानी की दिया जाता है। पानी की कटौती आदि के संबंध में उच्च स्तर पर पीएचईडी के अधिकारी ही तय करते हैं। बीसलपुर बांध से करीब एक सेंटीमीटर पानी प्रतिदिन सप्लाई होता है।

2019 की बारिश का असर 21 तक रहा जिले में 2020 में मानसून सत्र में बारिश कम हुई थी। लेकिन 2019 में हुई अच्छी बारिश का असर 2020 के बाद 2021 तक रहा। लेकिन इस बार बांध का गेज कम होने के कारण स्थिति चिंताजनक दिखाई देने लगी है। जबकि बीसलपुर बांध से 2019 में अच्छी बारिश के कारण करीब 63 दिनों तक पानी छोड़ना पड़ा था। यानी की 93 टीएमसी पानी छोड़ा गया। 2020 में बीसलपुर बांध में 0.93 सेंटीमीटर पानी की आवक हुई। लेकिन 2019 में हुई अच्छी बारिश के कारण बीसलपुर बांध का गेज 313.51 सितंबर 2020 तक रहा तथा 2021 दिसंबर तक पानी सप्लाई में किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं होने की स्थिति रही। हालांकि गत वर्ष बीसलपुर बांध में पानी कम आने के कारण सिंचाई का पानी नहीं दिया गया था। इस बार भी सिंचाई का पानी दिया जाना मुश्किल है। साथ ही अगले वर्ष मार्च के बाद पीने के पानी का संकट मंडराने की संभावनाएं भी बनने लगी है।

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