पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Rajasthan
  • Jaipur
  • Tonk
  • In Order To Keep The Nandis Safe, The Gehlot Government Had Announced The Opening Of Nandi Gaushala At Every Panchayat Level, But So Far The Committees Of Two Gaushalas Have Agreed.

संस्थाओं की नंदी गोशाला में नहीं रुचि:बैलों को सुरक्षित रखने के लिए प्रत्येक पंचायत में गोशाला खोलने की घोषणा पर नहीं हुआ काम, अभी तक दो गोशाला की समितियों ने जताई सहमति

टोंक8 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
गो शाला में रखी गायें। - Dainik Bhaskar
गो शाला में रखी गायें।

आवारा घूमते रहते नंदियों के संरक्षण के लिए गहलोत सरकार की ओर से प्रत्येक पंचायत मुख्यालय पर खोले जाने वाली नंदी गौशाला अभी तक मूर्त रूप ले नहीं ले पाई है। करीब डेढ़ साल बाद भी जिले में एक भी नंदी गौशाला नहीं खुली है। ऐसे में सरकार की प्रत्येक पंचायत स्तर पर नंदी गौशाला खोलने की घोषणा ठंडे बस्ते में है। इसके चलते जिले में अभी यह नंदी आवारा घूमते रहते हैं। जो दुर्घटना का सबब बने हुए हैं।

याद रहे कि तत्कालीन वसुंधरा सरकार ने भी नंदी गौशाला खोलने की घोषणा की थी। लेकिन इन्वेस्टमेंट व गौशाला में रखे जाने वाली नंदियों की संख्या काफी अधिक (500) होने से कोई संस्थाएं आगे नहीं आई थीं। उसके बाद सरकार बदल गई और अशोक गहलोत के नेतृत्व में राजस्थान में कांग्रेसनीत सरकार बनी। इस सरकार के गोपालन मंत्री प्रमोद जैन भाया ने करीब डेढ़ साल पहले प्रत्येक पंचायत स्तर पर नंदी गौशाला खोलने घोषणा की थी। इसके संचालन के लिए लागत का 50 अनुदान देने की घोषणा की थी। लेकिन इसके लिए भी अभी तक जिले में दो संस्थाओं को छोड़कर कोई आगे नहीं आया है।

इसलिए नहीं दिखा रहे हैं रुचि

जानकारी के अनुसार नंदी गौशाला के पास 25 बीघा जमीन होनी चाहिए और 500 नंदी रखने होंगें। इसके अलावा मापदंड पूरे करने होंगे, जो सरकार ने तय किए हैं। संस्थाएं या लोग जमीन व नंदियों की संख्या को देखकर ही हाथ पीछे खींच रहे हैं।

दूनी व देवली को गौशालाओं ने दी सहमति

पशुपालन विभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर मक्खन लाल दिनोदिया ने बताया कि सरकार की मंशा के अनुरूप जिले में नंदी गौशाला खोलने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए अभी तक दोनों देवली की गौशालाओं में सहमति दी है।

नंदी गोशाला खोलने के प्रयास जारी

सर्व जीव दया गोसेवा पर्यावरण संरक्षण ट्रस्ट गौशाला दूनी के सेक्रेटरी ओमप्रकाश मेहरा ने बताया कि नंदियों की रखने की संख्या व 25 बीघा जमीन की अनिवार्यता से लोग नंदी गोशाला खोलने से पीछे हट रहे हैं।

खबरें और भी हैं...