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  • In The First Meeting Of The New Board Of The General Assembly Of The Zilla Parishad, MP Jaunapuria, Todarai Singh, MLA Chodhari Had A Heated Argument With SP, DSP On Illegal Gravel Mining And Law And Order.

जिला परिषद बोर्ड मीटिंग में जनप्रतिनिधि-पुलिस अधिकारी आमने-सामने:बजरी खनन में पुलिस की मिलिभगत बताने पर DSP चंद्र सिंह रावत और MLA कन्हैया लाल चौधरी में हुई बहस, फिर SP ओमप्रकाश और MP जौनपुरिया में हुई तकरार

टोंकएक महीने पहले
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जिला परिषद की बैठक में मौजूद सदस्य। - Dainik Bhaskar
जिला परिषद की बैठक में मौजूद सदस्य।

जिला परिषद के नए बोर्ड की बुधवार को हुई पहली मीटिंग हंगामे की भेंट चढ़ गई। अवैध बजरी खनन व कानून व्यवस्था को लेकर सांसद सुखबीर सिंह जौनापुरिया की एसपी ओमप्रकाश से तो टोडारायसिंह विधायक कन्हैया लाल चौधरी की टोंक डीएसपी से जोरदार बहस हुई।

हालत यह हो गई कि दोनों ओर से व्यक्तिगत टोका टिप्पणी भी की गई। उधर इस हंगामे और व्यक्तिगत आरोपों से आहत जिला प्रमुख सरोज बंसल ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। बैठक में जिला प्रमुख के अलावा सांसद, निवाई व टोडारायसिंह एमएलए, कलेक्टर, एसपी, टोंक डीएसपी, समेत प्रधान भी मौजूद थे।

ज्ञात रहे कि करीब छह माह बाद बुधवार को पहली बार जिला परिषद के नए बोर्ड की बैठक जिला प्रमुख सरोज बंसल की अध्यक्षता में हुई। दोपहर करीब पौने बारह बजे शुरू हुई इस बैठक में पचेवर कस्बे के जिला परिषद सदस्य समेत कुछ अन्य सदस्यों ने कानून व्यवस्था व अवैध बजरी खनन को लेकर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए।

पचेवर थाना प्रभारी के खिलाफ निंदा

बैठक में सदस्यों ने पुलिस की मिलीभगत से अवैध बजरी खनन होना बताया। इस पर एसपी ओमप्रकाश के प्रतिनिधी के रूप में बैठक में आए टोंक डीएसपी चंद्र सिंह रावत ने आपत्ति जताते हुए जनप्रतिनिधियों को टोका।

इस पर टोडारायसिंह एमएलए कन्हैया लाल चौधरी बोल पड़े। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि सही बात कह रहे हैं। इस दौरान एमएलए और डीएसपी के बीच काफी बहस हुई। इस पर सांसद सुखबीर सिंह जौनपुरिया भी पीछे नहीं रहे और डीएसपी से कहा कि एमएलए से बोलने सलीका होना चाहिए। वे जनप्रतिनिधि हैं। उनकी बात को तवज्जो देनी चाहिए।

सांसद ने डीएसपी से यह भी कहा कि बैठक में आपको नहीं आना चाहिए। एसपी को आना चाहिए। इस घटनाक्रम का पता एसपी को लगा तो वे कुछ देर बार बैठक में आ गए। उनके आते ही सांसद ने अखबारों में प्रकाशित खबरों का हवाला देते हुए अवैध बजरी खनन और कानून व्यवस्था पर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए।

इसको लेकर एसपी ओमप्रकाश भी नाराज हो गए और सांसद के आरोपों को झूठा बताते हुए पुलिस की सख्ती की वजह से ही बजरी खनन पर अंकुश लगना बताया। साथ ही कानून व्यवस्था सही होने से अन्य जिलों के मुकाबले टोंक की स्थिति बेहतर होने की बात कही। इसको लेकर सांसद और एसपी के बीच काफी बहस हुई।

मादक पदार्थो को बिक्री के लिए पुलिस को जिम्मेदार बताया

एसपी के बैठक में आने के बाद सांसद सुखबीर सिंह जौनापुरिया ने ज़िले की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ज़िले में खुलेआम चरस,गांजा, अफीम की बिक्री हो रही है। इसके लिए एसआईटी की गठित टीम कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। इस पर एसपी ओम प्रकाश ने जवाब देते हुए कहा कि ऐसी कोई टीम गठित नहीं की गई है, ज़िले की कानून व्यवस्था दुरुस्त है।

बैठक में जनप्रतिनिधि
बैठक में जनप्रतिनिधि
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