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बैठक में तू-तू, मैं-मैं:जिला परिषद की बैठक में कानून व्यवस्था के मुद्दे पर पहले विधायक-डीएसपी बाद में सांसद और एसपी में तू-तू, मैं-मैं

टोंक24 दिन पहले
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टोंकl जिला परिषद की बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधि और अधिकारीl - Dainik Bhaskar
टोंकl जिला परिषद की बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधि और अधिकारीl

पंचायतराज के चुनाव के बाद जिला परिषद की पहली साधारण सभा की बैठक बुधवार को जिलाप्रमुख सरोज बंसल की अध्यक्षता में आयोजित की गई। लेकिन शुरुआत में कलेक्टर-एसपी सहित अन्य अधिकारियों के नही आने और फिर सांसद व मालपुरा-टोडा विधायक और डीएसपी वही इसके बाद सांसद और एसपी के बीच कानून व्यवस्था और जनप्रतिनिधियों की अनदेखी के मामले में हुई बहस के कारण बैठक का ज्यादातर समय हंगामे की भेंट चढ़ गया।दूसरी ओर हंगामे और एक-दूसरे पर लगे आरोपों से आहत जिलाप्रमुख सरोज बंसल ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया।

जिला परिषद सदस्यों के चुनाव और जिला परिषद नए बोर्ड के गठन के करीब आठ माह बाद बुधवार को जिलाप्रमुख सरोज बंसल की अध्यक्षता में हुई पहली बार बैठक में शुरुआती औपचारिकता के बाद सबसे पहले डीआर छोगालाल गुर्जर ने अपने क्षेत्र में अजमेर बॉर्डर के पास स्थित गांव में एएनएम नही होने की शिकायत करते हुए कलेक्टर-एसपी के बैठक नही आने पर सवाल उठाया। जिसके बाद अन्य बिंदुओं पर चर्चा होने के दौरान डीआर भरतराज के पचेवर थानाधिकारी पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की।निवाई विधायक प्रशांत बैरवा अपने विधानसभा क्षेत्र में स्मैक आदि नशे के कारोबार पर रोक की मांग की।

मालपुरा और निवाई के विधायकों सहित जनप्रतिनिधियों ने जिलेभर में नशे के कारोबार और बजरी परिवहन पर अंकुश लगाने लगाने सहित चालान के नाम पर आम जनता को परेशान करने का पुलिस पर आरोप लगाया गया, लेकिन इसके बाद शुरु पुलिस अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के बीच कानून व्यवस्था को लेकर जो तीखी तकरार हुइ। वही जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच एक-दूसरे पर निजी हमलों के बाद जिलाप्रमुख सरोज बंसल ने कहा कि बैठक में टीका टिप्पणी पर्सनल टीका टिप्पणी में बदल गई जो नही होना चाहिए था। क्योंकि विकास की बात पर ही बात होनी चाहिए।एसपी-सांसद ने बताई ताकतमैं भी एक जिले का पुलिस चीफ हूं : बहस के दौरान जब एसपी ने सांसद को कहा कि मैं आपको बानसूर से जानता हूं इस पर सांसद बिफर गए और कहा मैं पहले खेत नहीं जोतता और ना ही मेरे मां-बाप भीख मांगते हैं।

इसपर एसपी ने कहा कि मेरे भी मां-बाप भीख नही मांगते थे। बाद में सांसद ने कहा कि मैं मैंबर ऑफ पार्लियामेंट और इसपर एसपी ने कहा मैं भी एक जिले का पुलिस चीफ़ हूं। एसपी ने कहा कि बजरी खनन पर अंकुश लगाने सहित कानून व्यवस्था सही होने के मामले में टोंक जिले की स्थिति बेहतर हैं। हेलमेट के चालान पर रोक लगाने से इंकार कर दिया।अवैध बजरी खनन पर उठाए सवालजिला परिषद साधारण सभा की बैठक में एसपी के प्रतिनिधी के रुप में आए डीएसपी चंद्रसिंह रावत ने जनप्रतिनिधियों से पचेवर थाने में बीते कुछ दिनों पर स्थानांतरण की बात कही। इसपर टोडा-मालपुरा विधायक कन्हैयालाल चौधरी ने जनप्रतिनिधियों के आरोपों को सही बताते हुए डीएसपी काे जानकारी नही होने पर शांत रहने की नसीहत दी और तो डीएसपी ने भी उन्हें सलीके से बात करने को बोला। इसके बाद एमएलए और डीएसपी के बीच काफी बहस हुई।

बाद सांसद सुखावीर सिंह जौनपुरिया भी पीछे नहीं रहे और डीएसपी से कहा कि एमएलए से बोलने सलीका होना चाहिए। वही के मीटिंग में एसपी की गैर मौजूदगी में बैठक में डीएसपी होने पर सवाल उठाते हुए उन्हें बाहर जाने तक बोल दिया। बाद में बैठक में पहुंचे एसपी कानून व्यवस्था व अपराध नियंत्रण में प्रदेश में अच्छा काम करने की बात कही। लेकिन सांसद ने एक अखबार में प्रकाशित खबरों का हवाला देते हुए अवैध बजरी खनन और कानून व्यवस्था पर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठा दिए। सांसद द्वारा कानून व्यवस्था पर सवाल उठाने काे एसपी ने नाराजगी जाहिर करते हुए सांसद के आरोपों को सिरे से नकार दिया।

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